जानिए: मकर संक्रांति का त्योहार कितने नामों और तरीकों से मनाया जाता है

जानिए: मकर संक्रांति का त्योहार कितने नामों और तरीकों से मनाया जाता है

नई दिल्ली। मकर संक्रान्ति का त्योहार देश भर में उत्साह के साथ मनाया जाता है। सूर्य का किसी राशि में गोचर संक्रांति कहलाता है। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो मकर संक्रान्ति होती है। मकर संक्रान्ति बसंत ऋतु के आगमन का सूचक है। देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से यह त्योहार मनाया जाता है। तमिलनाडु में पोंगल, असम में बिहू, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में संक्रान्ति मनाई जाती है। इस समय सूर्य उत्तरायण होता है जिससे हर कार्य का फल शुभ होता है। आइए जानते हैं मकर संक्रान्ति के दिन कौन से काम जरूर करने चाहिए।

सुबह जल्दी स्नान कर लें-

सुबह स्नान कर लें और पूर्व की दिशा में मुंह करके सूर्य देव की आराधना करें। ऊँ भास्कराय नम: मंत्र का कम से कम 5 बार जाप करें।

सूर्य नमस्कार-

मकर संक्रान्ति पर दिन की शुरुआत सूर्य को अर्घ्य देकर करें। तांबे के एक पात्र में दूध और जल लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। लाल रंग का फूल भी अर्पित करना शुभ माना जाता है। सूर्य की कृपा से आपकी किस्मत संवर जाएगी। इस दिन गायत्री मंत्र का जाप भी करें।

दान करें-

मकर संक्रान्ति के दिन दान की विशेष महिमा मानी गई है इसलिए इस दिन दान करना ना भूलें। इस दिन आप कपड़ों के अलावा तिल, गुड़, घी, दालें गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें।

खिचड़ी खाएं-

मकर संक्रान्ति के दिन खिचड़ी या चूड़ा-दही खाने की परंपरा है। उड़द दाल की खिचड़ी बनाएं और इसे खाने से पहले शनिदेव को चढ़ाएं। इसके अलावा गरीबों को दान करने के लिए भी खिचड़ी रख लें।

पतंग उड़ाएं-

मकर संक्रान्ति के दिन पतंग उड़ाने की भी परंपरा है. पतंग उड़ाने की परंपरा धार्मिकता से नहीं बल्कि स्वास्थ्य लाभ से जुड़ी है। मकर संक्रान्ति मौसम में बदलाव का संकेत है। लोगों को धूप में वक्त बिताने का मौका मिलता है जिससे सर्दी में होने वाले संक्रमणों से बचने में मदद मिलती है। इसलिए आप भी मकर संक्रान्ति पर पतंग उड़ाएं। मकर संक्रान्ति पर ऊँ घृणि सूर्याय नम: का जाप करें। जीवन में बाधाएं कम होंगी।