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कोविड से जान गंवाने वाले निकाय कर्मियों के लिए की बड़ी मांग

कर्मचारी कोविड से जान गंवाने वाले निकाय कर्मियों के लिए की बड़ी मांग

लखनऊ। कोरोना के क्रूर कहर की वजह से असमय काल के गाल में समाए स्थानीय निकाय कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने की मांग की गई है। उप्र स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि आदेशानुसार इन मृतक कर्मचारियों के परिवारों को सभी प्रकार की सुविधाएं व अन्य लाभ दिए जाएं।

शशि कुमार मिश्रा ने कहा कि सभी निकायों (नगरनिगम/नगरपालिका/नगरपंचायत और जलकल जलसंस्थान) में गत वर्ष एवं इस वर्ष अब तक कोविड19 के अन्तर्गत हुई मृतक  कर्मचारियों की अभी तक सही सूची सम्बंधित निकायों द्वारा नहीं जारी हो सकी है। साथ ही उन मृतक कर्मचारियों के मृतक आश्रितों को सरकार/शासन द्वारा घोषित अनुग्रह धनराशि भी नहीं दी गई है। इसके अलावा सेवायोजन, उनके अवशेष बका, पेंशन, फन्ड, सातवें वेतन मान का एरियर, बीमा समेत अन्य सुविधाएं भी नहीं दी जा सकी हैं। उन्होंने कहा कि कार्यरत कर्मचारियों की भी बहुत लम्बे समय से लम्बित समस्याओं के समाधान का भी समाधान नहीं हो पा रहा है

sashi mishra कोविड से जान गंवाने वाले निकाय कर्मियों के लिए की बड़ी मांग
उप्र स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र

उन्होंने मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी निकायों में कोविड19 व अन्य कारणों से हुई मृत्यु की सही सूची सम्बंधित निकायों द्वारा जारी कर मृतक कर्मचारियों के परिवारीजनों को प्रदेश सरकार व शासन स्तर से दिए जाने वाले सभी लाभ दिए जाएं। मृतक आश्रित के रूप में उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार नियुक्ति करने तथा सभी प्रकार के देयक भुगतान आदि समय से सुनिश्चित करने हेतु तत्काल प्रदेश के सम्बधित निकायों हेतु आदेश जारी हो।

जिससे कि इस महामारी से ग्रसित व मृतक कर्मचारियों के परिवारीजनों को इस भीषण महंगाई के समय में दर दर भटकना न पड़े। क्योंकि, प्रदेश सरकार व शासन तथा प्रदेश की जनता भली भांति इस महामारी से बचाव व कोविड19 से सम्बंधित सभी कार्यों को हम निकाय के कर्मचारी व अधिकारियों ने अपनी व अपने परिवार की जान जोखिम में डाल कर कार्यों का सम्पादन कियाजिसके कारण आज पूरे प्रदेश में सैकड़ों कर्मचारी इस कोरोना के काल में अपनी जान भी गंवा चुके हैं

शशि कुमार मिश्रा ने कहा कि अब इन परिस्थितियों में यदि प्रदेश के कर्मचारियों व उनके परिजनों को इन समस्याओं के लिए जूझना पड़े तो बहुत दुखद और शर्म की बात होगीसाथ ही हम कर्मचारियों की जो भी मौलिक अधिकार व समस्याएं शासन स्तर पर लम्बित हैं उनका भी समाधान कराने के लिए समय से आदेश जारी किए जाएं। 

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