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चीन ने झाड़ा पल्ला, पाक के साथ त्रिपक्षीय वार्ता पर राजदूत के बयान से हटा पीछे

Untitled 225 चीन ने झाड़ा पल्ला, पाक के साथ त्रिपक्षीय वार्ता पर राजदूत के बयान से हटा पीछे

नई दिल्ली।  हाल ही में चीन के राजदूत की ओर से पाकिस्तान-भारत और चीन के बीच त्रिपक्षीय सहयोग बढ़ाने और वार्ता करने का विचार सामने रखा था। इस मामले में भारत की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई है। इस मामले में बुधवार ोक चीन के राजदूत के इस बयान से चीन ने अपनी दूरी बना ली है। इसी सिलसिले में चीन की ओर से कहा गया है कि आपसी विश्वास बढ़ाने और संबंधों को सुधारने के लिए भारत और पाकिस्तान को आपस में संवाद करना चाहिए। आपको बता दें कि भारत का इस मामले में रुख साफ है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मसले में तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार्य नहीं है।

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एक त्रिपक्षीय सम्मेलन

आपको बता दें कि सोमवार को नई दिल्ली में भारत-चीन के रिश्तों पर आयोजित एक सेमिनार में लु झाओहुई ने कहा था, ‘कुछ भारतीय मित्रों ने सुझाव दिया है कि भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच SCO से इतर एक त्रिपक्षीय सम्मेलन होना चाहिए… यह एक सकारात्मक विचार है।’ उन्होंने आगे कहा कि इससे भविष्य में भारत और पाकिसतान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने और शांति कायम करने में मदद मिलेगी।

लु की इस टिप्पणी के बारे पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों चीन के मित्र और पड़ोसी हैं। उन्होंने कहा, ‘हम क्षेत्र में विकास और स्थिरता के लिए भारत और पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं।’

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि द्विपक्षीय संबंधों में भरोसा बढ़ाने के लिए भारत और पाकिस्तान संवाद को आगे बढ़ाएंगे। यह क्षेत्र के दूसरे देशों के भी हित में होगा। यह पूछे जाने पर कि क्या चीन लु की टिप्पणी से पीछे हट रहा है, गेंग ने कहा, ‘मैंने जो कहा वह चीन का आधिकारिक रुख है।’ क्या चीनी दूतावास अपनी वेबसाइट पर मौजूद राजदूत के बयान को हटाएगा, इस सवाल का उन्होंने जवाब नहीं दिया।

 

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

चीनी राजदूत के संभावित त्रिपक्षीय समिट के विचार पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। MEA ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के संबंध पूरी तरह से द्विपक्षीय हैं और इसमें किसी भी तीसरे पक्ष के शामिल होने की कोई गुंजाइश नहीं है। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘इस मामले में चीनी राजदूत के बयान को मैंने रिपोर्टों में देखा है। हमें चीन की सरकार की ओर से ऐसा सुझाव नहीं मिला है। हम इस तरह के विचार को राजदूत का निजी विचार मानते हैं।’

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