मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किया आभार व्यक्त

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है कि उन्होंने “मन की बात“ कार्यक्रम में उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में किसानों के प्रयासों को सराहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा की प्रधानमंत्री जी के प्रेरणादायी शब्द निश्चित रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों का मनोबल बढ़ाएंगे और पलायन रोकने में कारगर साबित होंगे। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के किसानों की आमदनी दोगुना करने की दिशा में ठोस कार्य योजना लागू की है। बागेश्वर जिले में स्थानीय उत्पादों से बिस्कुट तैयार करने की योजना इसी का एक उदाहरण है।

मंडुआ, कुट्टू, चैलाई से मंदिर का प्रसाद तैयार किया

बता दें कि बद्रीनाथ धाम में इस तरह का प्रयोग शुरू किया गया था। यहाँ महिला स्वयं सहायता समूह ने मंडुआ, कुट्टू, चैलाई से मंदिर का प्रसाद तैयार किया और पिछले सीजन में 19 लाख रुपये का प्रसाद बेचा। इससे प्रत्येक महिला सदस्य को 30 हजार की आय प्राप्त हुई। इस देवभूमि भोग योजना को राज्य के 625 मंदिरों में लागू किया जा रहा है। इसी तरह चमोली जिले के सीमांत गाँव घेस में मटर की जैविक खेती को प्रोत्साहित किया गया। मटर की पहली कटाई में मुख्यमंत्री स्वयं घेस पहुँचे थे। आज इस क्षेत्र के किसान राज्य ही नहीं दूसरे राज्यों में भी बड़े मटर सप्लायर बन रहे हैं। मटर से यहाँ के किसानों की आमदनी में 5 से 8 गुना तक बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने पिरूल से बिजली उत्पादन की नीति भी लागू की है। इससे ग्रामीण समुदाय विशेष रूप से महिलाओं के लिए आमदनी का जरिया बनेगा।

वहीं मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस नीति के द्वारा भी सफलता की कई कहानियाँ लिखी जाएँगी। खेती किसानी को प्रसंस्करण और मूल्य वर्धन से जोड़ना तथा कौशल विकास के द्वारा स्किल्ड मैनपावर सृजित करना इसी दिशा में उठाए जा रहे कदम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियाँ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक स्वावलंबन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सभी न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित करने का निर्णय इसी दिशा में एक कदम है। मात्र २ प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपए तक का ऋण देकर छोटे किसानों को स्वावलंबी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि सरकार अपनी नीति निर्माण प्रक्रिया में जन भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रही है । प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में स्वरोजगार और लघु उद्यमों में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभी कुछ दिन पूर्व देवभूमि डायलॉग कार्यक्रम में ऐसे 19 युवाओं को मुख्यमंत्री ने स्वयं सम्मानित किया जिसमें मशरूम की उन्नत खेती करने वाले से लेकर मंडुए की बर्फी बनाने वाले सकलानी बंधु भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलायें और युवा इतने सक्षम हैं कि वे खुद के साथ साथ 8-10 और लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनाते हैं। सरकार इन सभी के हाथो को मजबूत करने के लिए संकल्पित है।