भाजपा की रणनीति से बदल सकता है पंचायत चुनाव का हाल, जानिए क्या है पूरी तैयारी

लखनऊ: पंचायत चुनाव हो या लोकसभा का चुनाव भारतीय जनता पार्टी पूरी हिम्मत के साथ चुनावी मैदान में उतरती है। इसी का नजारा आगामी पंचायत चुनाव में देखने को मिल सकता है, जहां भारतीय जनता पार्टी पूरे दमखम के साथ चुनावी प्रचार में उतरेगी।

हर वार्ड में होंगे 4 सम्मेलन

पंचायत चुनाव में जमीनी पकड़ काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। इसमें बड़े चेहरों से ज्यादा आपसी मेल मिलाप का महत्व होता है। इसीलिए चुनाव की गंभीरता को समझते हुए भाजपा ने अपनी रणनीति बनाई है। हर एक वार्ड में 4 सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। जिससे आम जनता के बीच भाजपा अपने इरादों को रखेगी।

पार्टी की 3051 चुनावी सभाएं

अकेले पंचायत चुनाव में ही भारतीय जनता पार्टी 3051 चुनावी सभाएं करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 12000 सम्मेलन भी करने की तैयारी है। हर एक जिला पंचायत के सभी वार्ड में चुनावी सभा का आयोजन होगा। जिसमें आम जनता के बीच केंद्र सरकार, राज्य सरकार और क्षेत्रीय नेताओं के लिए समर्थन मांगा जाएगा।

जाति के हिसाब से होगा सम्मेलन

पंचायत चुनाव में अलग-अलग जातियों के लिए इस बार सीटें आरक्षित की जा रही है। 2015 के चुनावी आरक्षण को इस बार पलट दिया गया है। इसी का परिणाम है कि कई जगहों पर उम्मीदवारों की उम्मीद पर पानी फिर गया है। भाजपा वार्ड में चुनावी सभा के माध्यम से सभी जातियों को साधने की कोशिश करेगी। प्रत्येक वार्ड में महिला, युवा, ओबीसी और अनुसूचित जाति का सम्मेलन होगा। जिसके माध्यम से सभी वर्गों के बीच भाजपा की आवाज़ पहुंचाई जाएगी।

पंचायत चुनाव अभियान में पदाधिकारी संभालेंगे मोर्चा

इस पूरे अभियान को संभालने की जिम्मेदारी सभी पदाधिकारियों दी गई है। जिनमें सांसद, विधायक, मंत्री समेत प्रदेश के अन्य बड़े चेहरे शामिल रहेंगे। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है लेकिन पंचायत चुनाव में भी अपनी पकड़ और मजबूत करने की इस बार पार्टी की तरफ से कोशिश की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पूरी रणनीति भी बनाई गई।

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होंगे मुख्यमंत्री, 3500 जोड़ों का होगा विवाह

Previous article

परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं पर मधुमक्खियों के हमले में एक की मौत, कई घायल

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured