मुख्तार अंसारी की कोर्ट में हुई पेशी, पुलिस की ये मांग हुई खारिज

बांदा: बांदा जेल में बंद बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की मऊ के गैंगस्टर कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई।

जिसमें पुलिस प्रशासन ने कोर्ट से ये मांग की थी कि माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रूप से मऊ न्यायालय में उपस्थित किया जाए। लेकिन अधिवक्ता दरोगा सिंह के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने पुलिस की मांग को खारिज करते हुए मुख्तार को 60 दिनों का ज्यूडिशियल रिमांड दे दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने अगली तारीख 11 जून 2021 को नियत की है।

तकिया, कूलर, हार्डबेड की मांग

वहीं इस बीच पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से कहा कि उसे जेल मैनुअल के हिसाब से व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

मुख्तार अंसारी ने मांग करते हुए कहा कि उसे चिकित्सकीय परीक्षण के अनुसार तकिया हार्डबेड, कुर्सी, कूलर और फीजियोथेरेपिस्ट दिया जाए जो मेरी फिजियोथेरेपी कर सके।

जिसके बाद गैंगस्टर कोर्ट ने बांदा जेल को आदेश दिया है कि जेल में मुख्तार द्वारा की जा रही मांग के अनुसार व्यवस्था की जाए। हालांकि मीडिया को ये जानकारी मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता दरोगा सिंह ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए दी है।

मच्छरों और गर्मी से परेशान है मुख्तार

गौरतलब है कि बांदा की जेल में बसपा विधायक और बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर उसे न केवल गर्मी लग रही है बल्कि मच्छरों ने भी उसे तंग कर रखा है।

यहां की जेल में मुख्तार रोज नई नई मुसीबतों से दो चार हो रहा है। यही कारण है कि मुख्तार ने कोर्ट से जेल में सभी सहूलियत दिलवाने की मांग की है।

माफिया डॉन पर दर्ज हैं कई केस

बता दें कि माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के ऊपर यूपी में कई केस दर्ज हैं। मुख्तार असांरी इससे पहले पंजाब के मोहाली जिले के रोपड़ जेल में बंद था। उसे एक छोटे से केस में पंजाब के जेल में रखा गया था।

जहां आरोप लग रहे थे कि उसे जेल के अंदर वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। इस मामले में यूपी सरकार और पंजाब सरकार आमने सामने आ गई थी। योगी सरकार जहां मुख्तार को यूपी में लाने में लगी थी वहीं पंजाब सरकार भी उसको यूपी भेजना नहीं चाहती थी।

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