राजस्थान में भी सांप्रदायिक तनाव -उठाए गए यें कदम

राजस्थान में भी सांप्रदायिक तनाव -उठाए गए यें कदम

नई दिल्ली। रामनवमी के दिन बिहार, पश्चिम बंगाल और गुजरात में घटी सांप्रदायिक घटनाओं का आंतक अभी शांत ही नहीं हुआ था कि राजस्थान में भी इसका असर देखने को मिलने लगा हैं। बता दे कि बिहार, पश्चिम बंगाल और गुजरात के बाद अब राजस्थान भी इसकी चपेट में आने लगा हैं। अब राजस्थान में तनाव का माहौल बना हुआ है। सरकार की ओर से हनुमान जयंती से पहले तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए राज्य के बूंदी में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी हैं एसएमएस, व्हाट्सएप के साथ सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर भी रोक लगा दी गई है। हालांकि ब्रॉडबैंड और लीज लाइन पर नेट चालू रहने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार (29 मार्च, 2018) रात आठ बजे से अगले आदेश तक सभी सेवाओं बंद कर दी गई हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि 31 मार्च को हनुमान जयंती पर आपसी सद्‌भाव और कानून व्यवस्था बनी रहे।

जानकारी के लिए बता दें कि शनिवार को शहर में शोभायात्रा और अखाड़े निकलेंगे। इसपर सरकार ने किसी भी अप्रिय स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया है। इससे पहले रामनवमी के दिन शोभायात्रा पर हुए पथराव के बाद शहर तीन दिन तक बंद रहा। आरोपियों की गिरफ्तार की मांग के चलते बीते सोमवार, मंगलवाल बुधवार को बाजार बंद रहे। गुरुवार को बाजारों की कुछ दुकानों तो खुली, लेकिन हनुमान जयंती को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

गौरतलब है कि रामनवमी के दिन भड़के दंगों की वजह से पश्चिम बंगाल में चार लोगों की मौत हो चुकी है। चौथे शख्स की मौत बुधवार को हुई, जिसकी पहचान गुरुवार सुबह की गई। बिहार में भी कई जिलों में भड़की हिंसा के बाद अब नया मामला नवादा में सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक धार्मिक स्थल पर तोड़-फोड़ की गई है। इस दौरान कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया है, जबकि कई वाहनों को आग लगा दी गई। उधर गुजरात के सूरत में दो समुदाय के बीच हुई झड़प में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने 40 लोगों को हिरासत में लिया है।

बता दे कि बिहार में हिंसा की घटना लगातार बढ़ती जा रही हैं जो बिहार के नावादा तक पहुंच गई हैं और जगह जगह हिंसा की आग फैली हुई हैं हालाकिं बिहार में हिंसा को लेकर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया हैं और लगातार एक दूसरें को घेरा जा रहा हैं इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान की सुरक्षा कड़ी कर दी गई हैं।