जिन बच्चों के लिए लिया रिटायरमेंट उन्होंने ही घर से बाहर निकाल खड़ा किया, कहानी सुना कर रो पड़ा बाप

लखनऊ। जिस माँ के मरने के बाद एक पिता ने बच्चों की खातिर सिर्फ इसलिए रिटायरमेन्ट पीएसी की नौकरी से ले लिया था ताकि बच्चों की परवरिश में कोई कमी न रह जाए, इसलिए पत्नी की आकस्मिक मृत्यु के बाद उन्होंने दूसरी शादी भी इसलिए नही की कि शायद उसका बच्चों की प्रति प्यार कम न हो जाये, पर उसे क्या पता था कि जिस बच्चे को महंगी शिक्षा दे कर वो आगे बढ़ा रहा है वही एक दिन उसका सहारा बनने के बजाए बेसहारा कर देगा।

बता दें कि ये कोई फिल्मी कहानी नही बल्कि हरदोई के एक ऐसे परिवार की कहानी है जो पुलिस अधिकारी को अपने इंजीनियर बेटे की करतूत बता कर रोने लगा। उसके बेटे ने उसको सामान सहित न केवल घर से बाहर निकाल दिया, बल्कि सामान सड़क पर फेंक दिया और अपने ससुराल वालों के कहने पर। बेबस पिता अब घर के सामने बैठ कर प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहा है। तस्वीरे हरदोई के थाना देहात कोतवाली के पिहानी चुंगी मोहल्ले की। जहा एक पीएसी के रिटायर्ड दरोगा रहते है ब्रजेन्द्र शुक्ला।  एक फिल्म के गाने तुझे सूरज कहूँ ये चंदा तुझे दीप कहूँ य तारा मेरा नाम करेगा रोशन जग में मेरा राज दुलारा। को गाकर उन्होंने अपने बेटे अतुल शुक्ल को पालपोस कर बड़ा किया और इंजीनियर बनाया, उसका ख़्वाब था कि जब वह बूढ़ा हो जाएगा तो बेटा उसका हाँथ पकड़कर चलेगा।

लेकिन हुआ उसकी सोंच से बिल्कुल उलट। तस्वीरों में आप देख सकते है की यह जो सारा सामान सड़क पर बिखरा पड़ा है किसी दुश्मनी की वजह से नही बल्कि उनके अपने ही बेटे की वजह से बिखरा है। सामान सड़क पर बिखरा पड़ा है और अपनी डबडबाई नजरो से वो इन सामानों को देख रहे है दरअसल आज सड़क पर इनको पहुचाने वाला और कोई नही इनका इंजीनियर बेटा अतुल ही है। जिसको इन्होंने कड़ी मेहनत कर इसलिए पढ़ाया की वो इनकी बढ़ापे में सेवा कर सके पर यहां उल्टा हो गया बेटे ने ही बाप के सर पर से छत चंद मिनटों में छीन ली और सामान सड़क पर फेंक दिया। इंजीनियर बेटे अतुल शुक्ल की जैसे ही शादी हुई उसे ससुराल से ज्यादा प्यार हुआ और सब कुछ कुर्बान करने वाला पिता दुश्मन लगने लगा।

वहीं उसने ससुरालियों के कहने पर उसको घर से बाहर फेंक दिया। अब बेसहारा बाप आखिर जाए तो कहा जाए। बाप ने भी हिम्मत नही हारी और अपनी फरियाद करने जा पहुचा आला अधिकारियों के पास क्योंकि अब जिंदगी में उसके कुछ बचा नही एक बेटा बड़ा है पीसीएस की तैयारी कर रहा है दिल्ली से। अब एक बेटे की पढ़ाई का बोझ और ऊपर से इंजीनियर बेटे की ऐसी करतूत जब पिता आला अधिकारियों बताने लगा तो रोने लगा। एसपी सिटी ज्ञानंजय सिंह ने कार्यवाही का भरोसा दिया है।