आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने राज्य में निवेश के अवसरों के बारे में निवेशकों को संबोधित किया

देहरादून। अमित सिन्हा, डायरेक्टर, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी (आइटीडीए), उत्तराखण्ड ने कहा कि, ”उत्तराखण्ड सरकार अपने राज्य में आइटी सेक्टर को आगे बढ़ाने पर काफी जोर दे रही है। सरकार की नीतियों और पहलकदमियों से निवेश के अनंक अवसर उत्पन्न हुए हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर, इनक्यूबेशन सेंटर और ग्रामीण बीपीओ आदि की स्थापना सम्मिलित है। विभिन्न उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य में कारेाबारी की उत्कृष्ट परिस्थितियां और शानदार टैलेंट पूल मौजूद है। हम आइटी इंडस्ट्री के लिए प्लग एंड प्ले फैसिलिटीज लाने की योजना बना रहे ताकि राज्य में आसानी से परिचालन किया जा सके। हमने इलेक्ट्राॅनिक्स विनिर्माण सेक्टर के लिए काशीपुर में बेहतरीन उद्योग सुविधायें, देहरादून में आइटी पार्क जोकि 1 लाख वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है, स्थापित किये हैं। हम अलमोड़ा, टिहरी और रामनगर जैसे इलाकों में फैसिलिटीज विकसित कर रहे हैं जहां बीपीओ की स्थापना की जा सकती है।

 

 

स्वास्थ्य के क्षेत्र के बारे में उत्तराखण्ड सरकार ने पीपीपी पद्धति पर निवेश के विभिन्न अवसरों की चर्चा करते हुंए मेडिसिटी/हेल्थकेयर सिटी, हब और स्पोक पद्धति पर नैदानिक सुविधा, खाद्य एंव औषधि परीक्षण एवं आर ऐंड डी केन्द्र एवं अन्य गतिविधियों के विकास की जानकारी दी। राज्य के विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने तथा समग्रतापूर्ण आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए उत्तराखण्ड सरकार ने नीतिगत मामलों में अनेक कदम उठाए हैं। औद्योगिक वातावरण को बेहतर बनाने और कारोबार के सहायक के रूप में कार्य करने के लिए राज्य एमएसएमई नीति 2015 और बृहत् औद्योगिक एवं निवेश नीति 2015 के अलावा व्यावसायिक क्षेत्रवार समर्पित नीतियाँ प्रारूपित की गई हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से सभी महत्वपूर्ण सेक्टर्स में स्वीकृति की प्रक्रिया सरल हो गई है।

उत्तराखण्ड प्राकृतिक संसाधनों, विशेषकर जल एवं वन संपदा से समृद्ध है। यहाँ अनेक हिमनद और घने जंगल मौजूद हैं जिनके कारण यह साहसिक अभियानों, छुटिट्टयों और आरोग्य पर्यटन के लिए एक आदर्श स्थल है। इस राज्य में प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होमियोपैथी की भी प्रचुर संभावना है। उत्तराखण्ड राज्य में उधम सिंह नगर, हरिद्वार, आदि में भारी संख्या में मौजूद अनुषंगी इकाइयों के साथ काफी पुराने और प्रतिष्ठित व्यावसायिक घरानों का एक सुस्थापित औद्योगिक आधार भी है। प्रमुख कंपनियों ने उत्तराखण्ड के सौहार्दपूर्ण कारोबारी माहौल को देखते हुए यहाँ अपनी इकाइयाँ स्थापित की हैं और अपने-अपने अत्याधुनिक परिचालन पद्धतियों से स्थानीय उत्पादन माहौल में प्राण फूँक रहे हैं। इस राज्य में चिन्हित फोकस व्यावसायिक क्षेत्रों में बेशुमार अवसर मौजूद हैं और इस तरह यह कारोबार बढ़ाने के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन है।

डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड: इन्वेस्टर्स समिट 2018 के विषय में उत्तराखण्ड सरकार राज्य द्वारा चिन्हित 12 प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों से जुड़े सभी विभागों के समन्वय में 7-8 अक्टूबर, 2018 को ‘उत्तराखण्ड इन्वेस्टर्स समिट 2018’ का आयोजन कर रही है। उद्योग निदेशालय में स्थित निवेश संवर्धन एवं सुविधा केन्द्र आयोजन के सचिवालय के तौर पर काम कर रहा है। यह एक विशाल आयोजन होगा जिसमें वैश्विक व्यावसायिक पारितंत्र से निवेशकों, विनिर्माताओं, उत्पादकों, नीति निर्धारकों और संगठनों का समूह एकत्र होगा। इस समिट में, राज्य में औद्योगिक विकास की गति तेज करने के लिए मुख्य रूप से 12 फोकस सेक्टरों पर केंद्रण किया जायेगा जिनमें खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी एवं फूलों की खेती, हर्बल एवं एरोमैटिक, पर्यटन एवं आतिथ्य, तंदुरुस्ती एवं आयुष, औषधि, ऑटोमोबाइल, कुदरती रेशे, सूचना प्रौद्योगिकी, अक्षय ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी एवं फिल्म शूटिंग सम्मिलित हैं। इससे घरेलू और विदेशी दोनों तरह के निवेशकों को इन क्षेत्रों में निवेश एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध होंगे।