defense minister rajnath singh कोरोना संकट में सेना करेगी राज्य सरकारों की मदद, रक्षा मंत्री ने दिया आदेश

देश में कोरोना की रफ्तार बेकाबू हो चली है। कोरोना से लड़ने के लिए अब सेना और रक्षा संस्थान भी युद्धस्तर पर जुट गए हैं। सेना प्रमुखों के साथ रक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जानकारी दी कि, सेना से आम लोगों के लिए मेडिकल फैसिलिटी खोलने के लिए कहा है।

केंद्र सरकार भी फिर से एक्टिव हो गई है और उसने डीआरडीओ को दिल्ली कैंट में फिर से कोरोना के गंभीर हालत वाले मरीजों के इलाज के लिए कोविड केयर अस्पताल की सुविधा जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दे दिया है। सरकार के आदेश पर अमल करते हुए डीआरडीओ ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

250 बेड्स के साथ शुरू होगा सेना का हॉस्पिटल

इस अस्पताल से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में जिस तेजी के साथ कोरोना के केसेज बढ़ते जा रहे हैं, उसे देखते हुए शनिवार से ही 250 बेड्स के साथ इस अस्पताल को फिर से शुरू करने की कोशिश की जा रही है और अगले दो हफ्ते के अंदर पूरे 500 बेड का अस्पताल फिर से पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा। यहां आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्सेज के डॉक्टर्स तैनात किए जाएंगे। पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा तैयार करवाए गए इस अस्पताल में 6 महीने के दौरान 4 हजार से ज्यादा कोविड पेशंट्स का इलाज किया गया था।

रेलवे के स्पेशल कोच फिर बनेंगे आइसोलेशन​ सेंटर

रेलवे ने दिल्ली सरकार को कोरोना के मरीजो को आइसोलेट करने के लिए जो स्पेशल कोच मुहैया कराए थे, उन्हें स्टेशनों से तो हटा लिया गया था और कुछ कोच को फिर से ट्रेनों में लगा भी दिया गया था, लेकिन अब भी 800 बर्थ के साथ 50 कोच शकूरबस्ती के रेलवे यार्ड में तैयार खड़े हैं।

ऑक्सीजन सिलेंडर: बैठक में डीआरडीओ, ओएफबी और सभी डिफेंस पीएसयू (पब्लिक सेक्टर यूनिट्स) को राज्य सरकारों को ऑक्सीजन सिलेंडर और अस्पतालों में बेड मुहैया कराने का आदेश दिया गया।

एलसीए तेजस की तकनीक से ऑक्सीजन सप्लाई: स्वदेशी लड़ाकू विमान, एलसीए तेजस में जिस ऑक्सीजन पैदा करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, उसे प्राइवेट इंडस्ट्री को सौंप दिया गया है। इस तकनीक से एक मिनट में 1000 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकता है। बैठक में जानकारी दी गई कि यूपी सरकार ने इस तरह के पांच (05) प्लांट का ऑर्डर किया है।

बता दें कि कोरोना की पहली लहर के दौरान डीआरडीओ ने 1000 बेड का स्थायी अस्पताल शुरू किया था, जिसे फरवरी में बंद कर दिया गया था। तब कोरोना के मामले भी कंट्रोल में थे। अब एक बार फिर कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए दिल्ली में 500 बेड के अस्पताल को शुरू किया गया है।

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