अशोक गहलोत को संगठन महासचिव बनाने के पीछे वजह

नई दिल्ली। राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव कों लेकर कांग्रेस ने भी अपनी कमर कस ली हैं और इसी बीच राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी में अब तक का सबस बड़ा और अहम फैसला लिया गया हैं जो कि सीधा सीधा राजस्थान चुनाव पर असर डालेगा। बता दे कि राहुल गांधी की अध्यक्षता में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पार्टी का संगठन महासचिव बनाया गया है।

 

 

बता दे कि अशोक गहलोत दो बार राजस्थान में सीएम के पद पर रह चुके हैं राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाते हैं। पार्टी का संगठन महासचिव जनार्दन द्विवेदी थें जो सोनिया गांधी के बेहद करीबी और भरोसेमंद माने जाते हैं जिनक जगह अब अशोक गहलोत लेगें।

क्यो बनाया गया संगठन महासचिव
राजस्थान चुनाव को लेकर कांग्रेस कोई कोताई नहीं बरतना चाहती जिसको लेकर कांग्रेस अध्यक्ष की अध्यक्षता में रणनीति बनाई गई हैं। जिसमें अशोक गहलोत को संगठन महासचिव का पद दिलाया गया हैं क्योकि अगर संगठन महासचिव का पद अशोक गहलोत को ना बनाते तो अशोक गहलोत को सीएम पद के दावेदार के रुप में खड़ा करना पड़ता जो कांग्रेस नहीं चाहती थी इससे अब साफ हो गया हैं कि सीएम पद का दावेदार कांग्रेस सचिन पायलट को ही बनाएगी।

स्वभाव से विनम्र नेता कहे जाने वाले गहलोत 1998 से 2003 और फिर 2008 से 2013 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे हैं. इससे पहले कांग्रेस ने गहलोत से गुजरात के प्रभारी की जिम्मेदारी वापस ले ली थी और उनकी जगह आज ही राजीव सातव को गुजरात का प्रभारी बनाया गया.पिछले साल कांग्रेस ने गुजरात चुनावों से पहले अप्रैल में गहलोत को एआईसीसी का महासचिव बनाते हुए गुजरात प्रभारी के तौर पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी जिसमें वह सफल रहे बता दे कि सचिन पायलट के सीएम पद के दावेदार को लेकर अशोक गहलोत का एक खेमा नाराज चल रहा था जो संगठन महासचिव बनाने के बाद शांत हो गया हैं और इस फैसले स ेखुश भी हैं।