chhath pooja नहाय-खाय के साथ आज से शुरू हुआ छठ का त्योहार, कोरोना के कारण कई पाबंदियां

लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की शुरुआत बुधवार को नहाय-खाय के साथ हो गई और 21 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा सम्पन्न होगी. चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह है. हालांकि, कोरोना संकट के चलते इस बार अधिकांश संस्थाएं सादगी से पर्व मनाएंगी. संतान की सुख समृद्धि, दीर्घायु की कामना के लिए मनाया जाने वाला छठ पूजा बिहार और झारखंड के निवासियों का प्रमुख त्योहार है, लेकिन इसका उत्सव पूरे उत्तर भारत में देखने को मिलता है.

कब मनाया जाता है छठ का त्योहार
आस्था का महापर्व छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है. इस बार षष्ठी तिथि 20 नवंबर 2020, शुक्रवार को है.

इस बार छठ की तिथियां कुछ इस प्रकार हैं-
18 नवंबर 2020, बुधवार- चतुर्थी (नहाय-खाय)
19 नवंबर 2020, गुरुवार- पंचमी (खरना)
20 नवंबर 2020, शुक्रवार- षष्ठी (डूबते सूर्य को अर्घ)
21 नवंबर 2020, शनिवार- सप्तमी (उगते सूर्य को अर्घ)

योगी सरकार ने जारी की गाइडलाइन
राज्य सरकार ने छठ पर्व के मौके पर कोविड संक्रमण के प्रभाव को न्यूनतम बनाए रखने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सरकार की तरफ से निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पूजन स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए जाने, सभी कार्यक्रमों में दो गज की दूरी और मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए.
उन्होंने कहा है कि किसी प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के निर्देशों का पालन कराए जाने का दायित्व भी कार्यक्रम के आयोजक का होगा. निर्देशों में कहा गया है कि 19 और 20 नवंबर को मनाए जाने वाले छठ के पर्व के अवसर महिलाओं को प्रेरित किया जाए कि वो इस पर्व को यथा संभव घर पर ही मनाएं अथवा घर के पास ही मनाएं.
छठ पूजा पर्व के अवसर पर नदी और तालाब के किनारे पारम्परिक स्थानों पर पूर्व की भांति नगर निगम, नगर निकाय और जिला प्रशासन द्वारा अर्घ्य दिए जाने की समुचित व्यवस्था की जाए.
इस अवसर पर नदी और तालाबों के किनारे शौचालय एवं साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए और पारम्परिक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की जाए. घाटों पर महिलाओं के लिये चेन्जरूम की समुचित व्यवस्था की जाए और पूजा स्थल पर एम्बुलेंस की व्यवस्था मय चिकित्सकों की टीम के साथ की जाए.
कहा गया है कि इस अवसर पर घाटों के अन्दर लोग गहरे पानी में न जाने पाएं इसके लिए घाट के अन्दर बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था की जाए.

दिल्ली और मुंबई में पाबंदी
कोरोना की वजह से दिल्ली में सामूहिक रूप से इस पर्व को मनाने पर लगी पाबंदी की वजह से व्रतियों में मायूसी है. वहीं बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने मुंबई में समुद्र तट, नदी और तालाब किनारे छठ पूजा करने पर रोक लगा दी है. शहर के प्राकृतिक जलाशयों के किनारे बड़े पैमाने पर छठ पूजा करने पर रोक लगाने संबंधी आदेश मंगलवार को जारी किए गए. निकाय संस्था ने इसके साथ ही श्रद्धालुओं से भीड़भाड़ से बचने का आह्वान भी किया.

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