इलाहाबाद हाईकोर्ट की यूपी सरकार को फटकार, कोरोना कुप्रबंधन पर नाराजगी

प्रयागराज: कोरोना से निपटने के लिए प्रदेश सरकार की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की। कोरोना कुप्रबंधन पर यूपी सरकार को फटकार लगाई गई। इसके साथ ही व्यवस्थाओं को और बेहतर करने की भी बात न्यायालय की तरफ से कहीं गए।

12 जिला जजों को बनाया गया नोडल

व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के लिए 12 जिला जजों को नोडल नियुक्त किया गया है। इन्हीं की निगरानी में पूरी व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाएगी, जिसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपनी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यह बात कही गई। इसके साथ ही वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बेहतर करने की सलाह दी गई।

रामभरोसे स्वास्थ्य सुविधाएं

इलाहाबाद हाई कोर्ट की तरफ से कहा गया कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाएं भगवान भरोसे हैं। अगर इस पर सही तरीके से नियंत्रण नहीं लगाया गया तो स्थिति और बिगड़ सकती है। कई जिलों में रिपोर्ट जल्द उपलब्ध करवाने की बात कही गई। जिनमें बिजनौर, बहराइच, बाराबंकी, श्रावस्ती, जबलपुर, मैनपुरी, मऊ, अलीगढ़, एटा, इटावा, फिरोजाबाद, देवरिया जैसे जिले शामिल हैं। इसके साथ ही इन सभी जिलों में शिकायत प्रकोष्ठ का गठन करने का भी निर्देश दिया गया। जहां समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण करने की बात कही गई।

वैक्सीनेशन को जल्दी पूरा करने पर जोर

इलाहाबाद हाई कोर्ट की तरफ से अभी कहा गया कि वैक्सीनेशन को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। आने वाले 3 महीने में सभी को टीका लगवाने की बात भी कही गई। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले से ही ग्लोबल टेंडर जारी कर दिया है। भारी मात्रा में वैक्सीन की आपूर्ति के बाद यह और आसान हो जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आईसीयू और एंबुलेंस की सुविधाओं को और बेहतर करने पर भी जोर देने की बात कही गई।

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