बरेली: ग्लूकोमा की जागरुकता के लिए निकाली गई रैली, नुक्कड़ नाटक का हुआ मंचन

बरेली: बरेली में एसआरएमएस मेडिकल कालेज में विश्व ग्लूकोमा जागरूकता सप्ताह के दौरान शुक्रवार को रैली निकाली गई। इस रैली के दौरान नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया। मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग के विद्यार्थियों की जागरूकता रैली को एसआरएमएस ट्रस्ट चेयरमैन देव मूर्ति ने झंडी दिखा कर रवाना किया। उन्होंने लोगों से ग्लूकोमा जैसी बीमारी के प्रति सजग रहने की अपील भी की।

ग्लूकोमा को न लें हल्के में

एसआरएमएस मेडिकल कालेज के नेत्र रोग विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डा.नीलिमा मेहरोत्रा ने ग्लूकोमा के संबंध में लोगों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अन्य दिक्कतों की वजह से गई आंखों की रोशनी को वापस लाना संभव है, लेकिन ग्लूकोमा की वजह से रोशनी जाने पर जीवन अंधकार में ही बीतता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए सात मार्च से 13 मार्च तक विश्व ग्लूकोमा सप्ताह मनाया जाता है। इस दौरान सभी देशों में लोगों को जागरूक करने के आयोजन किए जाते हैं।

35 साल के बाद ग्लूकोमा का खतरा ज्यादा

12 मार्च को विश्व ग्लूकोमा दिवस पर एसआरएमएस मेडिकल कालेज की ओर से भी हर साल जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा है। इस बार भी इसी को लेकर रैली निकाली गई और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। डा. मेहरोत्रा ने कहा कि काला मोतियाबिंद के नाम से ज्यादा चर्चित यह बीमारी सामान्य रूप से 35 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है।

शुरू में पहचान होने पर इसका इलाज संभव है। अंधेरे कमरे में आंखों का सामंजस्य नहीं बैठा पाना, चश्मे के पावर में जल्दी जल्दी बदलावॉ और धुंधलापन इसके मुख्य लक्षण हैं। इसके साथ ही आंखों में तेज दर्द, चेहरे में दर्द, लाल आंखें और रोशनी के चारों ओर प्रभामंडल और मितली आना भी इसके लक्षणों में शामिल हैं।

ऐसा होने पर तुरंत कुशल नेत्ररोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने बताया कि एसआरएमएस मेडिकल कालेज में इसके इलाज के लिए अत्याधुनिक उपकरण और कुशल डाक्टरों की टीम मौजूद है।

नुक्कड़ नाटक से लोगों को किया जागरूक

इससे पहले सुबह करीब दस बजे मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग के विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकाली। इसे एसआरएमएस ट्रस्ट चेयरमैन देव मूर्ति, मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा.एसबी गुप्ता, डा.नीलिमा मेहरोत्रा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विद्यार्थी एसआरएमएस मेडिकल कालेज के गेट नंबर दो से निकल कर भोजीपुरा फ्लाईओवर तक गए। वहां से लौटने के बाद पैरामेडिकल के विद्यार्थियों ने ओपीडी के बाहर ग्लूकोमा के लक्षणों और उपचार को बताने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया।

इस मौके पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा.आरपी सिंह, प्रिंसिपल नर्सिंग कालेज डा.शमशाद आलम, डीन पीजी डा.पियूष कुमार, डीन यूजी डा.रोहित शर्मा, डीएसडब्ल्यू डा. अतुल कुमार सहित सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

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