satpal maharaj चार धाम तीर्थ प्रबंधन विधेयक पेश किया गया

देहरादून। सोमवार को विधानसभा में कांग्रेस के सदस्यों, पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक प्रमुख मंत्री सतपाल महाराज ने “द उत्तराखंड चार धाम तीर्थ प्रबंधन विधेयक -2019” को पेश किया।

सरकार का दावा है कि यह बिल जम्मू और कश्मीर के वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और राज्य के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों के कायाकल्प के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। विधेयक में एक बोर्ड के गठन का प्रावधान है जिसमें मुख्यमंत्री (सीएम) या उत्तराखंड अध्यक्ष होंगे। सीएम के गैर हिंदू होने के मामले में, मंत्रिपरिषद का एक वरिष्ठ हिंदू सदस्य अध्यक्ष होता।

संस्कृति और धार्मिक मामलों के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। मुख्य सचिव, पर्यटन सचिव, संस्कृति और वित्त सचिव या उत्तराखंड बोर्ड के पदेन सदस्य होंगे।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) या बोर्ड सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा और सदस्य सचिव होगा। इन सदस्यों के अलावा बोर्ड में नामांकित सदस्य होंगे जिनमें टिहरी के शाही परिवार का एक सदस्य, राज्य से संसदों (एमपी) का सदस्य (तीन से अधिक नहीं), विधायक (छह से अधिक नहीं), दाता, एक प्रसिद्ध व्यक्ति शामिल होंगे धार्मिक मामलों या हिंदू में अनुभव। इसी तरह पुजारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन प्रसिद्ध व्यक्ति बोर्ड के सदस्य होंगे।

बोर्ड के पास इन मंदिरों के प्रबंधन के लिए व्यापक अधिकार होंगे। विधेयक के मसौदे में ही सरकार ने साफ किया है कि सभी हितधारकों के अधिकार बरकरार रहेंगे।

Trinath Mishra
Trinath Mishra is Sub-Editor of www.bharatkhabar.com and have working experience of more than 5 Years in Media. He is a Journalist that covers National news stories and big events also.

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