38 साल की हुई बीजेपी, अटल से शाह तक आए ये बदलाव

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी आज 38 साल की हो गई है। इसी कड़ी में पार्टी शुक्रवार को स्थापना दिवस मनाएगी, जिसको लेकर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मुंबई में तीन लाख कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा शाम के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पांच संसदीय क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से संवाध करेंगे और उन्हें नमो मंत्र देंगे। इससे पहले पीएम मोदी ने ट्वीट कर बीजेपी कार्यकर्ताओं को पार्टी के स्थापना दिवस की बधाई दी।

पीएम ने लिखा कि मेरे भाईयों और बहनों को बीजेपी के स्थापना दिवस की बधाई। बीजेपी न्यू इंडिया की पार्टी है और ये एक ऐसी पार्टी है जो भारत की विविधता और उसके अनोखी संस्कृति पर विश्वास करती है। भारत की 125 करोड़ की जनता हमारी ताकत है। इसके अलावा पीएम ने एक वीडियो भी ट्वीट किया। वीडियो में पीएम ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता हर जगह हैं। वे ही पार्टी की आत्मा और शक्ति हैं। कार्यकर्ताओं ने अपनी मेहनत से पार्टी को उस ऊंचाई तक पहुंचाया है। पीएम ने कहा कि ये कार्यकर्ताओं की मेहनत का ही परिणाम है कि बीजेपी आज भारत के लोगों की सेवा कर पा रही है और उनकी आकांक्षाओं पर खरी उतर रही है।

बीजेपी के गठन की दास्तां

आपातकाल के दौरान भारतीय जनसंघ और दूसरे राजनीतिक दलों ने महागठबंधन किया और जनता पार्टी का जन्म हुआ। जनता पार्टी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नीतियों के खिलाफ चुनाव लड़ा और उस चुनाव में जीत हासिल की। हालांकि, कुछ समय बाद ही जनता पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें आने लगी और जनता पार्टी की सरकार अपना कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाई और जनसंघ,जनता पार्टी से अलग हो गई। इसके बाद जनसंघ का नवीनीकरण हुआ और 6 अप्रैल 1980 को जनसंघ भारतीय जनता पार्टी के तौर पर सबसे सामने आई, जिसके पहले अध्यक्ष पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी बने।

दरअसल 1925 में डॉ. हेडगवार ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की स्थापाना की थी। आरएसएस को बीजेपी का मातृ संगठन माना जाता है क्योंकि बीजेपी के ज़्यादातर बड़े नेता आरएसएस से जुड़े हैं। बीजेपी को एक हिंदू पार्टी के रूप में पहचान मिली हुई है और कमल का फूल उसका चुनाव चिन्ह इसलिए हैं क्योंकि इसे हिंदू परंपरा से जोड़कर देखा जाता है। 1980 में भारतीय जनता पार्टी के गठन के बाद पार्टी ने पहली बार साल 1984 में आम चुनाव लड़ा था जिसमें पार्टी को महज दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वहीं आज के दौर में कभी दो सीट जीतने वाली बीजेपी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता के शिखर पर बैठी है।

चुनाव दर चुनाव बीजेपी की सीटों में हुआ इजाफा 

1984 में दो सीटे जीती

1989 में 85 सीटों पर दर्ज की जीत

1991 में 120 सीटों पर दर्ज की जीत

1996 में बीजेपी ने 161 सीटों पर दर्ज की जीत

1998 में बीजेपी ने जीती 182 सीटें

1999 में भी बीजेपी ने 182 सीटें जीती

2004 में बीजेपी ने झेला नुकसान, जीती 138 सीटें

2009 में बीजेपी को फिर झेलना पड़ा नुकसान, जीती 116 सीटें

2014 में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी बीजेपी, 282 सीटों पर दर्ज की जीत