December 10, 2022 6:37 am
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कांग्रेस का सुरजेवाला पर दांव, कृष्ण मिड्ढा को मैदान में उतारकर कांग्रेस ने खेला मास्टर स्ट्रोक

jind कांग्रेस का सुरजेवाला पर दांव, कृष्ण मिड्ढा को मैदान में उतारकर कांग्रेस ने खेला मास्टर स्ट्रोक

जींद। जींद उपचुनाव में भाजपा की तरफ से पूर्व इनेलो विधायक डॉ. हरिचंद के बेटे कृष्ण मिड्ढा को मैदान में उतारने के बाद कांग्रेस ने जाटलैंड में मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है। कांग्रेस ने कैथल से विधायक व एआईसीसी मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला को चुनावी दंगल में उतारा है। कांग्रेस की ओर से देर रात एआईसीसी महासचिव मुकुल वासनिक ने रणदीप को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा की। बड़े ही नाटकीय घटनाक्रम में रणदीप सुरजेवाला को प्रत्याशी बनाया गया। रात करीब दस बजे तक कलायत के निर्दलीय विधायक जयप्रकाश के बेटे विकास का टिकट हर कांग्रेस नेता पक्का मानकर चल रहा था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी एक ही नाम का पैनल भेजा गया था। मगर, राहुल सशक्त उम्मीदवार ही मैदान में उतारने पर अड़ गए। जिससे न तो पूर्व सीएम हुड्डा की चली और न ही कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर की।

jind कांग्रेस का सुरजेवाला पर दांव, कृष्ण मिड्ढा को मैदान में उतारकर कांग्रेस ने खेला मास्टर स्ट्रोक

बता दें कि अब जींद चुनाव सीधे रणदीप बनाम सरकार हो गया है। चूंकि, सुरजेवाला की गिनती जहां बड़े कांग्रेस नेता के तौर पर होती है, वहीं उन्हें राहुल गांधी का बेहद करीबी भी माना जाता है। रणदीप सुरजेवाला को विधानसभा चुनाव से पहले अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। कांग्रेस में टिकट के लिए लंबी माथामच्ची हुई। बुधवार को दिल्ली में जींद उपचुनाव के लिए पर्यवेक्षक केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में तीन दौर की बैठकें हुईं। एक बार सुबह और दो बार शाम को। वेणुगोपाल के साथ पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर, सीएलपी नेता किरण चौधरी, राज्य सभा सांसद कुमारी सैलजा, एआईसीसी मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव भी बैठकों में शामिल हुए।

वहीं इनेलो अपना उम्मीदवार बुधवार को भी तय नहीं कर पाई। गुरुवार को नामांकन का अंतिम दिन है और इनेलो ने सुबह दस बजे प्रत्याशी के नाम का एलान करने का फैसला लिया है। जननायक जनता पार्टी भी अपना उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है। इनेलो और जजपा की निगाहें एक-दूसरे के उम्मीदवार पर लगी हुई हैं। चौटाला परिवार में टूट के बाद इनेलो को बड़ा झटका लगा है। अब देखना यह है कि जींद के दंगल में चुनावी रण अजय बनाम अभय के परिवार में होता है, या फिर अन्य चेहरों पर दांव लगाया जाता है। गुरुवार को अंतिम दिन होने के कारण नामांकन की भी मारामारी रहेगी। चूंकि, चारों दलों के प्रत्याशियों को तीन बजे से पहले पर्चा दाखिल करना होगा।

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