मुख्य सचिव ने होम स्टे योजना में पंजीकरण संख्या बढ़ाने के दिये निर्देश

मुख्य सचिव ने होम स्टे योजना में पंजीकरण संख्या बढ़ाने के दिये निर्देश

देहरादूनः मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह द्वारा सचिवालय सभागार में गुरूवार को विडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ होम स्टे योजना वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार एवं 13 डिस्ट्रिक 13 न्यू-डेस्टीनेशन योजनाओं की जनपदवार समीक्षा की गयी।

मुख्य सचिव ने होम स्टे योजना में पंजीकरण संख्या बढ़ाने के दिये निर्देश

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मुख्य सचिव सिंह द्वारा होम स्टे योजना में दिये गये लक्ष्य के विपरीत कम उपलब्धि वाले जनपद हरिद्वार, उधम सिंह नगर, रूद्रप्रयाग, पौड़ी, चम्पावंत के जिलाधिकारियों को योजना में पंजीकरण संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि होम स्टे योजना में जिन प्रकरणों में भूमि उपलब्धता के सम्बन्ध में 143 की कार्रवाई की जानी है उसमें व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्रवाई करायें।

मुख्य सचिव द्वारा पर्यटक स्थलों, चार धाम यात्रा मार्गो एवं ट्रैक रूट्स पर अधिक से अधिक लाभार्थियों को होम स्टे योजना में प्रेरित करने के निर्देश दिये। उनका कहना था, कि जिला अधिकारियों को होम स्टे योजना में और अधिक रूचि लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कहा कि बेरोजगार युवाओं को उनके गांवो में ही रोजगार उपलब्ध कराने में होम स्टे योजना पलायन रोकने में भी कारगर हो सकती है।

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मुख्य सचिव ने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना में गैर वाहन मदों में धीमी प्रगति पर चिन्ता व्यक्त करते हुए, जनपदीय चयन समिति द्वारा संस्तुति में तेजी लाने के निर्देश दिये, तथा गैर वाहन मद में कम उपलब्धि वाले जनपद पिथौरागढ़, हरिद्वार, देहरादून, अल्मोड़ा तथा उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों को उपलब्धि बढ़ाने के निर्देश दिये।समीक्षा के दौरान यह बात प्रकाश में आई, की प्रदेश में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना में लाभार्थियों का लक्ष्य 400 रखा गया था, जिसमें 334 आवेदन 13 जनपदों में प्राप्त हुए, जिनमें से 269 आवेदन पर जिला चयन समिति द्वारा संस्तुति की गई तथा बैंको द्वारा 104 आवेदन पर ऋण स्वीकृत किये गये। मुख्य सचिव ने बैंको में लम्बित 144 आवेदन पत्रों में बैंको से समन्वय कर ऋण स्वीकृत कराने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने कहा कि 13 डिस्ट्रिक 13 न्यू-डेस्टीनेशन योजना मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना है। उन्होंने योजना के सम्बन्ध में भी जिलाधिकारियों से विडियो कॉनफ्रेसिंग के माध्यम से अल्मोड़ा के सूर्य, मन्दिर सूर्य मन्दिर थीम, नैनीताल के मुक्तेश्वर हिमालय दर्शन, पौड़ी के सतपुली एवं खैरासैण झील नौका विहार एवं पिकनिक, देहरादून के लाखामण्डल महाभारत सर्किट, हरिद्वार के बावन (52) पीठ भगवती 52 शक्ति पीठ थीम पार्क, उत्तरकाशी के मोरी हरकीदून पर्यटन एवं ट्रैकिंग, टिहरी के टिहरी झील वाटर स्पोर्ट्स, उधमसिंह नगर के द्रोण सागर हरिपुरा जलाशय जलक्रीडा एवं होली, चम्पावत के पाटी-देवीधुरा पर्यटन क्षेत्र, बागेश्वर के गरूड़ वैली हिमालय दर्शन, चमोली के गैरसैण- भराडीसैण कोरपोरेट डेस्टीनेशन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पिथौरागढ़ जनपद के प्रस्तावित  नेचर टूरिज्म/ ग्रीन टूरिज्म के मोस्टमानों स्थल की प्रशंसा की ।

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मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने 15 वे वित्त आयोग में जिलाधिकारियों द्वारा प्रस्तावित मेगा प्रोजेक्टस् के सम्बन्ध में निर्देश दिये कि मास्टर प्लान विशिष्ट प्रकृति का़ होना चाहिए, ताकि भारत ही नहीं विदेशी पर्यटक भी इन स्थलों के प्रति आकर्षित हो सके। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए विकसित पर्यटन स्थल रोजगार का प्रभावी संसाधन बन सके। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्प्रिच्युअल इकोनामिक जोन की अवधारणा के सम्बन्ध में स्पष्ट किया कि अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी आदि जनपदों में पर्याप्त स्प्रिच्युअल स्थल उपलब्ध है, जिन पर उपादेय प्रोजेक्ट बनाया जा सकता है। उन्होंने इस कार्य के लिए यू.टी.डी.ए. के कन्सलटेन्ट की मदद लेने के निर्देश दिये और आवश्यक्तानुसार प्राईवेट विशेषज्ञ कन्सलटेन्ट भी हॉयर कर मास्टर प्लान तैयार किया जायें।

विडियो कॉनफ्रेसिंग के दौरान सचिव, पर्यटन दिलीप जावलकर द्वारा समस्त जिलाधिकारियों से होम स्टे योजना में अधिक से अधिक पंजीयन कराने हेतु योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये गये तथा योजना में बैंको को प्रेषित किये गये आवेदनो पर व्यक्तिगत रूचि लेकर ऋण स्वीकृत कराकर योजना का शत प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिये। गौरतलब है कि होम स्टे योजना में इस वर्ष का लक्ष्य 2 हजार निर्धारित था, जब की अब तक जनपदों में कुल 1151 आवेदन पत्र प्राप्त हुये जिनमें से 802 को पंजीकृत किया गया तथा 349 प्रकरण पर कार्यवाही गतिमान है।

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सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने समस्त जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि प्रस्तावित योजना का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए यू.टी.डी.ए. में उपलब्ध कन्सलटेन्ट की सेवाएं ली जायें। उन्होंने कहा कि कसलटेन्सी हेतु 50-50 लाख रु. की धनराशि भी जिला अधिकारियों को दी गयी है।

सचिव पर्यटन ने कहा की यदि किसी जिले को और भी धन की आवश्यकता है तो औचित्यपूर्ण मांग कर सकते है। उन्होंने जिलाधिकारियों से अपेक्षा की वे जनपदों के प्रस्तावित अभिनव च्मतेमचमबजपअम चसंद का आपस में समन्वय कर अपने क्षेत्र में उपलब्ध स्थलों के अनुसार मास्टर प्लान प्रस्तावित किये जायें। बैठक में अपर सचिव पर्यटन सी.रवि शंकर,  निदेशक नरेन्द्र सिंह, संयुक्त निदेशक विकेक चैहान, वित्त नियंत्रक जयपाल सिंह तोमर सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी थे।विडियो कॉनफ्रेसिंग में आयुक्त कुमांऊ राजीव रौतेला के साथ ही प्रदेश के सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।