अब 13 जुलाई को होगी अयोध्या मामले की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में चल रही अयोध्या विवाद को लेकर सुनवाई एक बार फिर स्थगित हो गई। शुक्रवार को कोर्ट ने इस मामले पर अब 13 जुलाई को सुनवाई करना तय किया है। इससे पहले 17 मई को मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और एसए नजीर की पीठ ने मामले की सुनवाई 6 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी थी। 17 मई को मुस्लिम पक्षकारों की ओर से दलील पेश की गई थी कि 1994 के इस्माइल फारूकी के मामले में आए फैसले में कुछ निष्कर्षों पर आपत्ति जताई थी। उसमें कहा गया है कि मस्जिद में नमाज पढ़ना इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है।

शुक्रवार को भी तीन जजों की पीठ के समक्ष मुस्लिम पक्ष विरोध कर रहा था कि फारूकी केस में यह गलत कहा गया है कि मस्जिद इस्लाम का हिस्सा नहीं हैं नमाज कहीं भी, यहां तक कि खुले मैदान में भी पढ़ी जा सकती है। इस पर जस्टिस भूषण ने पूछा कि यह ठीक है कि मस्जिद इस्लाम का हिस्सा है लेकिन क्या नमाज मस्जिद में ही पढ़ना इस्लाम का हिस्सा है?

मुस्लिम पक्ष ने पिछली बार कहा था कि ऐसे में इस फैसले के एक बार फिर से परीक्षण की जरूरत है। इस मामले को संवैधानिक पीठ को भेजा जाना चाहिए। इस पर हिंदू पक्ष की दलील थी कि वह मुद्दा जमीन अधिग्रहण के संबंध में था। मौजूदा मामला टाइटल विवाद है। ऐसे में उस फैसले का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए मामले को संवैधानिक पीठ को नहीं भेजा जाना चाहिए।