पीरियड्स को लेकर ये सोचते हैं लड़के, जानकर हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली। पीरियड्स महिलाओं और लड़कियों के लिए काफी  संवेदनशील मुद्दा होता है। अक्सर महिलाऐं और लड़कियां पीरियड्स को लेकर काफी संकोच करती है। पर क्या आपको पता है कि महिलाओं के पीरियड्स को लेकर लड़के क्या सोचते हैं। ज्यादातर लड़को को पीरियड्स के बारे में कोई आइडिया नहीं है। इसलिए जब भी इसके बारे में बात होती है तो वह इधर-उधर देखने लग जाते हैं। पीरियड्स को लेकर लड़को के दिमाग में बहुत से सवाल उठते है। आज हम आपको बताने वाले हैं कि लड़के पीरियड्स को लेकर क्या सोचते हैं।

 

 

खून कहां से आता है

सबसे पहला सवाल जो लड़के मन में उठता है वो ये कि लड़कियों की बायोलॉजी कितनी अलग होती है। इतना खून इनके शरीर में आता कहां से है।

कैसे नहाती है

इन दिनों में लड़कियां नहाती कैसे हैं? उन्हें लगता है कि जब लड़कियां नहाती होगी तो किसी क्राइम सीन की तरह उन्हें हर तरफ ब्लड ही दिखता होगा।

कैसे पता चलता है

यह सवाल तो हर लड़के मन में आता होगा कि लड़कियों को कैसे पता चलता है कि उनके पीरियड्स शुरू हो गए हैं।

इन दिनों क्या सोचती है

लड़के सोचते हैं कि लड़कियों के मन में इन दिनों हर समय सिर्फ पीरियड्स और पैड की बात ही रहती होगी। ऐसे में वो बाकी के काम कैसे कर पाती हैं।

कैसे रिलेक्‍स मिलता है

लड़कों को कभी समझ नहीं आता कि पैड या टैम्‍पून लगाकर लड़कियों को कैसे रिलेक्‍स मिलता है वो इतनी कैसे बैठ भी कैसे लेती हैं। एड वगैरह में इतनी कूल भी कैसे दिखती हैं।

सोती कैसे हैं

कुछ लड़के तो अपने पार्टनर को लेकर इतने परेशान हो जाते हैं कि वह सोचने लगते हैं कि एक ही स्थिति में लड़कियां 8-9 घंटे तक कैसे सो लेती हैं।

गुस्सा

इन दिनों में लड़कियों को गुस्सा बहुत आता है। ऐसे में लड़कियों के व्यवहार को समझ नहीं पाते। कई बार तो अगर लड़की बिना इन दिनों के बहुत गुस्से, उदास या चिड़चिड़ी है तो उन्हें लगता है उसके पीरियड चल रहे हैं। क्या बिना पीरियड्स के लड़कियां गुस्सा नहीं कर सकती।

सीट-कवर खराब होने का डर

लड़के अपनी चीजों को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव होते हैं। मगर इसका मतलब यह तो नहीं कि आप सोचे पीरियड्स में लड़कियां आपकी कार की सीट-कवर या उनकी बेडशीट्स खराब कर देंगी।

संबंध पर सवाल

अपने पार्टनर को लेकर कुछ लड़को के मन में यह सवाल भी होता है कि क्या वह पीरियड्स के दौरान संबंध बना सकती हैं। आपको बता दें कि यह लड़कियों की बॉडी पर निर्भर करता है, वो किस दिन कम से कम दर्द महसूस करती हैं।