बजट 2019-20 की घोषित प्रमुख योजनाएं

बजट 2019-20 की घोषित प्रमुख योजनाएं

पटना। अनियमित मॉनसून तथा कम वर्षा होने के कारण राज्य के 24 FCजिलों के 280 प्रखण्डों को सूखाग्रस्त घोषित करते हुए वहाँ के किसानों को सिचिंत क्षेत्र के लिए 13,500 रू० प्रति हेक्टेयर तथा असिचिंत क्षेत्र के लिए 6,800 रू० प्रति हेक्टेयर की दर से कृषि इनपुट अनुदान की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया गया। इसके तहत 16 लाख किसानों से प्राप्त आवेदनों के विरूद्ध 13.40 लाख किसानों के बैंक खाते में कुल आवंटित राशि 1430 करोड़ रू० के विरूद्ध 901 करोड़ रू० अंतरित किया गया। वर्ष 2018-19 में सिंचाई के लिए 350 रू० प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान को बढ़ाकर 500 रू० प्रति एकड़ प्रति सिंचाई कर दी गई है। इस वर्ष धान फसल के लिए 3 सिंचाई के बदले 5 सिंचाई तथा रबी मौसम में गेहूॅँ के लिए 3 के स्थान पर 4 एवं मक्का के लिए 2 के स्थान पर 3 सिंचाई के लिए डीजल अनुदान की स्वीकृति दी गयी।

• वर्ष 2018-19 में खरीफ मौसम में 19.38 लाख किसानों से प्राप्त ऑनलाइन आवेदन के विरूद्ध 15.64 लाख किसानों को 195.10 करोड़ रू० डीजल अनुदान का ऑनलाईन भुगतान 25 दिन की निर्धारित समय-सीमा के अन्दर किया गया। रबी मौसम के लिए भी डीजल अनुदान स्वीकृत करने की कार्रवाई की जा रही है।

• राज्य में जैविक सब्जी की खेती को बढ़ावा देने हेतु कृषि इनपुट अग्रिम अनुदान की पायलट योजना पटना, नालन्दा, वैशाली तथा समस्तीपुर जिले में कार्यान्वित की गयी है तथा इसके तहत 17,666 किसानों को 10.45 करोड़ रू० अग्रिम अनुदान का भुगतान किया गया। इस योजना को वृहद पैमाने पर लागू करने के लिए 42.00 करोड़ रू० की लागत से कार्यक्रम तैयार किया गया है। वर्ष 2019-20 में 6,000 के अनुदान को बढ़ा कर 8,000 प्रति किसान किया जायेगा।

• वर्ष 2018-19 में राज्य के सभी जिलों में पंचायत स्तर पर कृषि कार्यालय की स्थापना हेतु 42.21 करोड़ रू० की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

पथ निर्माण विभाग

• Long Term output and Performance Based Road Asset Maintenance Contract के अन्तर्गत लगभग 13,064 कि०मी० पथों के सात वर्षों तक सतत संधारण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत 6654.76 करोड़ रू० की अनुमानित लागत से राज्य के सभी स्टेट हाइवे एवं मुख्य जिला पथों को 72 पैकेजों में विभक्त कर उनका प्रबंधन किया जायेगा। इस दीर्घकालीन संधारण नीति के तहत सभी पथों का विश्व मानकों के अनुरूप संधारण सुनिश्चित करने हेतु International Roughness Index 2500mm निर्धारित किया गया है।

• पथों के शोध, विकास एवं प्रशिक्षण कार्य हेतु बिहार सड़क शोध संस्थान (Bihar Road Research Institute) की स्थापना की जायेगी।

• वामपंथ उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क योजना के तहत 1228.83 करोड़ रू० की अनुमानित लागत से औरंगाबाद, गया, जमुई, बाँका एवं मुजफ्फरपुर जिलों में 15 मी0 तक के लम्बाई के पुल/पुलिया निर्माण सहित कुल 864.916 कि०मी० लम्बाई में पथ निर्माण कार्य एवं 148.8 मी0 लम्बाई के एक पुल के निर्माण की स्वीकृती प्रदान की गई है।

• 379.57 करोड़ रू० के अनुमानित लागत से EPC पद्धति पर आर० ब्लॉक-दीघा पथ (फेज-1) के कुल 6.30 कि०मी० पथांश लंबाई में 6-लेन पथ (सर्विस लेन सहित), फ्लाई ओवर, ड्रेन एवं फुटपाथ निर्माण तथा मेडियन कार्य कराने की स्वीकृति प्रदान करने की गई है।

ग्रामीण कार्य विभाग

वर्ष 2019-20 में मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजनांतर्गत 5286.66 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है तथा इस योजना के घटकों के सभी पथों की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी।

• ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना

इस योजनांतर्गत 4643 संपर्क विहीन टोलों को 5 वर्षों में संपर्कता प्रदान करने हेतु 3977 कि०मी० सड़क का निर्माण कराया जायेगा। दिसम्बर, 2018 तक 627.18 करोड़ रू० व्यय करते हुए 1125.86 कि०मी० पथों का निर्माण किया जा चुका है।

वर्ष 2018-19 में 535.63 करोड़ रू० का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त नाबार्ड से बाजार दर पर 500 करोड़ रू० Off Budget Loan प्राप्त हुआ है।

राज्य सरकार ने बसावटों के बाद उप टोलों तक सम्पर्कता पहुंचाने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत सभी चयनित पथों की स्वीकृति दी जा चुकी है जिनका निर्माण कार्य वर्तमान वित्तीय वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।
इस योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 1035 करोड़ रू० का प्रावधान है।

• प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

वर्ष 2018-19 में लगभग 1074.63 करोड़ रू० के व्यय से 1215.88 कि०मी० सड़क का निर्माण कराया जा चुका है तथा वर्ष 2019-20 में 2210.28 कि०मी० पथों का निर्माण कराने का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सभी पथों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

राज्य सरकार ने वर्ष 2019-20 से PMGSY-II को बिहार में लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रखंड ग्रामीण पथ परियोजना तथा जिला ग्रामीण पथ परियोजना का क्रियान्वयन कराया जायेगा। PMGSY-II को भी राज्य में वर्ष 2020-21 से समानांतर तौर पर लागू किया जायेगा।

इस योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 5286.66 करोड़ रू० का प्रावधान है।
ऊर्जा विभाग

• ‘‘हर घर बिजली’’ निश्चय अंतर्गत मुख्य मंत्री विद्युत संबंध निश्चय योजना, जिसे बाद में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) में समाहित कर लिया गया, के तहत दिसंबर, 2017 तक सभी 39,073 राजस्व ग्रामों में बिजली पहुँचाने एवं अप्रैल, 2018 तक सभी 1,06,249 टोलों में विद्युत पहुँचाने के उपरांत सभी 32,49,828 इच्छुक परिवारों को दिसंबर, 2018 के लक्ष्य के दो माह पूर्व 25 अक्टूबर, 2018 तक विद्युत संबंध प्रदान कर दिया गया।
इस प्रकार सभी घरों को विद्युत संबंध प्रदान करने में बिहार देश का आठवाँ राज्य हो गया है।

• दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत किसानों को कृषि कार्य हेतु विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत उपकेन्द्र एवं पृथक फीडरों का निर्माण कराने हेतु 5827.23 करोड़ रू० की राशि स्वीकृत है। इस योजना को 31 दिसम्बर, 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

• योजनान्तर्गत निर्माणाधीन 258 विद्युत उपकेन्द्रों में 86 का कार्य पूरा किया जा चुका है तथा वर्ष 2018-19 में 2563.83 करोड़ रू० की लागत से निर्माणाधीन 638 पृथक फीडरों में 1456.78 करोड़ रू० व्यय कर 374 का निर्माण किया जा चुका है।

वर्ष 2019-20 में 2416.50 करोड़ रू० की लागत से और 674 पृथक फीडरों के निर्माण का लक्ष्य है।

इस योजना के तहत मीटर युक्त निजी एवं सरकारी नलकूपों के लिए राज्य सरकार द्वारा विद्युत शुल्क का दर 75 पैसे/यूनिट है। मीटर रहित निजी नलकूपों का विद्युत शुल्क का दर 84 रू०/एच०पी०/माह है तथा अबतक कुल 38,235 कृषि विद्युत संबंध दिये गये हैं।

• 2827.51 करोड़ रू० लागत से राज्य के 71,672 सर्किट किलोमीटर खराब एवं जर्जर विद्युत तारों को चरणबद्ध तरीके से बदलने का कार्य जारी है। अबतक 5,820 सर्किट किलोमीटर जर्जर तारों को बदला चुका है। इसे दिसम्बर, 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

• वर्ष 2018-19 में 6.9 करोड़ रू० की लागत से 10 हजार प्री-पेड मीटर लगाने के लक्ष्य के विरुद्ध 6.31 करोड़ रू० व्यय कर 9100 मीटर लगाया गया है तथा अगले 2 वर्षों में सभी विद्युत उपभोक्ताओं को प्री-पेड मीटर योजना से आच्छादित किया जायेगा।

सुखाड़ के मद्देनजर योजनांतर्गत कृषि एवं सिंचाई-। तथा ।। श्रेणी के उपभोक्ताओं को 75 पैसे प्रति यूनिट की दर से पटवन हेतु विद्युत आपूर्ति में अतिरिक्त अनुदान की स्वीकृति दी गयी है।
• राज्य सरकार द्वारा विद्युत कम्पनियों को वार्षिक अनुदान के रूप में 5105.88 करोड़ रू० दिया जा रहा है, जिसमें विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति के विरूद्ध सब्सिडी हेतु 4137 करोड़ रू० एवं संचारण क्षति हेतु 968.88 करोड़ रू० शामिल है।

शिक्षा विभाग

• वर्ष 2019-20 में मुख्यमंत्री बालिका साईकिल योजना के लिए 207.19 करोड़ रू०, मुख्यमंत्री बालिका (इंटरमीडिएट) प्रोत्साहन योजना के लिए 274.84 करोड़ रू०, मुख्यमंत्री बालिका (स्नातक) प्रोत्साहन योजना के लिए 200 करोड़ रू०, सर्व शिक्षा अभियान के लिए 14352.69 करोड़ रू०, मध्याह्न भोजन योजना के लिए 2374.42 करोड़ रू० एवं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 490 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है।

• मुख्यमंत्री बालक/बालिका साईकिल योजनान्तर्गत साईकिल उपलब्ध कराने हेतु राशि 2500 रू० से बढ़ाकर 3000 रू० प्रति छात्र/छात्रा करते हुए कक्षा 9 में नामांकित 4.59 लाख छात्रों के लिए कुल 137.89 करोड़ रू० एवं 5.15 लाख छात्राओं के लिए कुल 154.77 करोड़ रू० आवंटित किये गये हैं।

• मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के अन्तर्गत 9वीं से 12वीं कक्षा में अध्यनरत छात्राओं को पोशाक क्रय हेतु दी जाने वाली राशि 1,000 रू० को बढ़ाकर वर्ष 2018-19 से 1,500 रू० कर दी गई है तथा कुल 11.56 लाख छात्राओं के लिए 173.49 करोड़ रू० आंवटित किये गये हैं।

• मुख्यमंत्री किषोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सैनिटरी नैपकीन की राषि 150 रू० से बढ़ाकर वर्ष 2018-19 से 300 रू० कर दी गई है तथा कुल 18.73 लाख छात्राओं के लिए 56.20 करोड़ रू० आंवटित किये गये हैं।

• मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत वर्ष 2018-19 से इन्टरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, 2018 में उत्तीर्ण सभी कोटि के अविवाहित छात्राओं को प्रति छात्रा 10,000 रू० की राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान करते हुए कुल 2.49 लाख छात्राओं के लिए 249.86 करोड़ रू० आंवटित किये गये हैं।

• मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन योजना के तहत स्नातक उर्त्तीण बालिकाओं को प्रति छात्रा 25,000 रू० की राषि उपलब्ध कराने का प्रावधान करते हुए 300 करोड़ रू० की स्वीकृति दी गयी है।

• षिक्षकों के नियोजन में महिलाओं के लिए 50% स्थान आरक्षित किये जाने के फलस्वरूप उनकी संख्या 19% से बढ़कर 39% हो गयी है। उच्च माध्यमिक विद्यालयों में षिक्षक नियोजन होने तक स्वीकृत एवं रिक्त पदों पर 25,000 रू० प्रति माह पर अतिथि षिक्षकों की सेवा लेने की व्यवस्था की गयी है। वर्तमान में गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी में 4,000 अतिथि षिक्षक कार्यरत हैं।

विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग

• वर्ष 2019-2020 से अररिया, किशनगंज एवं नवादा जिला में स्थापित नया अभियंत्रण महाविद्यालय में सत्रारंभ किया जायेगा।

• मुजफ्फरपुर अभियंत्रण महाविद्यालय में 2017-18 सत्र से एम० टेक० की पढ़ाई आरंभ की गयी है तथा सत्र 2019-20 से 5 और अभियंत्रण महाविद्यालयों (गया, नालंदा, भागलपुर, मोतिहारी एवं छपरा) में एम० टेक० की पढ़ाई आरंभ की जायेगी।

• वर्ष 2019 से राज्य के अभियंत्रण महाविद्यालयों में छात्रों का नामांकन, संयुक्त प्रवेष प्रतियोगिता परीक्षा-मेन्स (J.E.E.-Mains) के मेधा के आधार पर कॉउन्सिलिंग के माध्यम से लिया जायेगा।

• वर्ष 2019-2020 में राज्य के 7 अभियंत्रण महाविद्यालयों एवं 12 पोलिटेकनिक संस्थानों में उपलब्ध भूमि पर 250 करोड़ रू० की लागत से अतिरिक्त छात्रावास का निर्माण किया जायेगा।

पटना में डा॰ ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम साईंस सिटी के भवनों के निर्माण, प्रदर्श एवं स्थापना हेतु कुल 397.00 करोड़ रू० की योजना में निर्माण कार्यों (असैनिक कार्य) के लिए 208 करोड़ रू०, Exhibition कार्यों के लिए 101 करोड़ रू० तथा कॉरपस फंड के लिए कुल 88 करोड़ रू० स्वीकृत है। साईंस सिटी के भवनों का आर्किटेक्ट तथा एक्जिविट का अंतिमीकरण कर भवनों के निर्माण कार्यों की निविदा विज्ञापित की गई है।
स्वास्थ्य विभाग

• ‘‘आयुष्मान भारत’’ योजना के अन्तर्गत राज्य के 1.08 करोड़ से अधिक लाभुक परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में प्रति वर्ष कैष-लेष एवं पेपर-लेष व्यवस्था के तहत 5 लाख रू० तक की चिकित्सीय सहायता दिये जाने का प्रावधान है। अबतक राज्य में सूचीबद्ध 550 सरकारी एवं 52 गैर सरकारी अस्पतालों में 2.51 लाख लाभार्थियों को योजना का लाभ प्रदान करने हेतु Golden Card वितरित किये जा चुके हैं तथा 5,807 लाभुकों को लाभांवित किया जा चुका है।
वर्ष 2019-20 में इस योजना के तहत 335 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है।

• पी0एम0सी0एच0 को तीन फेज में विष्व स्तरीय अस्पताल बनाने हेतु 5540.07 करोड रू० की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसके भवन संबंधी आधारभूत संरचना निर्माण कार्य वर्ष 2019-20 में प्रारंभ किया जायेगा। इसे अन्तर्राष्ट्रीय मानक संस्थान के रूप में विकसित किया जायेगा।

• पूर्व से संचालित 22 एवं 10 नवस्थापित, कुल 32 ए०एन०एम० स्कूलों में सीटों की कुल संख्या 2,130 तथा पूर्व से संचालित 6 एवं 5 नवस्थापित, कुल 11 जी०एन०एम० स्कूलों में सीटों की कुल संख्या 676 है। वर्तमान में 54 ए०एन०एम० स्कूल एवं 23 जी०एन०एम० स्कूल के निर्माण की प्रषासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है।

• परमाणु ऊर्जा आयोग, मुम्बई एवं टाटा मेमोरियल अस्पताल, मुम्बई के सहयोग से श्री कृष्ण चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल, मुजफ्फरपुर में 150 करोड़ रू० की लागत से एक विशिष्ट कैंसर अस्पताल की स्थापना की जा रही है।

• वर्ष 2019-20 में छपरा, पूर्णिया, समस्तीपुर, बेगूसराय, सीतामढ़ी, वैषाली, झंझारपुर, सिवान, बक्सर, भोजपुर एवं जमुई में 11 नये मेडिकल कॉलेज तथा रहुई, नालन्दा में 1 डेन्टल कॉलेज का निर्माण प्रारंभ किया जायेगा।

• इन्दिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, शेखपुरा, पटना में लगभग 138 करोड़ रू० के व्यय से 100 शैय्या का स्टेट कैंसर संस्थान का निर्माण आगामी 20 महीनों में पूरा हो जायेगा।

• वर्ष 2019-20 में नालन्दा मेडिकल कॉलेज के परिसर में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र की षाखा स्थापित की जायेगी जहाँ Laboratories की सुविधा के साथ-साथ Emerging & re-emerging disease के अनुसंधान का कार्य किया जाएगा।

• मुफ्त दवा वितरण योजना को सुदृढ़ करते हुए स्वास्थ्य संस्थानों में कैंसर और मधुमेह की दवाओं सहित 310 प्रकार की दवाएँ मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी। साथ ही षल्य कक्ष में उपयोग होने वाली सामग्रियाँ भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जायेंगी।

• शिशु के जन्म के उपरांत आशा द्वारा कुल 05 बार बच्चे की देखभाल हेतु गृह भ्रमण करने पर प्रति भ्रमण 50 रू० की दर से कुल 250 रू० प्रोत्साहन राशि दिये जाने का प्रावधान किया गया है।

• पूर्विकता प्राप्त परिवारों को जिला स्तर पर निःशुल्क डायलिसिस सेवा उपलब्ध कराने हेतु प्रधानमंत्री डायलिसिस सेवा वर्ष 2019-20 में आरंभ किया जायेगा।

गृह विभाग

• Crime and Criminal Tracking Network & System (CCTNS) परियोजना के कार्यान्वयन हेतु 270.86 करोड़ रू० की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो के अनुसार लगभग 6.12 लाख FIR की प्रविष्टि NIC Web Portal में की जा चुकी है।

कारा विभाग हेतु कुल कर्णांकित राशि 137.50 करोड़ रू० अन्तर्गत राज्य के 58 काराओं, पटना उच्च न्यायालय तथा राज्य के 62 न्यायालयों में मल्टी वीडियों कॉन्फ्रेसिंग प्रणाली (Multi Connection and Interlink) के अधिष्ठापन हेतु 126.87 करोड़ रू० की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है।

• मंदिर चाहरदीवारी निर्माण निधि योजना के तहत वर्ष 2018-19 में 30 करोड़ रू० उपलब्ध कराया गया है।
जल संसाधन विभाग

• 792.06 करोड़ रू० की लागत से पूणियाँ, कटिहार, किशनगंज एवं अररिया जिलान्तर्गत महानन्दा बाढ़ प्रबंधन योजना फेज-।। वर्ष 2020-21 तक पूरा होगा।

• 1309.63 करोड़ रू० की लागत से मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर एवं दरभंगा जिलान्तर्गत बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना फेज-।। के तहत एवं 943.58 करोड़ रू० की लागत से समस्तीपुर, दरभंगा एवं खगड़िया जिलान्तर्गत बागमती बाढ़ प्रबंधन योजना फेज-।।।(a) के तहत हायाघाट से डुमरीपुल तक 107.50 कि०मी० की लम्बाई में बागमती दायां तटबंध का उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं तटबंध निर्माण कार्य मार्च, 2019 तक पूर्ण होगा।

• 185 करोड़ रू० की लागत से कुण्डघाट जलाशय योजना का निर्माण कार्य मार्च, 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा।

• 1799.50 करोड़ रू० की लागत से गंडक परियोजना अंतर्गत पूर्वी गंडक नहर प्रणाली (गंडक फेज-2), बिहार (न्यू०ई०आर०एम०) के अंतर्गत तिरहुत मुख्य नहर के 36.39 कि०मी० में प्रणालियों सहित निर्माण कार्य, 50.70 कि०मी० में अधूरे नहर प्रणाली का अवशेष कार्य, 26.11 कि०मी० में वितरण प्रणाली का अवशेष कार्य एवं 113.20 कि०मी० की लम्बाई में नहर सेवा पथ पर पक्की सड़क का निर्माण कराया जायेगा।
सहकारिता विभाग

• बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना की कुल लागत राशि 1750 करोड़ रू० का व्यय दो चरणों में किया जायेगा।

• योजना की Branding करते हुए बिहार की सब्जी का Brand Name तरकारी रखा गया है।

• इस योजनान्तर्गत पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित 5 जिलों यथा पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय एवं नालंदा का एक संघ गठित किया गया है तथा त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था के तहत प्रखंड स्तर पर 93 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहयोग समितियों का निबंधन हो चुका है।

• योजनान्तर्गत प्रखंड स्तर पर सब्जी उत्पादकों से सब्जी का संग्रहण, Sorting, Grading, सब्जी हाट, लघु शीत भंडारण आदि की व्यवस्था हेतु अब तक 32 प्रखंडों मे 10,000 वर्गफीट (प्रति प्रखंड) भूमि चिन्हित कर लिया गया है।

• इस योजनान्तर्गत प्रत्येक प्रखंड स्तरीय समितियों को अधिसंरचना स्थापित करने हेतु 20.60 लाख रू० दिया जायेगा।

• वर्ष 2018-19 में इस योजना के कार्यान्वयन हेतु राज्य सरकार द्वारा 20.39 करोड़ रू० की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।

• बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत ऑनलाईन निबंधन हेतु आवेदन करने वाले 11.50 लाख किसानों में 5.15 लाख रैयत एवं 6.35 लाख गैर रैयत किसान हैं।
इस योजना के तहत खरीफ 2018 मौसम में अधिसूचित धान एवं मक्का फसल के लिए अधिकतम 02 हेक्टेयर भूमि हेतु सहायता राशि अनुमान्य है तथा वास्तविक उपज दर में 20% तक ह्रास की स्थिति में 7,500 रू० प्रति हेक्टेयर एवं 20% से अधिक ह्रास की स्थिति में 10,000 रू० प्रति हेक्टेयर की दर भुगतान का प्रावधान है।
खरीफ 2018 मौसम के लिए फसल कटनी संबंधी प्रतिवेदन की प्रविष्टि ऑनलाईन पोर्टल में 28 फरवरी, 2019 तक करने के पश्चात् सहायता राशि की गणना कर मार्च, 2019 में लाभुकों को भुगतान किया जाएगा।
इस योजना के तहत रबी 2018-19 मौसम में अधिसूचित 09 फसलों के लिए 2.32 लाख किसानों का ऑनलाईन निबंधन हुआ है।

इस योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 450 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है।

• राज्य के सभी 8,463 पैक्सों में वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 (दो वार्षिक चरण) में मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना अंतर्गत 1692.60 करोड़ रू० की स्वीकृति प्रदान की गई है।

• इस योजनान्तर्गत प्रत्येक पैक्स या पैक्स संकुल को कृषि यंत्र यथा ट्रैक्टर, ट्रॉली, थ्रेसर, कल्टीवेटर एवं अन्य कृषि उपकरण क्रय करने हेतु अधिकतम 20 लाख रू० उपलब्ध कराया जा रहा है।

• योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक पैक्स को कृषि यंत्र के क्रय हेतु 50% ऋण (ब्याज सहित) एवं 50% अनुदान के रूप में राशि उपलब्ध करायी जायेगी। ऋण की राशि 5 वर्षों में 10 किस्तों में सूद सहित वसूल की जायेगी।

• योजनान्तर्गत कृषि इनपुट का व्यवसाय कर रहे पैक्स को ही प्रथमतः कृषि यंत्र की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग

• मरंगा, पूर्णियाँ में फ्रोजेन सीमेन स्टेशन की स्थापना हेतु केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत 63.92 करोड़ रू० के विरूद्ध अब तक 20 करोड़ रू० की राशि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड को उपलब्ध करा दी गई है तथा निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इसकी स्थापना से वीर्य खुराकों की खरीददारी हेतु प्रतिवर्ष व्यय होनेवाले 52 करोड़ रू० की बचत होगी।

• बिहार लाइव स्टॉक डेवलपमेंट एजेन्सी, पटना द्वारा हरियाणा पशु प्रजनन प्रक्षेत्र, डुमराँव, बक्सर में 18.08 करोड़ रू० की लागत से गोकुल ग्राम की स्थापना की जायेगी।

• फ्रोजेन सीमेन बैंक-सह-बुल स्टेशन के सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में पहली बार Quarantine Shed का निर्माण मनेर व तेलपा (प्रखण्ड-बिक्रम), पटना में किया गया तथा उन्नत नस्ल के कुल 14 सांढ़ो का क्रय Central Cattle Breeding Farm (सी0सी0बी0एफ0), चिपलिमा, उड़ीसा से किया गया। राज्य में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान हेतु वर्तमान में कुल 22 सांढ़ो से सीमेन संग्रहण का कार्य किया जा रहा है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग

• राज्य में वानिकी शिक्षा हेतु मुंगेर जिला में वानिकी महाविद्यालय की स्थापना की जा रही है। वानिकी महाविद्यालय के भवन निर्माण के लिये 105.04 करोड़ रू० की योजना स्वीकृत की जा चुकी है।

• टी0एन0बी0 कॉलेज, भागलपुर एवं बी0एस0एस0 कॉलेज, सुपौल में Tissue Culture Labs स्थापित कर बाँस के पौधे उगाये जा रहे हैं। इस Lab से 1 लाख पौधे प्रति वर्ष प्राप्त किए जा रहे हैं। भागलपुर Tissue Culture Lab को विस्तारित करने हेतु 44.64 लाख रू० तथा अररिया (कुसियारगाँव) में एक और Tissue culture lab स्थापित करने हेतु 45.10 लाख रू० की योजना स्वीकृत की गयी है। इस क्षेत्र में वर्ष 2019-20 में कुल 1.45 करोड़ रू० की योजना कार्यान्वित की जायेगी।

• संजय गाँधी जैविक उद्यान, पटना में 3.87 करोड़ रू० की लागत से गैंडा प्रजनन केन्द्र का निर्माण कार्य वर्ष 2019-20 में पूर्ण कर लिया जायेगा।

• इस उद्यान में 140 सीटों वाले ऑडिटोरियम का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा 3D थियेटर के निर्माण हेतु CMD कोलकाता से एकरारनामा किया गया है जिसपर 2.98 करोड़ रू० व्यय होगा। मार्च, 2019 से दर्शक इसमें 3D चलचित्र देख सकेंगे।

• राष्ट्रीय डॉल्फिन अनुसंधान केन्द्र की स्थापना पटना विश्वविद्यालय के गंगा तट पर स्थित लॉ कॉलेज घाट पर 2.01 एकड़ जमीन पर करने हेतु विश्वविद्यालय के अभिषद् की सम्मति प्राप्त हो गयी है। इस केन्द्र हेतु स्वीकृत 19.16 करोड़ रू० की परियोजना से कार्य कराया जायेगा जिसमें भवन एवं फर्नीचर के लिए 11.66 करोड़ रू० तथा उपकरण एवं उपस्कर आदि के लिए 7.50 करोड़ रू० सम्मिलित है।

राजगीर वन्यप्राणी आश्रयणी अंतर्गत राजगीर वन क्षेत्र में स्वर्णगिरी तथा व्यवहार गिरी पहाड़ियों के घाटी क्षेत्र में 191.12 हे0 में 176.18 करोड़ रू० की लागत से जू सफारी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत मुख्यतः भालु, तेंदुआ, बाघ एवं शेर सफारी, बटर फ्लाई पार्क तथा जलापूर्ति प्रणाली का निर्माण, वन जंतु तथा पक्षियों के इलाज के लिए पशु चिकित्सालय एवं प्रशासनिक जोन का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

• इस वन्यप्राणी सफारी के समीपस्थ उपयुक्त वन क्षेत्र के 500 हे0 में एक नेचर सफारी की स्थापना की जा रही है जो इको-टूरिज्म के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इस नेचर सफारी के निर्माण पर वर्ष 2018-19 से 2020-21 तक 19.29 करोड़ रू० के व्यय होने का अनुमान है तथा वर्ष 2018-19 में 1 करोड़ रू० व्यय किया जा रहा है। इसके अंतर्गत राजगीर जेठियन वैली का विकास किया जाएगा जिसमें नेचर वॉक ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग आदि की व्यवस्था होगी।
ग्रामीण विकास विभाग

• प्रधान मंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के लिए 11.76 लाख भौतिक लक्ष्य के विरूद्ध 10 जनवरी, 2019 तक 9.36 लाख परिवारों को आवास की स्वीकृति देते हुए 7557.75 करोड़ रू० व्यय किया गया है तथा 2.94 लाख आवास पूर्ण कराया गया है।

• प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रतीक्षा सूची में शामिल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अति पिछड़ा वर्ग के वास भूमि विहीन परिवारों को वास भूमि उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना लागू की गई है।

• वर्ष 2019-20 में इस योजना के तहत 50 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है।

• इस योजनान्तर्गत लाभुकों को वास स्थल क्रय हेतु प्रति लाभुक 60,000 रू० की सहायता राशि राज्य निधि से उपलब्ध करायी जाती है ।

• जीविका द्वारा विभिन्न बैंकों की मदद से 403 बैंक सखी को प्रशिक्षित कर ग्राहक सेवा केन्द्र खुलवाये गये। वर्ष 2019-20 में लगभग 20-25 लाख ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु नये 500 ग्राहक सेवा केन्द्र खोले जायेगें जिससे बैंक सखियों को लगभग 8000 रू० प्रतिमाह की आमदनी प्रति 10 लाख रू० के लेन-देन पर होगी ।

• सतत जीविकोपार्जन योजना के अंतर्गत चयनित 8,926 लक्षित परिवारों में से 2,800 को जीविकोपार्जन अंतराल राशि दी जा चुकी है। 790 ग्राम संगठनों को जीविकोपार्जन निवेश निधि उपलब्ध कराई गई है एवं 1,215 लक्षित परिवारों को एकीकृत परिसंपत्ति के सृजन हेतु सहयोग दिया गया है।
वर्ष 2019-20 में चयन किए जाने वाले 50,000 परिवारां में से 35-40 हजार परिवारों को जीविकोपार्जन निवेश निधि उपलब्ध कराया जायेगा।

योजना एवं विकास विभाग

• मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के कार्यान्वयन हेतु वर्ष 2018-19 में 285 करोड़ रू० का प्रावधान है। 31 जनवरी, 2019 तक राज्य के जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्रों पर निबंधित 4.24 लाख आवेदकों में से 3.40 लाख के

आवेदनों को स्वीकृत करते हुए भत्ता के रूप में 290.07 करोड़ रू० उनके बैंक खाते में अंतरित किये गये।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

• राज्य के सभी राजस्व ग्रामों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य वर्ष 2019-20 में पूर्ण करने हेतु तकनीकी रूप से दक्ष 31,290 पदाधिकारियों/ कर्मियों, यथा सिविल अभियंत्रण में डिग्री/डिप्लोमाधारी अभियंताओं एवं अन्य समुह ‘ग‘ एवं ‘घ‘ के कर्मियों का संविदा आधारित नियोजन किया जायेगा।

• राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में राजस्व अधिकारी के 886, राजस्व कर्मचारी के 4,353 एवं अमीन के 1,522 रिक्त पदों पर वर्ष 2019-20 में नियुक्ति की जायेगी।
नगर विकास एवं आवास विभाग

• पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत 17887.56 करोड़ रू० की अनुमानित लागत से प्रथम चरण में दानापुर से मीठापुर तक कुल 16.94 किलोमीटर एवं द्वितीय चरण में पटना रेलवे स्टेशन से नया अन्तर्राज्यीय बस टर्मिनल तक कुल 14.45 किलोमीटर मेट्रो रेल हेतु प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है।

302.34 करोड़ रू० की लागत से पटना में 25.96 एकड़ में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT)का निर्माण कार्य दिसम्बर, 2019 तक पूरा किया जायेगा। यहाँ से 3000 बसें प्रतिदिन परिचालित होंगी।

• 29 अन्य शहरों/नगर निकायों में भी बस स्टैंड का निर्माण कराया जा रहा है, जिनमें से 24 में कार्य पूरा हो चुका है।
भवन निर्माण विभाग

• वर्ष 2019-20 में 443.62 करोड़ रू० की लागत से गर्दनीबाग, पटना में प्रस्तावित आवासीय परिसर में पदाधिकारियों के आवासन हेतु 752 यूनिट का निर्माण कार्य आरम्भ किया जायेगा।

• वर्ष 2019-20 में 249.90 करोड़ रू० की लागत से गर्दनीबाग, पटना में प्रस्तावित आवासीय परिसर में चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों के आवासन हेतु Type ‘B” के तहत 752 यूनिट का निर्माण कार्य आरम्भ किया जायेगा।

• वर्ष 2019-20 में 120.43 करोड़ रू० की लागत से गर्दनीबाग, पटना में प्रस्तावित आवासीय परिसर में तृतीय श्रेणी के कर्मियों के आवासन हेतु Plot B-1 Type ‘A’ 432 Units का निर्माण कार्य आरम्भ किया जायेगा।

• वर्ष 2019-20 में 52.76 करोड़ रू० की लागत से गर्दनीबाग, पटना में प्रस्तावित आवासीय परिसर में माननीय मंत्रियों के आवासन हेतु (G+1) 20 Units, Annexe Block (G+2)-20 Units, Security Post-20 Units, Barrack (G+1), Club House and Staff Convenience Block का निर्माण कार्य आरम्भ किया जायेगा।

• वर्ष 2019-20 में 61.62 करोड़ रू० की लागत से विश्वेश्वरैया भवन, 43.40 करोड़ रू० की लागत से सिंचाई भवन एवं 61.46 करोड़ रू० की लागत से विकास भवन का उन्नयन कार्य आरम्भ किया जायेगा।

• 139 करोड़ रू० की लागत से प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान, गया, 18 करोड रू०़ की लागत से बिहार लोक सेवा आयोग के अतिरिक्त भवन एवं 78.87 करोड़ रू० की लागत से द्वारका, नई दिल्ली में बिहार सदन का निर्माण किया जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग

• मुख्यमंत्री सामाजिक सहायता एवं प्रोत्साहन छात्र योजना के तहत बिहार निःशक्तता योजना में संशोधन करते हुए तेजाब हमला से पीड़ित बिहार निवासी अथवा बिहार में तेजाब हमले के शिकार व्यक्ति को पेंशन देने हेतु 40 प्रतिशत दिव्यांगता की न्यूनतम अर्हता की शर्त को विलोपित करने का निर्णय लिया गया है।

• राष्ट्रीय पोषण मिशन (अभियान पोषण) के अंतर्गत बच्चों में कुपोषण के बचाव हेतु प्रत्येक पोषण क्षेत्र में मासिक रूप से अन्नप्रासन उत्सव आयोजित किया जाता है। आई.सी.डी.एस. के कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने एवं प्रदत्त सेवाओं में गुणात्मक सुधार लाने हेतु शुरू किये गये रियल टाइम मॉनिटरिंग (ICT-RTM) के तहत लगभग 21,000 सेविकाओं को मोबाइल एवं राज्य के सभी 38 जिलों की महिला पर्यवेक्षिकाओं को टेबलेट उपलब्ध कराया गया है। भविष्य में आँगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन एवं प्रतिवेदनों का संधारण व प्रेषण Android आधारित आई.सी.डी.एस. Common Application Software (CAS) द्वारा किया जायेगा।

राज्य के 06 जिलों के 12,760 केन्द्रों में CAS का संचालन किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय पोषण माह सितम्बर, 2018 में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर 3.60 करोड़ लोगों को पोषण स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के संबंध में जागरूक किया गया।

वर्ष 2018-19 में 245.17 करोड़ रू० प्रावधानित है।
• सामान्य आँगनबाड़ी केन्द्र की सेविकाओं को 3,000 रू० से बढाकर 4,500 रू०, मिनी आँगनबाड़ी केन्द्र की सेविकाओं को 2,250 रू० से बढाकर 3,500 रू० एवं सहायिकाओं को 1,500 रू० से बढाकर 2,250 रू० प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने तथा नियमित एवं सुचारू रूप से केंद्र संचालन करने पर सहायिका को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के रूप में 250 रू० प्रति माह देने का निर्णय लिया गया है तथा इसके फलस्वरूप वर्ष 2018-19 में राज्यांश मद से अतिरिक्त व्यय भार 55.58 करोड़ रू० की स्वीकृति प्रदान की गई है।
पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
• मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत BPSC(PT) उत्तीर्ण करने वाले छात्र/छात्राओं को 50,000 रू० तथा UPSC (PT) उत्तीर्ण करने वाले छात्र/छात्राओं को 1 लाख रू० मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु एकमुश्त प्रदान किया जाता है।
वर्ष 2018-19 में BPSC (PT) उत्तीर्ण करने वाले 621 छात्र/छात्राओं को तथा UPSC (PT) उत्तीर्ण करने वाले 59 छात्र/छात्राओं को प्रोत्साहन की स्वीकृति दी गयी है।
वर्ष 2019-20 में इस योजना के तहत 6 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है जिससे लगभग 900 छात्र/छात्राओं को लाभान्वित किया जाना संभावित है।
• मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना के तहत वर्ष 2019-20 में 4.8 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है जिससे लगभग 4,000 छात्र/छात्राओं को प्रतिमाह 1,000 की दर से लाभान्वित किया जाएगा।

अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति कल्याण विभाग
• मुख्यमंत्री अनु0 जाति एवं अनु0 जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजनांतर्गत BPSC (PT) एवं UPSC (PT) में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों को अग्रेतर तैयारी हेतु क्रमशः 50,000 रू० एवं 1 लाख रू० एकमुश्त उपलब्ध कराया जा रहा है। अबतक UPSC (PT) एवं BPSC (PT) में उतीर्ण क्रमशः 46 एवं 387 अभ्यर्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया है। वर्ष 2019-20 में इस योजना हेतु 4.22 करोड़ रू० प्रावधानित है।
• मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना के तहत प्रति छात्र/छात्रा 1,000 रू० प्रतिमाह की दर से छात्रावास अनुदान दिया जा रहा है तथा नवम्बर, 2018 में 3,465 लाभुकों को लाभान्वित किया गया है।
• खाद्यान्न आपूर्ति योजनांतर्गत राज्य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में आवासित छात्र/छात्राओं के लिए 15 किलोग्राम खाद्यान्न (9 किलोग्राम चावल तथा 6 किलोग्राम गेहूँ) की निःशुल्क आपूर्ति की जा रही है। इसके तहत दिसम्बर, 2018 तक खाद्यान्न की आपूर्ति की गयी है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
• वर्ष 2019-20 में अल्पसंख्यकों के लिए बहुक्षेत्रक विकास कार्यक्रम के तहत 175 करोड़ रू0 का प्रावधान किया गया है।
• मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजनान्तर्गत वर्ष 2018 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से प्रथम श्रेणी में मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण 27,256 अल्पसंख्यक छात्र/छात्राओं को 29.95 करोड़ रू० एवं 80 बंगलाभाषी छात्र/छात्राओं को 8 लाख रू० की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया।
मदरसा बोर्ड से प्रथम श्रेणी में मौलवी एवं फोकानियाँ परीक्षा उत्तीर्ण 2,379 छात्र/छात्राओं को प्रोत्साहन राशि के वितरण की कार्रवाई की जा रही है।
वर्ष 2019-20 में इस योजना के तहत 40 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है।
• मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजनांतर्गत अब तक 11,478 अल्पसंख्यक लाभुको को 131.87 करोड़ रू० का वितरण किया गया है। इस योजनान्तर्गत दी जाने वाली राशि वर्ष 2018-19 से प्रति वर्ष 25 करोड़ रू० से बढ़ाकर 100 करोड़ रू० कर दी गई है।
श्रम संसाधन विभाग
• वर्ष 2018-19 में अब तक आयोजित कुल 82 नियोजन मेला/जॉब कैम्प के माध्यम से निजी कंपनियों द्वारा कुल 17,566 युवक-युवतियों का नियुक्ति हेतु चयन किया गया।
• वर्ष 2018-19 तक राज्य के सभी अनुमण्डलों में एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान एवं प्रत्येक जिला में एक महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जा चुकी है। वर्तमान में राज्य के सभी अनुमंडलों के 110 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 23,103 सीटों के विरूद्ध 19,916 एवं सभी जिलों में 38 महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 3,071 सीटों के विरूद्ध 2,103 विद्यार्थी नामांकित हैं।
• सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए वर्ष 2019-20 से ड्रेस अनिवार्य किया जाएगा एवं इसके लिए सरकार की ओर से अनुदान राशि दी जाएगी।
• बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा उपकर के रूप में वर्ष 2018-19 में 15 दिसम्बर, 2018 तक 236.98 करोड़ रू० का संग्रह किया गया है।
• बोर्ड में वर्ष 2017-18 में 1.59 लाख एवं वर्ष 2018-19 मे 31 दिसम्बर तक 91,000 नये निर्माण श्रमिकों का निबंधन किया गया है।
• वार्षिक चिकित्सा सहायता योजना के अन्तर्गत 2018-19 में 15 दिसम्बर, 2018 तक 1.80 लाख निबंधित निर्माण श्रमिकों को प्रतिवर्ष 3,000 रू० की दर से 54 करोड़ रू० की सहायता प्रदान की गयी है।
उद्योग विभाग
• बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 लागू होने के बाद निवेश हेतु दिसम्बर, 2018 तक प्राप्त ऑनलाइन 1,063 प्रस्तावों में से 920 को स्टेज-1 क्लियरेंस प्राप्त है तथा इनमें 12427.48 करोड़ रू० का निवेश प्रस्तावित़ है। इसमें खाद्य प्रसंस्करण प्रक्षेत्र की 447 इकाईयाँ हैं, जिनमें 2363.35 करोड़ रू० का निवेश प्रस्तावित है। वित्तीय अनुमोदन प्राप्त प्रस्तावों की संख्या 212, कार्यरत इकाइयों की संख्या 99 एवं इनमें रोजगार प्राप्त व्यक्तियों की संख्या 3,017 है।
• मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजनांतर्गत दिसम्बर, 2018 तक प्राप्त ऑनलाइन 22,584 आवेदनों में से 4,260 का चयन किया गया है तथा 1,205 चयनित आवेदको को प्रशिक्षण भी दिया गया है। 448 आवेदकों को वित्तीय सहायता के लिए स्वीकृत 38.40 करोड़ रू० में से 303 आवेदकों के बीच प्रथम किस्त की राशि के रूप में 6.61 करोड़ रू० वितरित किये गये हैं।
इस योजनांतर्गत प्रोत्साहन राशि के लिए वर्ष 2018-19 में 102.50 करोड़ रू० की स्वीकृति दी गई है।
सूचना प्रावैधिकी विभाग
• पटना में स्थापित Software Technology Park of India (STPI) Centre के विस्तार हेतु 53.09 करोड़ रू० की योजना में राज्य सरकार द्वारा STPI को सहायक अनुदान के रूप में 26.55 करोड़ रू० उपलब्ध कराने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी है। उक्त योजनान्तर्गत पाटलिपुत्रा स्थित STPI Centre का विस्तार एक लाख वर्गफीट (G+6 फ्लोर) में किया जाएगा।
वर्ष 2019-20 में 18 करोड़ रू० का व्यय संभावित है।
• दरभंगा एवं भागलपुर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) की शाखा खोले जाने हेतु ैज्च्प् को लीज (30 वर्ष) के माध्यम से निःशुल्क 2-2 एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया गया है।
• भारत नेट का क्रियान्वयन 5200 पंचायतों में पूर्ण कर लिया गया है तथा इन पंचायतों में लोक सेवाओं को प्रदान करने के उद्देश्य से उपलब्ध नेटवर्क को Common Service Centre (CSC) से जोड़ने की योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। वर्तमान में 700 पंचायतों में CSC को जोड़ लिया गया है एवं शीघ्र ही सभी पंचायतों में कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा।
पंचायत स्तर पर Common Service Centre को Integrate के साथ Integrate कर सेवाएँ प्रदान किये जाने हेतु दो वर्षों के अवधि के लिए कुल स्वीकृत राशि 43.68 करोड़ रू० की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी है।
वर्ष 2019-20 में 21.84 करोड़ रू० का व्यय संभावित है।

सहज तकनीक योजना अंतर्गत विभाग के द्वारा एक ऐसे प्लेटफार्म (Website & Mobile App) को विकसित किया गया है जिसका उपयोग कर कोई भी नागरिक सरकार के द्वारा क्रियान्वित किये जा रहे विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं हेतु अपनी पात्रता/अर्हता के सम्बन्ध में न सिर्फ जानकारी प्राप्त कर सकता है, बल्कि सरलतापूर्वक कतिपय प्रश्नों के माध्यम से आवेदन भी समर्पित कर सकता है।
इस योजनान्तर्गत अब तक 58 योजनाओं को सम्मिलित किया जा चुका है तथा Digital Solution for Welfare Scheme Eligibility Identification Software तैयार करने हेतु कुल 4.53 करोड़ रू० की राशि स्वीकृत की गई है।
• बक्सर के आई०टी०आई० प्रशिक्षण केन्द्र एवं मुजफ्फरपुर के एम०आई०टी० कॉलेज में NIELIT की शाखा खोले जाने हेतु लीज के माध्यम से निःशुल्क 1-1 एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया गया है।
• पटना में केन्द्र सरकार के द्वारा स्वीकृत “Development of C-DAC Digital Forensic Centre with Artificial Intelligence based Knowledge Support Tools” परियोजना के क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार की ओर से Matching Grant की राशि 1.95 करोड़ रू० स्वीकृत की गयी है।
विधि विभाग
• बिहार राज्य के विभिन्न जिलों में अवस्थित वकालतखाना के भवनों के निर्माण कार्य व रखरखाव तथा पुस्तकालय हेतु सरकार द्वारा कार्य योजना बनाई जाएगी।
• विधि विभाग द्वारा 171 अधिवक्ताओं को लेख्य प्रमाणक के पद पर नियुक्त किया गया है, इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा बिहार के लिए नोटरियों की स्वीकृत संख्या में 1,000 की वृद्धि की गयी है, जिसके आलोक में नियुक्ति की कार्रवाई की जायेगी।
पर्यटन विभाग
• राजगीर कन्वेंशन सेंटर के तर्ज पर वाल्मीकिनगर में कन्वेंशन सेंटर का निर्माण व गया में पर्यटकीय सुविधाओं के विकास हेतु यात्री निवास का निर्माण, मुंगेर में ऋषि कुंड के पास पर्यटकीय संरचनाओं का निर्माण आदि की योजनायें ली जायेंगी।
• वर्ष 2019-20 के नवम्बर, 2019 में सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरुनाक देव जी के 550 वें प्रकाशोत्सव का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जायेगा।
• घोड़ा-कटोरा क्षेत्र की Eco-sensitivity को देखते हुए करीब 500 से अधिक तांगा चालकों को शत-प्रतिशत अनुदान पर पर्यटन विभाग द्वारा ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की योजना को अन्तिम रूप दिया जा रहा है।
• होटल पाटलिपुत्र अशोक का भारत पर्यटन विकास निगम लि० से बिहार सरकार को 13.50 करोड़ रू० में हस्तान्तरण किया जायेगा तथा शीघ्र ही वहाँ पर नये होटल के निर्माण के लिये RFP आमंत्रित किया जायेगा।
• राजगीर में 20.18 करोड़ रू० एवं मंदार हिल में 8.54 करोड़ रू० की लागत से नए रोप-वे की परियोजना वर्ष 2019-20 में अप्रैल तक पूरी कर ली जायेगी।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
• भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि कलश को प्रदर्शित करने के लिये वैशाली में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का निर्माण सेंड स्टोन से करीब 72.94 एकड़ जमीन पर 300 करोड़ रू० की लागत से वर्ष 2019 में प्रारंभ किया जायेगा। यहां भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि कलश के अलावा उनके जीवन चरित व उपदेशों को प्रदर्शित किया जायेगा।
• चम्पारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष के अवसर पर बेतिया, मोतिहारी एवं मुजफ्फरपुर में दो-दो हजार व्यक्तियों की क्षमता के प्रेक्षागृह का निर्माण कराया जायेगा। बेतिया में 41.19 करोड़ रू० एवं मोतिहारी में 41.22 करोड़ रू० की लागत से वर्ष 2019-20 में निर्माण कार्य प्रारंभ किया जायेगा।
• राज्य के सभी प्रमंडलीय जिला मुख्यालयों में 600-600 लोगों की क्षमता का प्रेक्षागृह-सह-आर्ट गैलरी का निर्माण हेतु दरभंगा में 12.75 करोड़ रू०, सहरसा में 13.30 करोड़ रू०, मुंगेर में 12.04 करोड़ रू० एवं पूर्णियां में 13.59 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है।

सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग

बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना की नई नियमावली प्रारूप तैयार कर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है।
वाणिज्य-कर विभाग
• 1 जुलाई, 2017 से लागू जीएसटी के पूर्व के विवादित वैट से जुड़े मामलों के निष्पादन हेतु कर समाधान योजना, 2019 लायी जायेगी।
• 1.5 करोड़ रू० से कम आवर्त वाले करदाताओं को खाता के संधारण हेतु मुफ्त साफ्टवेयर उपलब्ध कराया जायेगा।
• GST में मालों के मामले में निबंधन हेतु निर्धारित 20 लाख रू० की सीमा को 40 लाख रू० किया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में 40 लाख रू० से कम वार्षिक टर्न ओवर वाले 1.64 लाख करदातों से SGST के मद में 71.66 लाख रू० राजस्व प्राप्त हुआ था। ऐसे करदाता यदि चाहें तो GST के निबंधन से मुक्त हो सकते हैं, परंतु संभावना है कि 50 प्रतिशत से अधिक ऐसा नहीं करेंगे।
• 1 अप्रैल, 2019 से 1 अत्यंत सरल विवरणी (Return) प्रायोगिक तौर पर तथा 1 जुलाई, 2019 से अनिवार्य रूप लागू की जायेगी।
• 50 लाख रू० तक के Turnover वाले छोटे सेवा प्रदाताओं को भी composition योजना का लाभ दिया जायेगा।
• वर्ष 2019-20 से Composition योजना के व्यवसायियों को त्रैमासिक विवरणी के स्थान पर वार्षिक विवरणी भरे जाने की सुविधा दी जायेगी।
परिवहन विभाग
• वाहनों का निबंधन वर्ष 2005-06 में 80,383 से बढ़कर वर्ष 2010-11 में 3.86 लाख तथा वर्ष 2016-17 में 7.63 लाख से 46 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2017-18 में 11.18 लाख हो गया। वर्ष 2018-19 में माह दिसम्बर, 2018 तक कुल 8.42 लाख वाहनों का निबंधन हुआ है, जिनमें 19,262 ट्रक, 2,091 बस, 37,546 कार, 3,170 टैक्सी, 5,165 जीप, 29,497 तीनपहिया वाहन, 6,95,617 दोपहिया वाहन, 28,320 ट्रैक्टर, 12,140 ट्रेलर एवं 10,186 अन्य वाहन शामिल हैं।
• मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के प्रथम चरण में प्राप्त कुल 42,385 आवेदनों के आधार पर अब तक चयनित कुल 11,950 लाभुकों में 6,501 अनुसूचित जाति, 4,678 अत्यन्त पिछड़ा वर्ग एवं 771 अनुसूचित जनजाति समुदाय के लाभुक शामिल हैं। चयनित लाभुकों को अनुदान के वितरण हेतु वर्ष 2018-19 में 159 करोड़ रू० का प्रावधान किया गया है।
262 करोड़ रू० के अतिरिक्त व्यय से वर्ष 2019-20 तक लक्षित लगभग 42,000 परिवारों को अनुदानित वाहन से आच्छादित कर लिया जायेगा। इस योजना को दो वर्षों में राज्य के प्रत्येक पंचायत में लागू कर दिया जायेगा।
• एन.आई.सी. द्वारा विकसित वाहन-4.0 सॉफ्टवेयर के माध्यम से वाहनों का ऑनलाईन निबंधन तथा सारथी-4.0 सॉफ्टवेयर के माध्यम से चालक अनुज्ञप्ति का कार्य राज्य के सभी जिलों में प्रारंभ कर दिया गया है। इससे आमजन को जिला परिवहन कार्यालय में बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं है तथा सभी फीस, टैक्स आदि ओ-ग्रास पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन राज्य सरकार के कोष में जमा किये जा सकते हैं।
एम0 परिवहन (मोबाईल ऐप) के माध्यम से आमजन अपने वाहन का निबंधन एवं चालक अनुज्ञप्ति की विवरणी तथा वाहनों का कर ऑन लाईन भुगतान कर सकते है।
ऑनलाइन परमिट की व्यवस्था सम्प्रति मालवाहक वाहनों के लिए शुरु की गई है जिसे शीघ्र ही यात्री वाहनों के लिए भी प्रारम्भ किया जायेगा।
• डिजीलॉकर ऐप के माध्यम से वाहन स्वामी अपने आर.सी. एवं डी.एल. को इलेक्ट्रॉनिक मोड में अपने मोबाईल में सुरक्षित रख सकते हैं तथा आवश्यकतानुसार इन्हें दिखाया भी किया जा सकता है।
• बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा वर्ष 2018 में सिटी बस सेवा की शुरूआत कर पटना शहर के कुल 12 मार्गों पर 107, गया शहर में 3 और बिहार शरीफ में 2 सिटी बसों का परिचालन किया जा रहा है। इनमें 65 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित है एवं प्रतिदिन इनमें लगभग 50,000 यात्री यात्रा करते हैं। पटना सिटी बस सेवा को केन्द्रीय शहरी एवं आवास मंत्रालय द्वारा Best City Bus Initiative Award, 2018 से पुरस्कृत भी किया गया है।

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग

• राज्य में भू-विवाद की समस्याओं के निदान हेतु जमीन का पैतृक/पारिवारिक बँटवारे से संबंधित दस्तावेजों के निबंधन हेतु निबंधन एवं मुद्रांक शुल्क की देयता को कम करते हुए नियत दर 50 रू० निर्धारित किया गया है।
• राज्य सरकार द्वारा शिक्षा एवं चिकित्सा ऋण के दस्तावेजों पर देय निबंधन शुल्क 2% एवं स्टाम्प ड्यूटी 1% को घटाकर 0.5% कर दिया गया है।

 अतीश दीपंकर