मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से सचिवालय में केन्द्रीय वित्त सचिव हंसमुख भाई अधिया ने भेंट की

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से सचिवालय में केन्द्रीय वित्त सचिव हंसमुख भाई अधिया ने भेंट की

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बीते गुरूवार को सचिवालय में केन्द्रीय वित्त सचिव हंसमुख भाई अधिया ने भेंट की। इस अवसर पर केन्द्रीय संयुक्त वित्त सचिव शंशाक, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा एवं प्रबन्ध निदेशक सिडकुल सौजन्या भी उपस्थित थी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्य मे सेवा क्षेत्र को प्रोत्साहित कर ऊर्जा और पर्यटन के माध्यम से अधिक से अधिक राजस्व प्राप्त किया जाय, किन्तु कतिपय प्रतिबन्धों के कारण राज्य की लगभग 40 हजार करोड़ की कई जल-विद्युत परियोजनाएं अधूरी अवस्था में लंबित हैं। जिससे राज्य को न केवल राजस्व की हानि हो रही है अपितु हमें अपनी आवश्यकता के लिये अतिरिक्त ऊर्जा क्रय करनी पड़ रही है।

वित्त आयोग द्वारा राज्य के आय-व्यय का जो पूर्वानुमान निर्धारित किया गया था

उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग द्वारा राज्य के आय-व्यय का जो पूर्वानुमान निर्धारित किया गया था, उसमें कालान्तर में वास्तविक स्थितियां उजागर होने पर काफी अन्तर आया है तथा राज्य को राजस्व घाटा अनुदान से वंचित रहना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्रालय के स्तर पर जीएसटी के कारण घाटे वाले राज्यों की टास्क फोर्स गठित करने पर भी बल दिया। उनका कहना था कि इससे छोट राज्यों को सुविधा हो सकेगी। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही ऋषिकेश स्थित कन्वेंशन सेन्टर की डीपीआर तैयार कर दी जायेगी।

केन्द्रीय वित्त सचिव अधिया ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को अवगत कराया

बता दें कि केन्द्रीय वित्त सचिव अधिया ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र को अवगत कराया कि उनके द्वारा जीएसटी से प्रभावित राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार, पुडूचेरी व उत्तराखण्ड की जानकारी प्राप्त की गई है। उत्तराखण्ड से पूर्व उनके द्वारा इन 5 राज्यों का भ्रमण का जा चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे इन राज्यों में जीएसटी से हो रहे नुकसान की भरपायी के लिये प्रयास किये जा रहे है। इस संबंध मे नई रिटर्न प्रणाली के बाद इस समस्या का समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड मे पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाये है। राज्य में निवेशकों के अनुकूल विभिन्न क्षेत्रों मे जो नीतियां बनायी गई है। उससे निश्चित रूप निवेश की संभावनाये बढ़ेगी।

राज्य स्तर पर निवेशकों को सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये प्रभावी प्रयास

उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर निवेशकों को सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये प्रभावी प्रयास करने होंगे इसके लिये अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। केन्द्रीय सचिव ने कहा कि ऋषिकेश में स्थापित होने वाले कन्वेंशन सेंटर जेनेवा की भांति अन्तराष्ट्रीय सम्मेलनों के लिये सुविधायुक्त हो इसके प्रयास किये जाने चाहिए। उत्तराखण्ड का यह कन्वेंशन सेन्टर जेनेवा आफ इंडिया बन सके। इस दिशा में प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य हुए है। राज्य में हुए निवेशक सम्मेलन को राज्य हित में बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन में समय लगता है। इसके राज्य हित मे दूरगामी परिणम होंगे, केन्द्रीय सचिव ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे राज्य हित से जुड़ी समस्याओं के सम्बन्ध में 15वें वित्त आयोग से भी चर्चा करेंगे।