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लखनऊ: अटेवा के प्रतिनिधि मण्डल ने राजनाथ सिंह से की मुलाकात, कहा निजीकरण के बजाय राष्ट्रीयकरण करे सरकार

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लखनऊ: अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार ने प्रतिनिध मंडल के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की, विजय कुमार ने राजनाथ सिंह से उनके आवास दिलकुशा में मुलाकात की। पुरानी पेंशन बहाली के मामले में राजनाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा। साथ ही निजीकरण रोकने की भी मांग।

निजीकरण को समाप्त करने की मांग की

अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार ‘बंधु’ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ से सांसद-देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लखनऊ स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात में पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण को समाप्त करने  के लिए राजनाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा।rajnath लखनऊ: अटेवा के प्रतिनिधि मण्डल ने राजनाथ सिंह से की मुलाकात, कहा निजीकरण के बजाय राष्ट्रीयकरण करे सरकार

पुरानी पेंशन बहाली करने की मांग की

ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की 1 जनवरी 2004 से केंद्र सरकार की नौकरियों में और 1 अप्रैल 2005 से जो पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर दी गयी है। उसे पुनः बहाल करने की बात सरकार तक अपने माध्यम से पहुंचाएं।

शिक्षकों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाने की जरूरत

साथ ही अन्य ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई कि जिस प्रकार से केंद्र ने 1 जनवरी 2004 तक नियुक्ति प्राप्त ऐसे शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन के दायरे में लाया गया है। जो किसी कारण ज्वाइनिंग में बाद में प्राप्त  गई  हैं। उसी प्रकार उत्तर प्रदेश में भी 1 अप्रैल 2005 तक नियुक्ति प्राप्त शिक्षक कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन के दायरे में लाया जाए जिनकी ज्वाइनिंग किन्ही कारणों से लेट हुई है।

मुख्यमंत्री के नाम से सौंपा ज्ञापन

इस आशय का पत्र मुख्यमंत्री को आपके माध्यम से पत्र लिखे जाने की मांग की है। जिसमे केंद्र की भाँति ऐसे शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में लाए जाने की बात कही गई है। राजनाथ सिंह ने प्रतिनिधि मण्डल की बात को ध्यानपूर्वक सुना और पुरानी पेंशन बहाली की बात सुनी। साथ ही पेंशन बहाली कराने की बात भी कही।

13 लाख शिक्षक यूपी में परेशान

अटेवा अध्यक्ष विजय कुमार ‘बन्धु’ ने कहा उत्तर प्रदेश के 13 लाख सहित देश के 60 लाख शिक्षक, अधिकारियों व कर्मचारी इस नयी शोषणकारी पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत आता है। पुरानी पेंशन बहाल कर इस बड़ी संख्या को शोषण से मुक्त कराया जा सकता है, हम निवेदन करते हैं कि आपकी सरकार इस प्रकार का ऐतिहासिक फैसला ले और इस शोषणकारी व्यवस्था से मुक्ति दिलाए।

निजीकरण के बजाय राष्ट्रीकरण हो…

अटेवा के महामंत्री डाँ नीरज पति त्रिपाठी ने कहा कि देश की संस्थाओ का निजीकरण करने बजाए राष्ट्रीकरण किया जाए जो देश हित में हो। जनता के हित में ही देश हित समाहित है। निजीकरण की प्रक्रिया रोकने को अपील भी की।

प्रतिनिधि मण्डल में अटेवा के  कोषाध्यक्ष विक्रमादित्य मौर्य, प्रदेश मन्त्री डॉ रमेश चंद्र त्रिपाठी, मीडिया प्रभारी डॉ राजेश कुमार, संयुक्त मन्त्री रजत प्रकाश, डॉ सैयद सादिक अब्बास, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी-उत्तर प्रदेश ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रामेन्द्र श्रीवास्तव सहित अन्य साथी शामिल हुए।

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