राजस्थान चुनाव में नजर आएंगे हार्दिक पटेल कहा यें…

नई दिल्ली। राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव का विगुल अब बज चुका हैं और बीजेपी और कांग्रेस दोनो ंकी ओर से चुनाव की तैयारियां होने लगी हैं और इसी बीच एक बड़ी खबर हार्दिक पटेल को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई हैं जो राजस्थान की राजनीति में उथक पथल मचा देगा। बता दे कि राजस्थान में हार्दिक पटेल की ओर से कहा गया हैं कि वो राजस्थान में कांग्रेस के साथ खड़े हैं।

डांगी-पटेल-पाटीदार आरक्षण आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक हार्दिक पटेल ने कहा कि राजस्थान के मौजूदा हालात को देखते हुए यहां पर कांग्रेस को सभी वैमनस्यता मिटाकर एकजुट होने की जरूरत है। मैंने गुजरात में कांग्रेस के साथ पर्दे के पीछे रहकर जनता के हितों के लिए काम किया, राजस्थान में भी ऐसा ही करूंगा, मैं अब जनता का एजेंट बन चुका हूं।
राष्ट्रीय संयोजक हार्दिक पटेल ने यह बात बुधवार शाम शोभागपुरा सर्कल स्थित रेस्तरां में पत्रकारों से बातचीत मेंं यह बात कही।

पटेल ने कहा, राजस्थान में हुए मांडलगढ़ के विधानसभा व अलवर, अजमेर लोकसभा के उपचुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा को लोगों ने उनकी जनविरोधी नीतियों के चलते नकार दिया। इनका असर प्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनावों में भी देखने को मिलेगा। प्रदेश की मुख्यमंत्री या यूं कहिए महारानी साहिबा को हटाए बिना यहां पर भाजपा का वापस आना संभव नहीं है। इसके साथ ही डिप्टी सीएम की संभावना भी है। ऐसा कोई राजनीतिक संगठन करता है तो वही सत्ता संभाल सकेगा।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह गुजरात की भांति यहां पर पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस को सपोर्ट करेंगे या नहीं। इस संबंध में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनके स्वाभाविक रिश्ते हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश और राजस्थान के किसानों से आत्मीयता का रिश्ता है। यहीं स्रेह उन्हें बार-बार यहां खींच लाता है। मैं कोई आतंकवादी नहीं हूं जो आमजन नफरत करे, इंसान हूं तो सभी प्यार करते हैं। इस दौरान उनके साथ मावली के पूर्व विधायक पुष्करलाल डांगी, उदयपुर जिला पटेल नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष व मध्यप्रदेश प्रभारी गेहरीलाल डांगी, नामरी सरपंच महेन्द्रसिंह राणावत आदि मौजूद थे।

बता दे कि कांग्रेस की ओर से चुनाव से पहले अशोक गहलोत को संगठन महासचिव बनाया गया था जिसे राजस्थान के सीएम पद से जोड़कर देखा जा रहा हैं यानि कि सचिन पायलट का मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रुप  में कांग्रेस खड़ा करना चाहती हैं और ऐसे में राजस्थान के लोगों को हार्दिक औक कांग्रेस का साथ कितना पसंद आता हैं यें तो वक्त ही बताएंगा।