बाल कलाकार के रूप में तमिल फिल्म से रखा था फिल्मी दुनिया में कदम

नई दिल्ली। बालीवुड़ अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन से हर कोई सदमे में है। इतनी कम उम्र में इस अदाकारा का इस दुनिया से रुकसत हो जाने से हर कोई गम में डूबा हुआ है। श्रीदेवी ने अपनी गजब की खूबसूरती, दिलकश अदाओं और दमदार अभिनय से दर्शकों पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। भारतीय फिल्मों की मशहूर अदाकारा ने हिंदी फिल्मों के अलावा तमिल, मलयालम, तेलुगू, कन्नड़ और में भी काम किया है। अपने बेहतरीन अभिनय के कारण उनकी गिनती बेहतरीन कलाकारों में की जाती है, वह अस्सी और नब्बे के दशक में सक्रिय रहीं। उन्होंने अपने फिल्मी करीयर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार 1976 में आई तमिल फिल्म मंदरू, मुदिची से की थी, जिसमें उनके साथ में मुख्य रोल में अभिनेत्री और तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता भी थी। श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त,1963 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव मीनमपट्टी में हुआ था।  उनके पिता का नाम अय्यपन और मां का नाम राजेश्वरी था। उनके पिता एक वकील थे और उनकी एक बहन और दो सौतेले भाई हैं।

अभिनेत्री के रूप में 1976 में उन्होंने तमिल फिल्म ‘मुंदरू मुदिची’ में काम किया।  श्रीदेवी को मलयालम फिल्म ‘मूवी पूमबत्ता'(1971) के लिए केरला स्टेट फिल्म अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। उन्होंने इस दौरान कई तमिल-तेलुगू और मलायलम फिल्मों में काम किया, जिसके लिए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया। श्रीदेवी ने हिंदी में अपने करियर की शुरुआत साल 1979 में फिल्म ‘सोलवां सावन’ से की थी, लेकिन उन्हें बॉलीवुड में पहचान फिल्म ‘हिम्मतवाला’ से मिली। इस फिल्म के बाद वह हिंदी सिनेमा की सुपरस्टार अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई दमदार रोल किए।

उन्होंने हेमा मालिनी अभिनीत फिल्म ‘सीता और गीता’ की रीमेक ‘चालबाज’ में डबल रोल निभाया और पंकज पराशर द्वारा निर्देशित फिल्म में अंजू और मंजू के किरदार से उन्होंने सभी का मन मोह लिया।साल 1983 में फिल्म ‘सदमा’ में श्रीदेवी दक्षिण सिनेमा के अभिनेता कमल हासन संग नजर आईं और इस फिल्म में उनके अभिनय को देख समीक्षक भी हैरान थे। श्रीदेवी को फिल्मों में अपने मिथुन चक्रवर्ती से प्यार हो गया और दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा, हालांकि मिथुन पहले ही शादीशुदा थे। उन दिनों दोनों का फिल्मी करियर ऊंचाइयों पर था और उनके प्यार के चर्चे भी आम हो गए थे। इन सबसे मिथुन के गृहस्थ जीवन में भूचाल लाकर रख दिया था, जिसके बाद मिथुन ने सबको अपने और श्रीदेवी के रिश्ते की सफाई दी।

इसके बाद श्रीदेवी ने 1996 में अपनी उम्र से लगभग 8 साल बड़े फिल्म निर्माता बोनी कपूर से शादी कर सबको चौंका दिया था। बोनी से उनको दो बेटियां जाह्नवी और खुशी कपूर। फिलहाल इनकी बड़ी बेटी पूरी तरह से बॉलीवुड में आने को तैयार है। साल 1996 में निर्देशक बोनी कपूर से शादी के बाद श्रीदेवी ने फिल्मी दुनिया से अपनी दूरी बना ली थी, लेकिन इस दौरान वह कई टीवी शो में नजर आईं। श्रीदेवी ने साल 2012 में गौरी शिंदे की फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ से रूपहले पर्दे पर अपनी वापसी की। हिंदी सिनेमा से कई वर्षो तक दूर रहने के बाद भी फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’ में उन्होंने बेहतरीन अभिनय से आलोचकों और दर्शकों को चौंका दिया था। उन्हें भारत सरकार ने साल 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया।

इसके अलावा उन्हें ‘चालबाज’ (1992) और ‘लम्हे’ (1990) के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिल चुका है। उन्होंने ‘जैसे को तैसा’, ‘जूली’, ‘सोलहवां साल’, ‘हिम्मतवाला’, ‘जस्टिस चौधरी’, ‘जानी दोस्त’, ‘कलाकार’, ‘सदमा’, ‘अक्लमंद’, ‘इन्कलाब’, ‘जाग उठा इंसान’, ‘नया कदम’, ‘मकसद”तोहफा’, ‘बलिदान’, ‘मास्टर जी’, ‘सरफरोश’,’आखिरी रास्ता’, ‘भगवान दादा’, ‘धर्म अधिकारी’, ‘घर संसार’, ‘नगीना’, ‘कर्मा’, ‘सुहागन’, ‘सल्तनत’, ‘औलाद’, ‘हिम्मत और मेहनत’, ‘नजराना’, ‘जवाब हम देंगे’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘शेरनी’, ‘सोने पे सुहागा’, ‘चांदनी’, ‘गुरु’, ‘निगाहें’, ‘बंजारन’,
‘फरिश्ते’, ‘पत्थर के इंसान’, ‘लम्हे’, ‘खुदा गवाह’, ‘हीर रांझा’, ‘चंद्रमुखी’, ‘गुमराह’, ‘रूप की रानी चोरों का राजा’, ‘चांद का टुकड़ा’, ‘लाडला’, ‘आर्मी’, ‘मि. बेचारा’, ‘कौन सच्चा कौन झूठा’, ‘जुदाई’, ‘मिस्टर इंडिया 2’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने अपने करियर में लगभग 200 फिल्मों में काम किया।