supreme court CBSE बोर्ड की मार्किंग स्कीमम से संतुष्ट नहीं हैं छात्र, सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

CBSE बोर्ड की मार्किंग स्‍कीम को कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। सुप्रीम कोर्ट में 1152 छात्रों ने याचिका दायर कर इस स्कीम पर सवाल उठाए और कुछ सुझाव भी दिए। छात्रों ने वकील मनु जेटली के जरिए अपनी याचिका दाखिल की।

स्वास्थ्य सुरक्षा मुद्दे भी याचिका में उठाए

याचिका में छात्रों ने कंपार्टमेंट, ड्रॉप आउट, प्राइवेट छात्रों, कई सालों से पास होने की उम्मीद में पेपर देने वाले, पत्राचार से 12वीं करने वालों के लिए भी नीति बनाने की मांग की है। साथ ही परीक्षा देने वाले छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा समेत सभी जरूरी इंतजाम करने के मुद्दे भी याचिका में उठाए।

CBSE ने SC को सौंपा था फॉर्मूला

बता दें कि 17 जून को CBSE ने सुप्रीम कोर्ट को रिजल्ट तैयार करने का फॉर्मूला सौंपा था। जिसमें CBSE ने बताया था कि 12वीं के परिणाम कक्षा 10(30% वेटेज), कक्षा 11 और कक्षा 12 (40% वेटेज) में प्रदर्शन पर तय किए जाएंगे। CBSE ने बताया था कि 10वीं, 11वीं और 12वीं के प्री बोर्ड के रिजल्ट को 12वीं के फाइनल रिजल्ट का आधार बनाया जाएगा।

ये है रिजल्ट तैयार करने का फॉर्मूला

13 सदस्यीय पैनल 10वीं, 11वीं और 12वीं के नंबर 30:30:40 के अनुपात में जोड़कर रिजल्ट तैयार करने के तरीके पर राजी हुई है। जिसके तहत 10वीं के 5 विषय में से 3 विषय के सबसे अच्छे मार्क को लिया जाएगा। इसी तरह 11वीं के पांचों विषय का एवरेज लिया जाएगा और 12वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम और प्रेक्टिकल का नंबर लिया जाएगा।

जिससे 10वीं के नंबर का 30 परसेंट, 11वीं के नंबर का 30 परसेंट और 12वीं के नंबर के 40 परसेंट के आधार पर नतीजे आएंगे।

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