बिहार-बाढ़ राहत के लिए मांगे 7636 करोड़, मिले 1732

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति जहां पूर्व सीएम के घर की सुरक्षा घटाने लेकर गरमाई हुई हैं तो वहीं दूसरी औऱ बिहार प्रदेश द्रारा आपदा के लिए मांगी गई राशि के लिए भी गरमा गई हैं। बता दे कि बिहार सरकार की ओर से बाढ़ से साल 2017 में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार ने 7636 करोड़ रुपये केंद्र से मांगे थे।  इसकी जगह बिहार को 1732 करोड़ रुपये मिले हैं. आपदा राहत के लिए बिहार को मिली यह राशि अब तक की सबसे अधिक बतायी जा रही है। राज्य सरकार की मांग पर बीते दिनों केंद्र सरकार की उच्चस्तरीय समिति ने इस राशि की मंजूरी दी थी।
 बता दे कि  साल 2017 के अगस्त-सितम्बर में आयी बाढ़ से बिहार में भारी तबाही मची थी जिसकी भरपाई के लिए 1732 करोड़ की राशि केन्द्र सरकार की ओर से मिली है। बिहार दौरे पर आये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद भी राज्य को 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि मिली है। बता दे कि बिहार मे ंआई बाढ़ आपदा पर पीएम मोदी ने दौरा किया था जिस वक्त पीएम मोदी ने इससे निपटने के लिए घोषमा की थी जो बिहार प्रदेश को दी गई राशि में 500करोड़ ज्यादा है। राशि मिलने का पत्र आपदा प्रबंधन विभाग को मिल चुका है।बाद में राज्य सरकार ने अति आवश्यक मदों में 7636 करोड़ 51 लाख नौ हजार का मांगपत्र केंद्र सरकार को सौंपा था। इस पर जांच के बाद केंद्रीय टीम ने बिहार में हुए नुकसान को सही ठहराया था और इसकी रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी।  इसके बाद केंद्रीय गृह व वित्त मंत्रालय की उच्चस्तरीय समिति की बैठक में बिहार को 1732 करोड़ रुपये देने पर सहमति बनी।
बता दे कि बिहार में आई बाढ़ से राज्य के 19 जिले प्रभावित  हुए थे। इसके अंतर्गत 187 प्रखंड, 2371 पंचायत, 8394 गांव की एक करोड़ 91 लाख 64 हजार आबादी प्रभावित हुई और 514 लोगों की मौत हो गयी थी। आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव ने कहा कि केंद्र से बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए करीब 1700 करोड़ रुपये मिले हैं। राज्य सरकार ने अन्य पैसों की मांग भी उठायी है। इस बाढ़ में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से बाढ़ पीड़ितों की पूरी मदद की थी। अब देखना यें होगा कि बिहार सरकार द्रारा उठाई जा रही अन्य पैसों की मांग को केन्द्र सरकार मानती हैं या नहीं और अगर मानती हैं तो कब तक यें पैसें बिहार प्रदेश को मिल जाते हैं। बता दे कि बिहार में पूर्व सीएम लालू यादव के घर कू सुरक्षा को लेकर भी सियासत काफी गरमाई हुई हैं।