थाईलैंड में आयोजित सेमिनार में शामिल हुए मुख्य सचिव उत्पल कुमार, मनीष पवार, डी.संथिल पांडियन और दिलीप जावलकर

देहरादून। बीते बुधवार को थाईलैण्ड में भारत सरकार के सहयोग से थाईलैण्ड एवं उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘‘‘इण्डिया योर डेस्टिनी, योर न्यू डेस्टिनेशन’’ (फोकस ऑन उत्तराखण्ड) सेमिनार में ’’उत्तराखण्ड में व्यापार निवेश तथा पर्यटन के अवसर’’ पर चर्चा के दौरान उत्तराखण्ड के परिचय पर फिल्म का प्रदर्शन किया गया। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि उत्तराखण्ड में उद्यमियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध किया जा रहा है। दक्ष मानव संसाधन की राज्य में उपलब्धता है, उद्यमियों की आवश्यकता के अनुकूल युवाओं के प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखण्ड में उद्यमियों के लिए सिंगल विन्डो सिस्टम लागू किया गया है।

प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार ने राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने तक उद्यमियों के हित में लागू की गई नीतियों व प्रक्रियाओं की जानकारी दी। सचिव उद्यान डी.संथिल पांडियन द्वारा राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश की संभावनाओ पर प्रस्तुतिकरण दिया गया जबकि सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर द्वारा राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की सभावनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया।

बता दें कि सेमिनार के ‘‘न्यू इंडिया’’ के दौरान इन्वेस्ट इंडिया की उपाध्याक्ष प्रिया रावत ने थाई निवेशकों हेतु भारत में निवेश संभावनाओं पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए तेजी से आर्थिक विकास करता हुआ भारत विशेष महत्व रखता है। भारत थाइलैण्ड का प्रमुख व्यापारिक साझीदार है। पिछले पांच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार 8.6 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया है।

वहीं अनुभवो की साझेदारी तथा भारत में व्यापार तथा निवेश संभावनाओं की खोज’ से सम्बन्धित चर्चा के दौरान एक्ज्यूकेटिव डायरेक्टर डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक थाईलैण्ड अनुसोरन मततरेद ने कहा कि भारत ने अपनी आधारभूत संरचना को बड़ी तेजी से विकसित किया है। इंडिया बिजनेस डायरेक्टर एससीजी कम्पनी लि. के अभिजीत दत्ता ने कहा कि थाई कम्पनियां भारत के प्रमुख शहरों में अपना व्यापार बढ़ा रही है। निवेशकों को भारत के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अवसरों खोजना होगा। उद्यमी श्री जेरावत लाओंग ने कहा कि भारत एक बहुत बड़ा बाजार है तथा इसकी अवसरंचना व विनिर्माण क्षे़त्र हाल ही के कुछ वर्षो में बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमियों ने उत्तराखण्ड के निवेश प्रस्तावों पर गम्भीरता से ध्यान दिया।