613e74e9 4236 4bc9 986e 1514c7251983 छठ पूजा को लेकर सियासत तेज, बीजेपी ने केजरीवाल के आवास के सामने किया धरना प्रदर्शन, झारखण्ड सरकार ने दी अनु​मति
प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के दौर में हिंदू धर्म की आस्था रखने वाले कई त्यौहार आए है। जिनमें एक त्यौहार छठ पूजा आने वाली है। जिसका हिंदू धर्म बहुत महत्व है। यह छठ पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाता है। सूर्योपासना का यह लोकपर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़ी ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस पर्व के बारे में कहा जाता है कि यह बिहारियों का सबसे बड़ा पर्व है। इस बार यह पर्व आने वाले शुक्रवार को यानि 20 नवंबर 2020 को मनाया जाएगा। जिसके चलते कोरोना महामरी को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने मुंबई के प्राकृतिक जलाशयों किनारे बड़े पैमाने पर छठ पूजा करने पर रोक लगाने संबंधी आदेश मंगलवार को जारी किए हैं। इसके अलावा दिल्ली सरकार पहले ही छठ घाटों पर प्रतिबंध लगा चुकी है। बीजेपी की दिल्ली इकाई ने नदी के किनारों, मंदिरों में और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा आयोजित करने पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग तेज करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के सामने प्रदर्शन किया है। इसी के साथ झारखण्ड सरकार ने छठ पूजा करने की अनुमति दे दी है।

बीजेपी ने किया दिल्ली सरकार के फैसले का विरोध

बता दें कि पूर्वांचल मोर्चा के अध्यक्ष कौशल मिश्रा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘पूर्वांचल विरोधी’ करार दिया और कहा कि इस प्रतिबंध से दिल्ली में रहने वाले बिहार एवं पूर्वांचल के लोगों की धार्मिक भावनायें आहत हुई है। बीजेपी की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार अगले 24 घंटे के अंदर अपने ‘तुगलकी फरमान’ को वापस ले ले, नहीं तो पूर्वांचल के लोग इसे उचित समय पर सबक सिखाएंगे। सिंह ने सवाल किया कि केजरीवाल ने साप्ताहिक बाजारों, मॉलों और शराब की दुकानों को खोल दिया है और पूरी क्षमता के साथ डीटीसी बसों को चलाने की अनुमति दी है तो वह छठ महापर्व को प्रतिबंधित कर पूर्वांचल के लाखों लोगों के साथ भेदभाव क्यों कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘जिस प्रकार मुख्यमंत्री केजरीवाल ने केंद्र को एक पत्र लिखा और छठ पूजा को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव दिया था। उसी प्रकार उन्हें उप राज्यपाल को एक पत्र लिख कर छठ महापर्व आयोजित करने का प्रस्ताव भेजना चाहिये। हम उपराज्यपाल से इसकी अनुमति ले लेंगे।

हेमेंत सरकार ने दी पूजा की अनुमति-

छठ पूजा पर हेमन्त सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश में हुए परिवर्तन के बाद छठ पूजा व्रतियों को नदी, तालाब आदि पर पूजा की मिली अनुमति बीजेपी ने जनभावना की जीत बताया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने छठ पूजा को लेकर राज्य सरकार द्वारा जारी अपने पुराने आदेश को वापस लिये जाने को सनातनियों की जीत बताया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह लोक आस्था के महापर्व के श्रद्धालुओं की जीत है। प्रकाश ने कहा, ‘‘तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के खिलाफ यह जनता की जीत है. हेमन्त सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जीत है। एक के बाद एक गलत फैसलों के खिलाफ जीत जनता की जीत है।

 

Trinath Mishra
Trinath Mishra is Sub-Editor of www.bharatkhabar.com and have working experience of more than 5 Years in Media. He is a Journalist that covers National news stories and big events also.

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