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अमेरिका ने कोरोना की दवाई का सारा स्टॉक खरीदा..

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करीब 6 महीने से पूरी दुनिया पर मौत बरसा रहे कोरोना की फिलहाल तो अभी तक कोई भी ऐसी दवाई नहीं बनी है। जिससे कोरोना की महामारी को रोका जा सके। लेकिन फिर भी कुछ ऐसी दवाइयां सामने आयी हैं जो कि, कोरोना के मरीजों पर काफी अच्छे से असर कर रही हैं। और उन्हें ठीक कर रही हैं और इस दवाई का नाम है रेमडेसिवीर।खबरों की माने तो इस दवाई का स्टॉक तैयार होते ही अमेरिका ने पूरा स्टॉक खरीद लिया है।रेमडेसिवीर की जिन खुराक की सप्लाई दुनिया के अलग-अलग देशों में की जानी थी, अमेरिका ने लगभग सारा स्टॉक खुद ही खरीद लिया है। यह दवा अमेरिका की ही कंपनी गिलीड साइंसेज बनाती है।

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डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग ने सोमवार को ऐलान किया कि अमेरिका ने रेमडेसिवीर दवा की बड़ी खरीद की है. इसकी वजह से अब किसी अन्य देश को गिलीड साइंसेज कंपनी से रेमडेसिवीर दवा खरीदने में काफी मुश्किल होगी.
आपको बता दें, कोरोना की दवाई बनाने वाली कंपनी गिलीड साइंसेज ने पहले ही ऐलान किया था कि वह रेमडेसिवीर दवा की 1.2 लाख खुराक अमेरिका को डोनेट कर रही है।

लेकिन अब अमेरिका ने 5 लाख से अधिक ट्रीटमेंट कोर्स की खरीदारी की है जिसका उत्पादन जुलाई में होना है। साथ ही अगस्त और सितंबर में कंपनी जितनी दवा का उत्पादन करेगी, उसमें से भी 90 फीसदी अमेरिका खरीदेगा।कोरोना की सारी वैक्सीन खरीदने के बाद अमेरिका ने कहा है कि वैक्सीन सुरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। अगर कंपनी की वैक्सीन प्रभावी साबित होती है, तो वाशिंगटन को सबसे बड़े प्री-ऑर्डर का अधिकार है, “क्योंकि यह जोखिम लेने में निवेश किया गया है” । इन टिप्पणियों को फ्रांसीसी सरकार से जोरदार प्रतिक्रिया मिली, और बाद में उनके शब्दों को सनोफी के निदेशक, सर्ज वेनबर्ग ने अस्वीकार कर दिया।

इस सौदे ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सचेत करते हुए कहा है कि,”हमारे नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए सहयोगात्मक और सहकारी रूप से काम करना हमारे हितों में है।”आपको बता दें, स्टेरॉयड डेक्सामेथासोन के अलावा, रेमेडिसविर कोरोना के खिलाफ उपचार के रूप में एकमात्र दवा है। इसीलिए ट्रम्प ने अमेरिका के लिए दवा के सभी स्टॉक को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाया है।

डेक्सामेथासोन का 60 साल पहले पता लगाया गया था और ये सस्ते दाम में मिल रही है। और शायद वैक्सीन के आने से पहले दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए एकमात्र विकल्प है। इसीलिए दुनिया के कई हिस्सों में इसका इस्तेमाल हो रहा है।

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हाल के आंकड़ों के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अब तक 2.6 मिलियन से अधिक कोरोना के मामले दर्ज किए हैं, जिसमें 127,000 से अधिक लोग मर चुके हैं।

सौजन्य स्पूतनिक

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