तूफान पीड़ितों को लेकर योगी सरकार पर भड़के अखिलेश यादव, सीएम बोले- पीड़ितों के जख्म पर न छिड़कें नमक

बुधवार को भयंकर तूफान के चलते दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। तूफान की चपेट में आने से  73 लोगों की मौत हो गई और बाकी पीड़ितों का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस सिलसिले में सीएम योगी आदित्यनाथ आज (शनिवार) आगरा के फतेहापुर में पीड़ितों के जख्म पर मरहम लगांने पहुंचे।

 

 

 

मुख्यमंत्री ने तूफान से प्रभावित लोगों को चेक बांटे और मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपए का मुआवजा दिया। घायलों को अस्‍पताल में फ्री इलाज करवाने का वादा किया गया। वहीं योगी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।

 

 

ऐसी दुखद घटना के समय पर भी राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे को नीचा दिखाने में कतई नहीं चूकी। जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर वर्तमान मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि  CM को कर्नाटक का चुनाव प्रचार छोड़कर तुरंत यूपी वापस आना चाहिए था। जनता ने उन्हें अपने प्रदेश की समस्याओं के समाधान के लिए चुना है, ना कि कर्नाटक की राजनीति के लिए। इन हालातों में भी अगर वो वापस नहीं आते हैं, तो फिर वो हमेशा के लिए अपना मठ वहीं बना लें। आपको बता दें कि योगी आद‍ित्‍यनाथ कर्नाटक में स्‍टार प्रचारक की भूमिका निभा रहे हैं।

 

 

वहीं योगी आदित्‍यनाथ ने अख‍िलेश के ट्वीट का करारा जवाब दिया है। आजतक से बातचीत के दौरान सीएम योगी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस मसले पर सियासत हो रही है, जो कि गलत है। समाजवादी पार्टी को कुछ संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाना चाहिए ना कि नमक छिड़कने का काम करना चाहिए।

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गौरतलब है कि बुधवार को आंधी-तूफान से अकेले आगरा में ही 42 लोगों की जान चली गई। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तबाही मची है. जिनमें सहारनपुर, आगरा, बिजनौर, बरेली और चित्रकूट सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। आगरा में 132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान ने कई लोगों की जान ले ली। करीब 90 मिनट तक चले आंधी, बारिश के कहर से सैकड़ों पेड़ और होर्डिंग गिर गए, वहीं कई मकानों के टिन शेड भी उड़ गए।