January 28, 2022 12:03 pm
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70 हजार घरेलू बिजली उपभोक्ताओं का भार बढ़ाए जाने के खिलाफ मंत्री से शिकायत

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लखनऊ। यूपी के लगभग 70 हजार घरेलू उपभोक्ताओं का भार बढ़ाए जाने का मामला गरमाता हुआ दिख रहा है। इस मामले को लेकर उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से मिलकर शिकायत की है। परिषद का कहना है कि सभी बिजली कंपनियां मनमानी पर उतर आईं हैं। यह भार नियम विरूद्ध बढ़ाया जा रहा है। सरकार को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। परिषद का आरोप है कि राजस्व को बढ़ाने के लिए कंपनियां इस तरह की मनमानी कर रहीं हैं।

ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद को आश्वासन दिया है कि नियमविरुद्ध की गयी कार्यवाही को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही उपभोक्ता परिषद की शिकायत को अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को कार्यवाही के लिए भेजा जाएगा।

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 70 हजार से लेकर एक लाख घरेलू उपभोक्ताओं और हजारों किसानों के ट्यूबवेल के भार को बिना विद्युत वितरण संहिता का पालन किए बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हंगामा मचने पर जब बिजली निगमों व पावर कार्पोरेशन ने इसकी छानबीन की तो पावर कार्पोरेशन ने खुद माना की 68721 घरेलू उपभोक्ताओं का भार बिजली निगमों के अभियंताओं ने खुद ही बढ़ा दिया है। इसकी छानबीन भी की जा रही है।

इस मामले को लेकर परिषद की ओर अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से शक्तिभवन स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने यह मुद्दा उठाया की पूरे प्रदेश के घरेलू और किसानी क्षेत्र के उपभोक्ताओं की एक आम शिकायत है कि बिजली निगमों के अभियंताओं द्वारा विद्युत वितरण संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन कर राजस्व बढ़ाने के लिए उनका भार मनमाने तरीके से बढ़ा दिया जाता है, जिससे उनका बिजली का बिल स्वत: अधिक आने लगता है। जिससे उपभोक्ताओं में भारी रोष है।

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के मामले में विद्युत वितरण संहिता 2005  की धारा 6.9 व टैरिफ आदेश में स्पष्ट प्राविधानित है की किसी भी घरेलू उपभोक्ता का भार तभी बढ़ाने की नोटिस दी जाएगी जब घरेलू उपभोक्ता के मीटर में भार लगातार तीन महीने बढ़ कर यानी एमडीआई ज्यादा रिकॉर्ड करेगी। उसके बाद उनको नोटिस देकर उनका भार बढ़ाने के लिए कहा जाएगा। अगर नोटिस के 30 दिन बाद भी उपभोक्ता द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता है तो उस दशा में नियमों के तहत उसके भार को बढ़ाया जाएगा।

अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि अक्सर देखा जाता है उपभोक्ता को नोटिस न देकर उसका भार बढ़ा दिया जाता है और जब कोई शिकायत होती तो है औपचारिकता के लिए एक नोटिस बनाकर कहा जाता है की उसका भार ज्यादा था इसलिए उपभोक्ता का भार बढ़ाया जा रहा है। जबकी वास्तव में यदि उसके द्वारा अधिक भार के मामले में नियमों की परिधि में नोटिस पारदर्शी तरीके से दी जाय तो नोटिस देखकर ही अंदाजा लग जायेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सीधे अपने घर में नाप कर उपकरण नहीं चलाता है। ज्यादातर 1 किलोवाट वाला 2 किलोवाट, 3 किलोवाट वाला 4 किलोवाट, इसी प्रकार किसानों के मामले में भी देखा जा सकता है बहुत ही कम नोटिस में मिलेगा जहां वास्तविक आधार दिखया गया होगा।

उन्होंने बताया कि ऊर्जामंत्री ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गयी है, नियमों के विपरीत की गयी कार्यवाही पर सख्त कदम उठाया जायेगा। किसी भी घरेलू व किसानों का भार बढ़ाने के नाम पर उत्पीड़न बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की गयी है। उपभोक्ता परिषद द्वारा सौंपे गये शिकायत पत्र को अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को कार्यवाही के लिए भेज दिया है।

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