5e087fa1 8f8f 4691 a0bc cad0d81865c6 1 वर्तमान सरकार द्रारा अच्छी योजना को बंद करना-दुर्भाग्यपूर्ण:

नई दिल्ली। राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियों शुरू हो गई है। नेता अपने अपने बयानों और भाषणों के जरिए जनता के वोट वटोरने की कोशश कर रहे हैं ऐसे में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने बीजेपी सरकार द्वारा पूर्ववती कांग्रेस सरकार की ओर से लागू की गई मुख्यमंत्री बीपीएल जीवनरक्षा कोष योजना को बंद करने के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। साथ ही बीजेपी सरकार पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं और राज्य के विकास के लिए प्रारंभ की गई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को कमजोर बताया हैं।और बंद करने को निंदनीय कृत्य बताया।

बीजेपी पर कसा तंज

इसी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से बीजेपी को आड़े हाथों लिया गया जिसमें उन्होनें कहा कि लोकसभा की दो और विधानसभा की एक सीट पर उपचुनाव में जनता ने बीजेपी को जो सबक सिखाया है उसके बावजूद इस प्रकार के निर्णय दुस्साहसपूर्ण है। अब जनता समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में इसका माकूल जवाब देगी। गहलोत ने कहा कि यह योजना राज्य के बीपीएल और समकक्ष परिवारों के असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित हुई थी। इस योजना के अन्तर्गत राजकीय चिकित्सालयों में चिकित्सा सुविधा पूर्ण रूप से निःशुल्क कर दी गई तथा चिकित्सकीय व्यय की कोई सीमा नहीं थी।

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गहलोत ने कहा कि इस योजना में बीपीएल श्रेणी के परिवारों को सरकारी अस्पतालों में सम्पूर्ण इलाज निःशुल्क उपलब्ध कराने के साथ हृदय रोग, कैंसर और किडनी रोग का इलाज चिन्हित निजी अस्पतालों में करवाने पर एक लाख रूपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान भी किया गया था, किन्तु बीजेपी सरकार ने भामाशाह योजना की आड़ में इस योजना को बंद करने का निर्णय लिया है जो कि इस वर्ग के लोगों पर कुठाराघात है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा और जांच योजना को भी भामाशाह योजना की बलि चढ़ाया जा रहा है। न तो निःशुल्क दवाएं उपलब्ध हो रही है और न ही समय पर मरीजों की चिकित्सा जांच हो पा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के बंद होने से इससे जुडे़ संविदाकर्मियों के समक्ष भी रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है, उनके बारे में भी सरकार को संवेदनशीलता के साथ सोचना चाहिए।

राजस्थान में हार के बाद जहां बीजेपी उस हार को सुधारने की कोशिश कर रही हैं तो वहीं कॉग्रेस भी सत्ता में आने की हर संभव कोशिश कर रही हैं अब देखना यें होगा कि जनता किस पर भरोसा करती हैं और विजयी बनाती हैं।

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