सीएम रावत ने संयुक्त कर्मचारी मोर्चा की मांगों पर की बैठक, कहा- किसी का भी अहित नहीं होने दिया जाएगा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की विभिन्न मांगों पर विचार करने के लिए प्रमुख सचिव वित्त राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति अधिकतम डेढ़ माह के भीतर कर्मचारी संगठनों की विभिन्न मांगों पर विचार कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।

 

 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है। कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति और आगे बढ़ने का अवसर अवश्य मिलना चाहिए। बहुत लंबे समय तक एक ही पद पर काम करते-करते उनका मनोबल प्रभावित होता है। सरकार ने कर्मचारी संगठनों के साथ सदैव वार्ता का सिलसिला बनाए रखा है। मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने विभाग से संबंधित संगठनों के साथ उनकी समस्याओं पर नियमित चर्चा करें। मुख्यमंत्री से मिलने से पूर्व कर्मचारी संगठनों को मुख्य सचिव ने भी वार्ता हेतु बुलाया था।

 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने संगठनों को आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी का अहित नहीं होने दिया जाएगा। उत्तराखण्ड के विकास में सरकारी कर्मचारियों का बहुत बड़ा योगदान है और इस प्रदेश को देश के शीर्षस्थ प्रदेशों में से एक बनाने के लिए सबको मिलजुल कर आगे आना होगा।

 

इस अवसर पर ठाकुर प्रहलाद सिंह, संतोष रावत, रामचन्द्र रतूड़ी, रवि पचैरी, अरूण पाण्डे, प्रदीप कोहली, इन्सारउल हक, ओमवीर सिंह, गजेन्द्र कपिल, बनवारी सिंह, दीपक चैहान, भावेष जगूड़ी व हेमन्त रावत उपस्थित थे।