sd 1 चीन-भारत गतिरोध के बीच सेना प्रमुख जाएंगे सिक्किम

इन दिनों भारत और चीन सीमा में बेहद ही तनाव पूर्ण स्थिति बनी हुई है। सिक्कित को लेकर अब चीन और भारत की जैसे जंग ही छिड़ी हुई है। अब तो चीन सिक्किम को अपना इलाका बताने में भी नहीं हिचकिचा रहा है। ऐसे में सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत राज्य का दौरा करने वाले हैं। यहां सेना प्रमुख बिपिन रावत सीमा पर बढ़ते तनाव का जायजा लेंगे। बिपिन रावत यहां स्तित बल के मुख्यालम में बैठक भी करेंगे और शीर्ष कमांडर से ताजा हालातों के बारे में जानेंगे। वही सिक्किम के सुदूर इलाके में सेना प्रमुख बिपिन रावत महीने की शुरूआत में हुए भारतीय सैनिकों और चीन की पीपुल्स लिबरेशन के टकराव के बाद राज्य का दौरा करेंगे।

sd 1 चीन-भारत गतिरोध के बीच सेना प्रमुख जाएंगे सिक्किम

आपको बता दें कि इन दिनों सिक्किम सेक्टर में चीन अपनी दादागिरी दिखाने में लगा हुआ है। ऐसे में चीन ने सिक्किम सेक्टर में सड़क निर्माण का मुद्दा उठाते हुए चीन ने कहा है कि 1890 में हुई चीन और ब्रिटेन संधि के कारण वह क्षेत्र उसी की सीमा में आता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ल्यू कांग की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि सिक्किम का पहले नाम झी थी ऐसे में भारत ने जिस क्षेत्र पर अपनी आपत्ती व्यक्त की है वह ब्रिटेन से हुई संधि के अनुसार चीन के क्षेत्र में आता है। बता दें कि चीन की तरफ से यह बयान भारतीय सेना के जरिए भारत के जरिए सड़क निर्माण पर रोक लगाए जाने के बाद सामने आया है।

सूत्रों के हवाले से खबर कुछ इस प्रकार है कि जनरल बिपिन रावत का यह दौरा नियमित कार्यक्रम का ही हिस्सा है। इसमें कोई ऐसी खास बात नहीं है कि सेना प्रमुख बिपिन रावत किसी खास मकसद से यहां पर जा रहे हैं। सेना प्रमुख का यह दौरा दो दिनों का होगा। अपने दो दिवसीय दौरे में सेना प्रमुख बिपिन रावत पूर्वेत्तर के कई गठन मुख्यालयों में जाएंगे। साथ ही यहां पर वह क्षेत्र में सेना के ऑपरेशन संबंधी मामलों के बारे में विस्तार से बात करेंगे।

चीनी विदेश मंत्रालय का दावा भारत तोड़ रहा है 1890 का चीन-ब्रिटेन संधि

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