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लोजपा NDA से अलग होने का कर सकती हैं एलान- सूत्र

पटना: दिवंगत नेता रामविलास पासवान की पार्टी में बड़ी छूट हो गई है। एलजेपी के पांच सांसदों ने चिराग पासवान को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है। और उनके चाचा पशुपति नाथ को संसदीय दल का नेता चुना है। जो कि बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र सांसद हैं। चिराग पासवान को हटाकर नेता चुना जाना बिहार की राजनीति के लिहाज से बड़ी घटना है.

संसदीय दल का नया नेता चुने जाने के संबंध में पत्र लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप भी दिया गया है। अब लोकसभा अध्यक्ष अगर इस पत्र के आधार पर संसदीय दल के नेता के तौर पर पशुपति नाथ को मान्यता दे देते है तो चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय दल के नेता की मान्यता खत्म हो जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक, चुनाव पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले लोक जनशक्ति पार्टी के सांसदों के नाम हैं- नवादा से चंदन कुमार, समस्तिपुर से प्रिंस पासवान, खगड़िया से महबूब अली केसर, वैशाली से वीणा देवी। ये सभी चिराग पासवान के कामकाज से खुश नहीं थे और पार्टी को अपने तरीके से चलाने से नाराज थे।

क्या बीजेपी और जेडीयू के इसारे पर हुआ खेल?

बिहार की राजनीति में जो उठकपठक हुई है। उससे दिल्ली तक सियासी हलचल मचा दी है। आपको बतादें कि बीजेपी औ जेडीयू को भी इस उठकपठक की जानकारी है। ऐसे में कयास यही लगाए जा रहे हैं कि क्या ये पूरा खेल बीजेपी और जेडीयू के इसारे पर हुआ है। क्योंकि जल्द ही केंद्रीय मंत्रीमंडल का विस्तार होने वाला है। उधर जेडीयू में भी घमासान है। अभी एनडीए गठबंधन में जेडीयू के 16 सांसद हैं। पिछली बार कैबिनेट विस्तार के समय जेडीयू के शामिल होने की चर्चा थी।

आपको बता दें बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान रामविलास पासवान की मृत्यु के बाद से चिराग पासवान खुद पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि विधानसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन से अलग चुनाव लड़ने का फैसला लेने के बाद एनजेपी की बुरी हार हुई। उसके बाद हाशिये पर चल रही एलजेपी की राजनीति और बिहार की राजनीति में ये बड़ा भूचाल ला सकती है।

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