उत्तराखंड

CM त्रिवेंद्र ने दी स्व. वाजपेयी को श्रद्धांजलि, कहा- अटल ने उत्तराखंड के अलग राज्य का सपना किया साकार

atal bihari vajpyee CM त्रिवेंद्र ने दी स्व. वाजपेयी को श्रद्धांजलि, कहा- अटल ने उत्तराखंड के अलग राज्य का सपना किया साकार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप मे मनाया जा रहा है. वाजपेयी जी ने ही दशकों से चले आ रहे उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के संघर्ष का सम्मान करते हुए अलग राज्य का सपना साकार किया था.

‘भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति अपना रही हमारी सरकार’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति पर चलते हुए सुशासन के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं. भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सुशासन के लिए ईमानदारी से किये गये हमारे प्रयासों से शासन-प्रशासन की कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है. सी.एम.डैशबोर्ड उत्कर्ष  के माध्यम से 205 Key Performance Indicators के आधार पर लगभग सभी विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की मुख्यमंत्री स्तर पर Real time monitoring की जा रही है.

35 हजार से ज्यादा शिकायतों का निदान- सीएम
सी.एम. हैल्पलाईन ‘1905’ में अभी तक 35 हजार से ज्यादा शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का 24 घण्टे लेकर एक सप्ताह के भीतर समाधान किया जा चुका है. विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी की सीधी जिम्मेवारी तय की गई है. शिकायतकर्ता के संतुष्ट न होने तक शिकायत का निस्तारण नहीं माना जाता है. सेवा का अधिकार के अंतर्गत वर्ष 2017 तक केवल 10 विभागों की 94 सेवाएं आती थी, जिन्हें कि हमने ने बढ़ाकर 27 विभागों की 243 सेवाएं किया है.

गिनवाई सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांसफर एक्ट बनाते हुए इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है. ई-कैबिनेट का उद्देश्य समयबद्ध ढंग से कार्रवाई करना, पेपर लेस व्यवस्था को प्रोत्साहित करना और सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखना है. ई-ऑफिस के जरिए फाइलों के निस्तारण में भी तेजी आएगी।  ई-ऑफिस हेतु सचिवालय के अंतर्गत 54 विभागों के 828 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है तथा 140 अनुभागों में ई-ऑफिस शुरू किया जा चुका है. 3773 फाइलें ई-आफिस के माध्यम से बना दी गई है.

ई-पंचायत वाला देश का तीसरा राज्य उत्तराखंड
सचिवालय के साथ ही 27 विभाग, ई-आफिस प्रणाली के अन्तर्गत आ चुके हैं. देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी कार्यालयों में ई-आफिस प्रणाली शुरू हो चुकी है. राज्य के हर न्याय पंचायत से ई-पंचायत सेवा उपलब्ध कराने वाला उत्तराखण्ड देश का तीसरा राज्य है.

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