September 18, 2021 9:08 am
featured यूपी

लखनऊ: कल तक जो कोरोना योद्धा थे, आज हक मांगने पर उन्ही पर मुकदमें हो रहे है-कांग्रेस

लखनऊ: कल तक जो कोरोना योद्धा थे, आज हक मांगने पर उन्ही पर मुकदमें हो रहे है-कांग्रेस

लखनऊ: यूपी में एंबुलेंस कर्मी पिछले एक हफ्ते से हड़ताल पर थे सरकार उनकी मांगें मानने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है। सरकारी की तानाशाही रवैए को दिखाता है। 23 जुलाई से प्रदेश के सभी जिलों में 102-108 एंबुलेंस के सभी कर्मचारी ने अपनी मांगे रखते हुए प्रदर्शन का आगाज किया था। शुरू के तीन दिन यह हड़ताल सांकेतिक थी लेकिन बाद चालकों ने कई जिलों में चक्का जाम कर दिया।

कर्मचारियों का शोषण हो रहा-कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता सुधांशु बाजपेयी ने कहा सिर्फ एंबुलेंस सेवा ही नहीं उप्र में पूरे स्वास्थ्य विभाग को ठेके पर चलाया जा रहा है। हर विभाग में कंपनियां कर्मचारियों का शोषण कर रहीं हैं। इन कर्मचारियों की सुनने वाला कोई नहीं है। निजीकरण से स्वास्थ्य सुविधाएं महंगी हो रही है। जनता और कर्मचारियों का एक साथ शोषण हो रहा है।

योगी सरकार कर रही शोषण-कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि सरकार जिम्मेदार है, सरकार हस्तक्षेप कर कर्मियों को न्याय दिलाने के बजाय कंपनी के साथ दे रही है। एंबुलेंस कर्मियों के लिए न्याय की उम्मीद बेईमानी हो जाती है। जबकि पिछले कई महीनों से वेतन और तमाम अन्य सुविधाएं न मिलने की शिकायत कर्मी कंपनी के साथ ही सरकार से भी कर रहे थे, न कंपनी ने सुनीं न सरकार ने अंततः विवश होकर उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा।

कोरोना योद्धाओं पर हक मांगने पर मुकदमा-कांग्रेस

प्रवक्ता ने आगे कहा कल तक जो कोरोना योद्धा थे, हक मांगने पर उन्हीं पर मुकदमे और एस्मा लगाया जा रहा, योगी सरकार में हक की बात करना गुनाह हो गया है। योगी सरकार के अहंकार के चलते ही उप्र की जीवनधारा 108 और 102सेवा थम गयी है। सरकार संवाद के बजाय दमन पर उतारू है। दमन का रास्ता तानाशाही की ओर ले जाता है। एंबुलेंस कर्मियों की बात सुनने के बजाए योगी सरकार उनको डरा धमका रही है, योगी सरकार का योगी सरकार यह रवैया असंवेदनशील है।

एंबुलेंस कर्मियों के प्रति बर्ताव से स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति सरकार की संवेदनहीनता का पता चलता है, लोकतंत्र और व्यवस्था की बेहतरी का रास्ता कर्मचारियों से संवाद कर समस्याओं के हल से निकलेगा, दमन से नही। सरकार अहंकार त्यागे, एंबुलेंस कर्मियों की बात सुने। स्वास्थ्य विभाग ही नहीं स्वस्थ लोकतंत्र के लिए भी यह जरूरी है।

Related posts

पहाड़ों की बर्फबारी से बढ़ी कई राज्यों में कड़ाके की ठंड

Rani Naqvi

Hathras Gangrape Latest: अवनीश अवस्थी व डीजीपी पहुंचे पीड़िता के गांव, राहुल भी तैयार

Trinath Mishra

उठा-पटक के बीच बाजार ने हफ्ते की सपाट क्लोजिंग की, निफ्टी आज 10900 के पार ही बंद हुआ

Rani Naqvi