कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक और स्‍वतंत्र देव सिंह ने लगवाई कोरोना वैक्‍सीन

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के फैलने की गति को रोकने के लिए कोविड वैक्‍सीनेशन का काम तेजी से चल रहा है। इसी बीच गुरुवार को कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक और भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह ने भी कोरोना वैक्‍सीन की पहली डोज ले ली है।

राजधानी स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में आज कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक के साथ उनकी पत्नी नम्रता पाठक, भाजपा के उत्‍तर प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी और उनकी पत्‍नी अर्चना तिवारी, अपर मुख्य सचिव सीएम एसपी गोयल और उनकी पत्नी ने भी कोराना टीका का पहला डोज लगवाया है।

प्रदेश की जनता से की ये अपील  

इस दौरान मंत्री ब्रजेश पाठक और स्‍वतंत्र देव सिंह ने प्रदेश की जनता से कोरोना के खिलाफ इस अभियान से जुड़ने और वैक्सीन लगवाने की अपील की है। वहीं, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने अपील करते हुए कहा कि, जो भी लोग 45 साल के ऊपर हैं, वह वैक्सीन लगवाएं। वैक्‍सीन जल्दी से जल्दी लगवाएं, जिससे कोरोना की लड़ाई में हम सब मिल-जुलकर उसे हरा सकें।

अस्पतालों में हाई अलर्ट  

उत्‍तर प्रदेश में कोविड संक्रमण के मद्देनजर सभी सरकारी अस्पतालों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। अब यहां मरीजों के साथ ही तीमारदारों की भी कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) और डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में सभी डॉक्‍टर्स की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

वहीं, लोहिया इंस्टीट्यूट में आज से नई व्यवस्था लागू हो गई है। यहां पर ओपीडी के लिए अब सभी की कोरोना जांच जरूरी हो गई है। मरीज के साथ अब तीमारदारों को भी कोविड टेस्ट कराना होगा।

केजीएमयू में बिना मास्‍क एंट्री पर जुर्माना

इसके अलावा किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में आज से बिना मास्क परिसर में आने पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। परिसर में बिना मास्क पहने किसी के भी पकड़े जाने पर उसे 200 रुपए का जुर्माना भरना होगा। बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर जारी किया गया यह आदेश डॉक्टर्स, नर्सेज, स्टाफ और रेजिडेंट पर भी लागू होगा। साथ ही यह नियम मरीज और उनके परिजनों पर भी लागू होगा।

लखनऊ में बढ़ रहे कोरोना मरीज

वहीं, राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। राजधानी के 10 कोविड अस्पतालों में कुल 717 बेड की व्यवस्था की गई है, जिसमें से 438 बेड फुल हो गए हैं। अस्‍पतालों के 186 आइसीयू वाले बेड में से 166 बेड पर मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा इस खतरनाक वायरस से जिला जज और अपर जिला सत्र न्यायाधीश भी संक्रमित हो गए हैं। साथ ही डीआरएम समेत कई रेलवे कर्मी भी पॉजिटिव पाए गए हैं।

कोरोना से एलयू के पूर्व प्रोफेसर की मौत

उधर, गुरुवार को ही कोरोना संक्रमण के कारण लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर एके शर्मा की मौत हो गई। वह पिछले कई दिनों से बीमार थे। गंभीर हालत में उन्हें गोमतीनगर के एक निजी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। 30 जून, 2019 को रिटायर हुए एके शर्मा के आकस्मिक निधन पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने शोक जताया है।

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