featured यूपी

बुंदेलखंड में अर्जुन सहायक नहर, खेतों और लोगों की बुझेगी प्यास

बुंदेलखंड में अर्जुन सहायक नहर, खेतों और लोगों की बुझेगी प्यास

लखनऊ: आजादी के बाद पहली बार योगी सरकार ने बुंदेलखंड में पानी की समस्‍या की विडंबना को दूर करने का गंभीरता से प्रयास किया। इसमें अन्य परियोजनाओं के साथ अर्जुन सहायक नहर परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका है। करीब एक दशक पहले (2009-10) शुरू यह परियोजना इसी माह पूरी हो जाएगी।

इन जिलों को भी फायदा

इस परियोजना से न केवल बुंदेलखंड हरा भरा होगा बल्कि महोबा, हमीरपुर और बांदा जिले की करीब 44381 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। साथ ही 15104 हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना होगी। इसके अलावा कबरई बांध से महोबा को 20 मिलियन घन मीटर पेयजल भी उपलब्ध होगा।

वर्ष 2009 -10 में 850 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई अर्जुन सहायक परियोजना को वर्ष 2015 में पूरा होना था। लेकिन पहले की सरकारों द्वारा समय से धन न मिलने की वजह से न केवल परियोजना के पूरी होने में देरी हुई, बल्कि इसकी लागत बढ़कर 2655.36 करोड़ रुपए हो गई। मार्च, 2021 तक इसमें से 2632.41 करोड़ रुपये खर्च भी किए जा चुके हैं।

हर खेत को पानी के नारे को साकार कर रही योगी सरकार

प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर ड्राप, मोर क्रॉप और हर खेत को पानी के नारे को साकार करने के लिए सरकार ने 2018 से इसके लिए जरूरत के अनुसार बजट आवंटित करना शुरू किया। साथ ही शासन स्तर से नियमित मॉनिटरिंग के बाद से इसके काम में तेजी आई। विभाग की मानें तो इसी माह (जुलाई) बुंदेलखंड के लिहाज से बेहद महत्वाकांक्षी यह योजना इस साल पूरी हो जाएगी।

योजना के तहत बारिश के सीजन में धसान नदी में जाने वाले पानी का बेहतर प्रबंधन के जरिए सिंचाई और पेयजल के रूप में प्रयोग करना है। इसके लिए  लहचूरा बांध का आधुनिकीकरण, अर्जुन और चन्द्रायल बांध को पूरी क्षमता तक भरे जाने और कबरई बांध की भण्डारण क्षमता बढ़ाने के काम होने हैं।

परियोजना के पूरे हो चुके काम

41.6 किमी लम्बाई में अर्जुन फीडर में जल प्रवाहित कर पूर्व निर्मित अर्जुन बांध में 53.49 एमसीएम जल संग्रह किया जा चुका है। अर्जुन बांध की नहरों से रबी के सीजन में 15690 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई भी उपलब्ध करायी गयी। अर्जुन बांध एवं चन्द्रायल बांध को भरकर जनपद बांदा हमीरपुर महोबा के कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी गयी। कबरई मुख्य नहर के कार्य अंतिम चरण में है। सिरौली राजवहा पर रेलवे द्वारा बनाए जा रहे क्रासिंग को छोड़कर बाकी कार्य जुलाई, 2021 तक पूरे हो जाएंगे। ऐसा सिंचाई विभाग का दावा है।

Related posts

फतेहपुर में लगातार मिल रहे अवैध कारतूस और खोखे, देसी बम से हड़कंप!

Aditya Mishra

मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने में दखल ना दे चीनः विदेश मंत्रालय

Rahul srivastava

जम्मू-कश्मीर: लेह में फटा बादल,दो गांव प्रभावित

rituraj