अमेरिका की निगाहें शीतकालीन ओलम्पिक खेलों पर

अमेरिका की निगाहें शीतकालीन ओलम्पिक खेलों पर

लॉस एंजेल्स। अमेरिका सहित दुनिया भर के राजनैतिक पंडितों की इन दिनों उत्तरी कोरिया के शीतकालीन ओलम्पिक खेलों में भाग लेने और उसके खिलाड़ियों के एक ही संयुक्त कोरियाई ध्वज के नीचे उद्घाटन समारोह परेड में हिस्सा लेने पर निगाहें लगी हुई है। इन खेलों में भारत के शिवा केशवन (लूगर स्पर्धा) और जगदीश सिंह (क्रास कंट्री स्कीइंग) में भाग ले रहे हैं। जियो टीवी ने इन खेलों के डिजिटल प्रसारण अधिकार लिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आंखों की किरकिरी बने उत्तरी कोरिया के ‘मिसाइल मैन’ किम जोंग उन ने इन खेलों को भाईचारे के रूप में देखते हुए अपनी बहन किम यो जोंग को बतौर एक विशिष्ठ अतिथि के रूप में भेजा है।

बता दें कि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जाईं-इन ने हज़ारों खेल प्रेमियों के बीच उत्तरी कोरियाई शासक की बहन से दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए सामान्य संबंधों की गुहार की है। अमेरिका में एक वर्ग इस घटना को सुखद पहल के रूप में देख रहा है। तेज़ हवाओं और बर्फ़ानी तापमान में दक्षिण कोरिया के रमणीय स्थल पियोंगचोंग में दो सप्ताह के शीतकालीन ओलिंपिक खेल शुरू हो गए। शुरुआत एक भव्य आतिशबाज़ी से हुई और समापन तीस हज़ार दर्शकों तथा विशिष्ठ अतिथियों की मौजूदगी में स्टेडियम में जगमगाती रोशनी और इस मंत्र के साथ हुआ कि ‘शांति गतिमान’ है।

वहीं उद्घाटन समारोह में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाईं-इन और उत्तरी कोरियाई शासक की बहन किम यो जोंग, जापान के प्रधान मंत्री शिनजो एबे और अमेरिका के उपराष्ट्रपति मैक पेन्स मौजूद थे। इन खेलों में मंच के सम्मुख भव्य परेड में उत्तरी कोरिया और दक्षिण कोरिया के खिलाड़ियों का कोरिया के एक ध्वज के साथ परेड करना लोमहर्षक था। इन खेलों में अमेरिका के सर्वाधिक 242 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

साथ ही ये खेल 9 फ़रवरी से 25 फ़रवरी तक होंगे। इनमें भारत सहित 92 देशों के 2920 एथलीट भाग ले रहे हैं। इन खेलों में 15 खेलों में कुल 102 प्रतिस्पर्धाएँ होंगी। इन खेलों में नार्वे, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और रूस पहले तीन स्थानों पर आते रहे हैं। डोपिंग कारणों से इस बार रूस के खिलाड़ी ओलिंपिक ध्वज के नीचे खेल रहा है। जापान की नोरीयकी कासाई (स्किंग जम्पिंग) पहली महिला हैं जिसे सर्वाधिक आठ शीतकालीन ओलिंपिक खेलों में भाग लेने का अवसर मिला है। यह पहला शीतकालीन खेल हैं, जिसमें पहली बार एक सौ से अधिक स्वर्ण पदक हैं।