WhatsApp Image 2021 01 09 at 5.27.59 PM राजधानी दिल्ली के बाद महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि, कानपुर चिड़ियाघर में पक्षियों को मारने के आदेश
प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली। कोरोना जैसी महामारी से देश अभी उभरा नहीं कि देश पर एक और नया संकट मडराने लगा है। आपको बता दें कि देश से अभी कोरोना का संकट टला नहीं कि बर्ड फ्लू नाम की बीमारी ने लोगों के मन में दहशत पैदा कर दी है। हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और केरल में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। यह बीमारी इन्फ्लूएंजा टाइप-ए H5N1 वायरस की वजह से फैलती है।WHO की एक रिपोर्ट की मानें तो H5N1 के कारण संक्रमित लोगों में मृत्यु दर लगभग 60 प्रतिशत है। यानी इस बीमारी का मॉर्टालिटी रेट कोरोना वायरस से भी ज्यादा है। क्योंकि कोरोना वायरस से मृत्यू दर सिर्फ 3 से 4 प्रतिशत है। आइए आपको बताते हैं कि इससे बचने के लिए क्या करें।

कानपुर चिड़ियाघर को बर्ड फ्लू वायरस मिलने के बाद सील कर दिया गया है। चार पक्षियों की मौत की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू (Bird Flu) की पुष्टि हुई है। कानपुर कमिश्नर राजशेखर के आदेश पर चिड़ियाघर के आस-पास के इलाके को रेड जोन घोषित किया गया है। प्रशासन के साथ इलाके के निवासी भी अलर्ट हो गए हैं।

खबर यह है कि आईसीएआर-एनआईएचएसएडी की परीक्षण रिपोर्ट से पुष्टि होती है कि मुंबई, ठाणे, परभणी, बीड, और रत्नागिरी के दापोली में पक्षियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई। पशुपालन सचिव अनूपकुमार का कहना है कि कलेक्टरों को सतर्कता बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसी के साथ  महाराष्ट्र के कई जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, अब बर्ड फ्लू की चपेट में नौ राज्य आ चुके हैं।  दिल्ली में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। एनिमल हसबैंडरी विभाग के मुताबिक, जालंधर भेजे गए 8 सैम्पल पॉजिटिव पाए गए हैं।

 

दिल्ली में बर्ड फ्लू का अलर्ट-

बता दें कि पूर्वी दिल्ली की संजय झील में शनिवार को 10 बत्तक मरे हुए पाए गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इससे एक दिन पहले मयूर विहार फेस-3 में 17 कौवे मृत मिले थे। अधिकारी ने कहा कि कि झील को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। पशुपालन विभाग के डॉक्टर राकेश सिंह ने बताया कि हमें संजय झील में 10 बत्तक मृत मिले हैं। जिनके नमूनों को जांच के लिये प्रयोगशाला भेज दिया गया है। दिल्ली में बीते कुछ दिनों में 35 कौवों समेत कम से कम 50 पक्षी मर चुके हैं, जिससे बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है।

 

राजस्थान में सामने आया था पहला केस
पक्षियों की मौत की पहली खबर 25 दिसंबर को पहली बार राजस्थान के झालावाड़ से आई थी। अब राजस्थान के 11 जिले बर्ड फ्लू की चपेट में है। इनमें सवाई माधोपुर, पाली, दौसा और जैसलमेर भी शामिल है। सवाई माधोपुर में मरे कौओं में बर्ड फ्लू का एच 5 स्ट्रेन मिला। जिले में अब तक 70 परिंदों की मौत हो चुकी है, जिनमें कौओं सहित मोर, कमेडी भी शामिल है। सवाई माधोपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने से रणथंभौर वन प्रशासन अलर्ट है।

 

बर्ड फ्लू की चपेट में राजस्थान के 11 जिले

राजस्थान के 11 जिले बर्ड फ्लू (Bird Flu) की चपेट में हैं। इनमें सवाई माधोपुर, पाली, दौसा और जैसलमेर भी शामिल हैं। सवाई माधोपुर में मरे कौओं में बर्ड फ्लू का एच 5 स्ट्रेन मिला है। जिले में अब तक 70 परिंदों की मौत हो चुकी है, जिनमें कौओं सहित मोर भी शामिल हैं। सवाई माधोपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने से रणथंभौर वन प्रशासन अलर्ट है। पार्क क्षेत्र में परिंदों की मॉनिटरिंग के लिए टीमें गाठित की गई हैं, जो लगातार पक्षियों की बिट के सैंपल ले रही हैं।

 

 

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