23 कर्मचारियों को दिया जीएमवीएन से कम्पलसरी रिटायरमेंट, एमडी ज्योति नीरज खैरवाल का बड़ा कदम

23 कर्मचारियों को दिया जीएमवीएन से कम्पलसरी रिटायरमेंट, एमडी ज्योति नीरज खैरवाल का बड़ा कदम

देहरादून। घाटे में जा रहे जीएमवीएन को अब सुधार के रास्ते पर लाने और मौज काट रहे कर्मचारियों को सुधारने का जिम्मा विभाग की प्रबंध निदेशिका ज्योति नीरज खैरवाल ने उठा लिया है। लगातार जीएमवीएन में सुधार के लिए उन्होने कई बड़े कदम जहां उठाकर अपनी मंशा साफ करते हुए ये जाहिर कर दिया है कि विभाग की दशा सुधार ने लिए वो किसी भी तरह का कदम उठाने से नहीं चूकने वाली हैं।

वैसी भी अपने तेज तर्रार स्वभाव के लिए मशहूर और तीखे तेवरों के साथ काम में स्थिलता को नापसंद करने वाली ज्योति नीरज खैरवाल अब लगातार जीएमवीएन में ले रही महत्वपूर्ण फैसलों की वजह से चर्चा में हैं। लेकिन इस बार उन्होने विभाग पर बेवजह आर्थिक बोझ डालने और काम में स्थिलता बनाने वालों के खिलाफ सख्त तेवर अपनाया है।

23 कर्मचारियों को किया जीएमवीएन से बाहर

वर्षो ने विभाग से वेतन और अन्य सुविधाएं लेकर मौज काटने वालों के ऊपर अब एमडी जीएमवीएन की तीखी नजरें इनायत हुई हैं। लिहाजा विभाग से 23 लोगों के बोरिया बिस्तर बंध गए। चूंकि ये वो लोग थे जो कि केवल वेतन लेने के समय तो विभाग में दिखाई देते थे। बाकी वो बिना बताए महीनों गायब रहते थे। इसके साथ ही अपने सहकर्मियों के साथ आम जनता के प्रति इनका व्यवहार सामाजिक नहीं था। लिहाजा विभाग की स्कूटनी कमेटी ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए इन्हे विभाग से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

इस बारें में खुद एमडी ज्योति नीरज खैरवाल ने साफ कहा कि शासन का आदेश भी है और उसे हमारे विभाग में लागू भी किया गया है। जो भी कर्मचारी किन्ही कारणों से अब विभाग में सुचारू रूप से सेवा देने में सक्षम नही होते हुए भी सेवा दे रहे हैं। जिसके चलते विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है, और विभागीय काम सफर कर रहा है। ऐसे 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को कम्पलसरी रिटायरमेंट दे दिया जाता है। जिसके लिए विभाग में बीते अप्रैल में एक स्कूटनी कमेटी बनी थी। जिसकी रिपोर्ट के आधार पर 23 कर्मचारियों को ये कम्पलसरी रिटायरमेंट दे दिया गया है।

काम नहीं तो दाम नहीं ज्योति नीरज खैरवाल का बड़ा कदम

एमडी जीएमवीएन ज्योति नीरज खैरवाल के अब तक उठाए गए कदमों में एक लिहाज से ये एक बड़ा कदम है। विभाग में इस कदम को लेकर जहां कर्मचारियों में एक मैसेज साफ तौर पर देने का प्रयास हुए है कि अगर काम नहीं तो दाम नहीं वहीं इस मैसेज ने सरकार की मंशा को भी साफ कर दिया है। सरकार अब खैरात नहीं बांटने वाली है, इस प्रयास में एमडी ज्य़ोति नीरज खैरवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हुए जीएमवीएन के हित में ये निर्णल लिया है।