nirmala sitharaman आत्मनिर्भर भारत 3.0 का एलान, जानिए पैकेज में क्या है खास
आत्मनिर्भर भारत 3.0 का एलान, जानिए पैकेज में क्या है खास

कोरोना संकट में अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने के लिए वित्त मंत्री ने एक और राहत पैकेज देने का ऐलान किया है. सरकार ने आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान किया. आत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 12 घोषणाएं की गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा की. कोरोना से लड़ने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार अपने प्रयास कर रहा है. कई कंपनियां कोरोना वैक्सीन निर्माण में लगी हैं. लेकिन वित्त मंत्री ने भारत में कोरोना वैक्सीन निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट की घोषणा की है. कोविड सुरक्षा मिशन के तहत रिसर्च और वैक्सीन डेवलपमेंट के लिए सरकार ने 900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. कोविड सुरक्षा मिशन के तहत ये राशि डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को दी जाएगी. ये खर्च स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त होगा.

नई नौकरियों का सृजन

रोजगार को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा की गई. इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा. पंजीकृत ईपीएफओ प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारियों को फायदा मिलेगा. जो पहले ईपीएफओ से नहीं जुड़े थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर तक नौकरी चली गई हो उन्हें भी इस योजना का फायदा मिलेगा. ये योजना एक अक्तूबर 2020 से लागू होगी और 30 जून 2021 तक लागू रहेगी. घोषणा के अनुसार संगठनात्मक क्षेत्र में EPFO ​​में पंजीकृत कंपनियों में 15,000 रुपये से कम वेतन वाले नए कर्मचारी भी अब लाभान्वित होंगे. एक अक्टूबर से भर्ती होने वाले कर्मचारी दो साल तक इसका लाभ ले सकेंगे. सरकार ने इसके लिए सब्सिडी सपोर्ट का एलान किया.

‘नए भर्ती हुए श्रमिकों के PF पर पूर्ण 24 प्रतिशत अनुदान’

सरकार अगले दो वर्षों तक 1000 कर्मचारियों वाली संस्थाओं में नए भर्ती हुए श्रमिकों के PF पर पूर्ण 24 प्रतिशत अनुदान प्रदान करेगी. ये 1 अक्टूबर, 2020 से लागू होगा. 1000 से अधिक कर्मचारियों वाली संस्था में सरकार 2 साल के लिए नए कर्मचारियों के 12 प्रतिशत पीएफ योगदान पर सब्सिडी देगी. इसमें 95 फीसदी संस्थाओं का समावेश हो जायेगा और करोड़ों कर्मचारियों को इससे फायदा होगा.

PM आवास योजना के लिये अतिरिक्त 18,000 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिये अतिरिक्त 18,000 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. वित्त मंत्री ने बताया कि 10 क्षेत्रों के लिए 1.46 लाख करोड़ रुपये की उत्पादन प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है. इससे रोजगार और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा. पहले ये योजना 3 क्षेत्रों में शुरू की गई थी.

‘आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 2.0 शुरू’

सीताराम ने कहा कि 26 परेशान क्षेत्रों की पहचान की गई है. इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र भी शामिल किया गया है. इन क्षेत्रों के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना 2.0 शुरू की जा रही है. इसका लाभ MSME सेक्टरों को होगा. इसके तहत 50 करोड़ से 500 करोड़ तक की ऋण धारक कंपनियों को एक साल के लिए मोरेटोरियम दिया जायेगा. ये योजना 31 मार्च, 2021 तक लागू रहेगी.

निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को राहत 

वित्त मंत्री ने कहा कि निर्माण और बुनियादी ढांचा सेक्टर की कंपनियों को अब कॉन्ट्रेक्ट के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के तौर पर पांच से 10 प्रतिशत फीसदी के स्थान पर केवल तीन प्रतिशत की रकम रखनी होगी. ये राहत 31 दिसंबर, 2021 तक जारी रहेगी.

मूडीज ने रेटिंग में किया सुधार

वित्त मंत्री ने कहा कि हाल के आंकड़े अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े बेहतर आए हैं. रिजर्व बैंक ने यह संकेत दिया है कि तीसरी तिमाही में ही इकोनॉमी पॉजिटिव जीडीपी ग्रोथ हासिल कर सकती है. मूडीज ने भी भारत की रेटिंग में सुधार किया है. पहले हमारी रेटिंग जहां 9.6 निगेटिव थी अब इसे घटाकर 8.9 निगेटिव कर दिया गया है. इसी तरह 2022 के अनुमान को 8.1 फीसदी से बढ़ाकर 8.6 फीसदी कर दिया है. ये संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है.

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