January 28, 2022 11:26 am
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अब SGPGI विशेषज्ञों के सुपरविजन में होगा ब्‍लैक फंगस के मरीजों का इलाज

No patient of black fungus has been reported in 24 hours

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम-9 के साथ बैठक की। इसमें उन्‍होंने अधिकारियों को कोरोना प्रबंधन से जुड़े महत्‍वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

मुख्‍यमंत्री ने बैठक में कहा कि, ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के संबंध में सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। आज से एसजीपीजीआई के विशेषज्ञ भी इन मरीजों की स्थिति पर सीधी नजर रखेंगे। लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी सहित जहां कहीं भी ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज हो रहा है, एसजीपीजीआई के विशेषज्ञों के सुपरविजन में होगा।

अस्‍पतालों में दवा का अभाव न हो: सीएम  

सीएम योगी ने कहा कि, स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग सभी अस्पतालों के सतत संपर्क में रहें, कहीं भी उपयोगी दवाओं का अभाव न हो। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा तंत्र को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। बीते चार वर्षों में इस क्षेत्र में अनेक प्रयास किये गए हैं, जिनसे आधारभूत संरचना समृद्ध हुई है।

सूबे के मुखिया ने कहा कि, निर्माणाधीन सीएचसी/पीएचसी का कार्य समय से पूरा किया जाए। इसके लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर निर्माण कार्य की सतत मॉनीटरिंग कराई जाए। प्रदेश के सभी जनपदों की सीएचसी और पीएचसी में उपकरणों की मरम्मत, क्रियाशीलता, परिसर की रंगाई-पुताई, स्वच्छता और मैन पावर की पर्याप्त उपलब्धता के संबंध में इस संबंध विशेष कार्यवाही तेज की जाए।

मेडिकल एजुकेशन विभाग में ऑपरेशन कायाकल्प

उन्‍होंने कहा कि, इसके लिए एक विशेष टीम गठित हो, जो इसकी सतत मॉनीटरिंग करे। बेसिक शिक्षा विभाग में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ की तर्ज पर स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन विभाग में भी अभियान चलाकर व्यवस्था सुदृढ़ की जाए। स्वास्थ्य मंत्री के स्तर से भी सभी दलों के जनप्रतिनिधियों से सहयोग का आग्रह किया जाए। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सतत जारी रखी जाए।

मुख्‍यमंत्री योगी ने कहा कि, स्वास्थ्य विभाग के अधीन संचालित सभी पीएचसी, सीएचसी, हेल्थ सेंटर, जिला अस्पताल की सुविधाओं का एक डेटाबेस तैयार किया जाए। इनकी जियो मैपिंग करते हुए किस केंद्र पर कितने चिकित्सक हैं, पैरामेडिकल स्टाफ की स्थिति क्या है, दवाओं की उपलब्धता कितनी है, भवन, उपकरणों की क्या स्थिति है आदि के संबंध में जानकारी देने वाला मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया जाना चाहिए। यह आमजनता के लिए उपयोगी होगा।

इंसेफेलाइटिस की रोकथाम पर भी जोर  

इंसेफेलाइटिस पर रोकथाम के दृष्टिगत सर्विलांस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। कोरोना की चेन तोड़ने में भी निगरानी समितियों ने सराहनीय कार्य किया है। अब एक ओर जहां विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है वहीं, बरसात का मौसम प्रारंभ होने वाला है और इंसेफेलाइटिस की समस्या भी बढ़ने की संभावना होगी। अंत: प्रो-एक्टिव नीति के तहत हमें सर्विलांस को और बेहतर करना होगा।

सीएम योगी ने कहा कि, बुधवार और गुरुवार को मेरे द्वारा देवरिया, कुशीनगर, बस्ती और सिद्धार्थ नगर जैसे इंसेफेलाइटिस प्रभावित जिलों में तैयारियों की समीक्षा की जाए। अन्य सभी जिलों में भी सतर्कता बरती जाए। सभी जिलों में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। वेंटिलेटर संचालन के लिए एनेस्थेटिक और तकनीशियन की तैनाती भी की गई है। इस संबंध में अभी और मानव संसाधन की आवश्यकता पड़ेगी। ऐसे में आईटीआई व अन्य कौशल विकास केंद्रों से प्रशिक्षित युवाओं को इन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण देकर उनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। इस संबंध में यथासंभव शीघ्रता से कार्यवाही की जाए।

ऑक्‍सीजन की मांग सामान्‍य

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि, विगत 24 घंटे में 663 एमटी ऑक्सीजन वितरित की गई, इसमें 396 एमटी केवल रीफिलर को उपलब्ध कराई गई। ऑक्सीजन उपलब्धता की स्थिति को देखते हुए औद्योगिक इकाइयों को उनके उपयोग के लिए ऑक्सीजन उपयोग की अनुमति दी जानी चाहिए। औद्योगिक गतिविधियां सामान्य रूप से क्रियाशील रखी जाएं।

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