जन्मदिन विशेषः दमदार एक्टिंग और धमाकेदार डॉयलाग डिलीवरी के बादशाह हैं ‘नाना’

जन्मदिन विशेषः दमदार एक्टिंग और धमाकेदार डॉयलाग डिलीवरी के बादशाह हैं ‘नाना’

नई दिल्ली। मुंबई यानी फिल्मी दुनिया एक ऐसी दुनिया जिसके बारे में लोगों की धारणा है कि यहां सिर्फ खूबसूरती और ग्लैमर का राज चलता है, ये सच्चाई नहीं है। बिना अच्छी एक्टिंग के आप इस इंडस्ट्री में नहीं टिक सकते। इस बात का अंदाजा उन एक्टर्स को देखकर लगाया जा सकता है जिन्होंने इस बात को सच साबित किया है।इन्हीं चंद दमदार एक्टिंग के बेताज बादशाह हैं नाना पाटेकर। आजा विश्वनाथ पाटेकर या कहें नाना पाटेकर का जन्मदिन है।उनका जन्म 1 जनवरी 1951 में हुआ था। आइये जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े किस्से।

नाना पाटेकर ने मुंबई से ही पढ़ाई की और उन्हें स्केचिंग का बहुत शौक था। शायद इसी से उन्हें भी अंदाजा लग गया होगा कि क्रिएटिव इंडस्ट्री में वो अपना कमाल दिखा सकते हैं। नाना को शुरु से ही एक्टिंग का शौक था। अपनी पढ़ाई के दौरान अक्सर वो अभिनय में हिस्सा लिया करते थे। उन्हें स्मिता पाटिल ने एक्टिंग करते हुए देखा था और उसके बाद नाना के बारे में निर्माताओं से बात भी की थी।

 

नाना पाटेकर को सफल फिल्म के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। मोहरे और सलाम बॉम्बे जैसी फिल्म करने के बाद परिंदा में खलनायक की भूमिका निभाकर उन्होंने फिल्मकारों की नजरे अपने ओर कर ली।उन्होंने माधुरी को लेकर एक फिल्म निर्देशित की प्रहार जिसमें हीरो भी वो खुद ही थे।

1992 में फिल्म अंगार में उन्हें बेस्ट विलेन का अवॉर्ड मिला। साल 1994 में उनको फिल्म क्रांतिवीर के लिए नेशनल फिल्म अवार्ड फॉर बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला।इस फिल्म के डॉयलाग…आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने….जैसे दमदार संवादगी से उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया।

नाना पाटेकर जैसी फिल्में करते थे उन पर लेबल लगने लगा कि नाना सिर्फ मार-धाड़ और एक्शन वाली फिल्में ही कर सकते हैं। इसके बाद नाना ने वेलकम में डॉन उदय शेट्टी का रोल किया जो बेहद ही मजेदार था।अपनी गजब की कॉमिक टाइमिंग की वजह से नाना को इस रोल में बहुत ज्यादा पसंद किया गया। इसके बाद वेलकम बैक, टैक्सी नंबर 9211, ब्लफमास्टर जैसी कॉमेडी फिल्मों में काम करके सबके मुंह पर ताला जड़ दिया।

फिल्म खामोशी में गूंगे पिता का किरदार निभाकर नाना ने जता दिया कि वो एक्सप्रेशन के भी महारथी हैं। अमिताभ के साथ उन्होंने कोहराम में काम किया और उनकी अदायगी सबको पसंद आई। नाना ने अपने करियर में चुन चुनकर फिल्में की। वो आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं। नाना किसानों और गरीबों की मदद भी करते हैं और बहुत ही सादगी से अपने परिवार में रहते है। उन्होंने अपनी आधे से ज्याजा संपत्ति गरीबों को दान कर दी है। बॉलीवुड उनकी सादगी को सलाम करता है।