November 28, 2021 5:15 am
featured यूपी

कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने अयोध्या पहुँचे भैयाजी जोशी

अयोध्या पहुँचे भैयाजी जोशी

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री स्व कल्याण सिंह की स्मृति में संत समिति की ओर से गुरूवार को श्रीराम कथा पार्क नयाघाट अयोध्या में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने अयोध्या पहुँचकर कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राममंदिर के लिए कल्याण के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपतराय ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के निवर्तमान राज्यपाल यशस्वी राजनेता कल्याण सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। चंपतराय ने कहा कि बाबू कल्याण सिंह का देहावसान भारतीय समाज की अपूरणीय क्षति है तथापि भावी काल में वे इतिहास पुरुष कहलाये जाएँगे।

उन्होंने 06 दिसम्बर 1992 को निहत्थे राम भक्तों पर गोली नहीं चलवाई और इसके बाद वहां जो कुछ हुआ उसकी जिम्मेदारी स्वयं ली उन्होंने कहा कि 06 दिसम्बर को अयोध्या में अधिकारियों ने जो कुछ किया , मेरे आदेश से किया , इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी हमारी है। ऐसी घोषणा करने का आत्मिक साहस रखने राजनेता का जीवन अविस्मरणीय है।

श्रद्धांजलि सभा में महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह, अवध प्रान्त के प्रान्त प्रचारक कौशल सिंह, सह प्रान्त प्रचारक मनोज, विश्व हिन्दू परिषद पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संगठन मंत्री गजेन्द्र सिंह,अयोध्या सांसद लल्लू सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, वशिष्ठ पीठाधीश्वर व पूर्व सांसद डॉ रामविलास दास वेदांती, सदस्य डा. अनिल मिश्रा, अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, गोसाईगंज विधायक इंद्र प्रताप तिवारी और बीकापुर विधायक शोभा सिंह चैहान समेत अयोध्या के सभी प्रमुख संत महंत मौजूद रहे।

Related posts

29 अक्टूबर 2021 का पंचांग : पुष्य नक्षत्र, जानें आज का शुभमुहूर्त और राहुकाल

Neetu Rajbhar

सूरत रैली में व्यवधान न डाले भाजपा : केजरीवाल

Rahul srivastava

Pithori Amavasya 2021:  कल है पिठोरी आमावस्या, जानिए, क्या है इसका महत्व और कैसे करें पितरों को प्रसन्न?

Saurabh