सीलिंग के खिलाफ सारे बाज़ार बंद, रामलीला मैदान में महारैली

नई दिल्ली। दिल्ली में हो रही सीलिंग के खिलाफ व्यापार संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद का बुधवार को व्यापक प्रभाव दिखा। दिल्ली के अधिकांश बाजार पूरी तरह से बंद रहे और सड़को पर भी वाहनों की आवाजाही कम दिखाई दी। बंद का आह्वान दिल्ली के सात लाख से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान एवं 3000 से ज्यादा बाजारों के संघ कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने किया था।

परिजन भी हुए शामिल

कैट का दावा है कि दिल्ली व्यापार बंद के अंतर्गत बाजार पूरी तरह से बंद रहे और कोई भी कारोबार नहीं हुआ। बंद के दौरान ही दिल्ली के रामलीला मैदान में व्यापारियों के एक महारैली हुई। इसमें व्यापारियों के अलावा उनके परिवार की महिलाओं ओर बच्चों एवं उनके कर्मचारियों ने भी भाग लिया। सीलिंग के प्रति विरोध जताते हुए आज व्यापारियों ने अपने बच्चों को स्कूल एवं कॉलेज भी नहीं भेजा।

कैट के अनुसार, पिछले तीन महीनों में सीलिंग के कारण दिल्ली के व्यापार में लगभग 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। बुधवार को बुलाए गए दिल्ली बंद से भी लगभग 1800 करोड़ का व्यापार प्रभावित हुआ है, जबकि सरकार को लगभग 250 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि हुई है। यदि यही हाल चलता रहा तो बहुत जल्दी दिल्ली का व्यापार बदहाल हो जाएगा और दिल्ली की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी।

न अपील न दलील, किया जा रहा है जलील

रामलीला मैदान में हुई रैली में दिल्ली के सभी क्षेत्रों व व्यापार संगठनों से आये हजारों लोग शामिल हुए। वे सब जबरदस्त नारेबाजी करते हुए मॉनिटरिंग कमेटी के मनमाने रवैये के खिलाफ रोष प्रकट कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मॉनिटरिंग कमेटी दिल्ली में एक गैरजिम्मेदार अतिरिक्त प्रशासनिक अथॉरिटी के रूप में काम कर रही है।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और रैली के संयोजनक प्रवीण खंडेलवाल ने कहा की सीलिंग के मामले में कानूनी प्रक्रिया का कतई पालन नहीं किया जा रहा । न कोई दलील, न अपील और न कोई वकील, व्यापारियों को सीलिंग के नाम पर सरेआम जलील किया जा रहा है । नगर निगम न कोई कारण बताओ नोटिस देता है और न ही व्यापारियों को अपने बचाव का पक्ष रखने का मौका देता है । यहां तक की अपील ट्रिब्यूनल और दिल्ली के उपराजयपाल के पास अपील करने का अधिकार भी छीन लिया गया है। सीलिंग की आड़ में दिल्ली में लोकतंत्र का मखौल उड़ाया जा रहा है।

यह सब बाजार बंद

आज के दिल्ली व्यापार बंद में दिल्ली के प्रमुख बाज़ार कनाट प्लेस, चांदनी चौक, करोल बाग़, सदर बाजार, कमला नगर, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, खारी बावली , भागीरथ पैलेस, लाजपत राय मार्किट, नई सड़क, नया बाज़ार ,खान मार्किट, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश, डिफेन्स कॉलोनी, अमर कॉलोनी, लाजपत नगर, कालकाजी, तुग़लक़ाबाद, मदनगीर,हौज़ ख़ास, युसूफ सराय ,ग्रीन पार्क एवं दक्षिणी दिल्ली के सभी प्रमुख मार्किट, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, उत्तम नगर, नारायणा, पटेल नगर, कीर्ति नगर एवं पश्चिमी दिल्लीके अन्य बाजार, अशोक विहार, मॉडल टाउन, शालीमार बाग़, पीतमपुरा, रोहिणी एवं उत्तरी दिल्ली के अन्य मार्किट, पहाड़गंज, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, जगतपुरी, कृष्णा नगर, गांधी नगर, शाहदरा, मंडोली, लोनी रोड, मयूर विहार पूर्ण रूप से बंद रहे।

दूसरी ओर सीमेंट, पेंट, लोहा, हार्डवेयर, प्लाईवुड, मार्बल, मशीनरी, रेफ्रिजरेशन , सर्जिकल, फर्निशिंग, पेपर एवं स्टेशनरी, रबर प्लास्टिक, एफएमसीजी वितरक, ब्यूटी कास्मेटिक आदि के दिल्ली स्तरीय संगठन भी व्यापार बंद में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्वर्ण कारीगर, फेब्रिकेशन एवं के कारीगरों ने भी व्यापार बंद ओर रैली मैं शामिल हुए। दिल्ली के ट्रांसपोर्ट संगठनों ने भी व्यापारियों की हड़ताल का समर्थन किया है, जिसके कारण ट्रांसपोर्ट कंपनियां भी आज बंद रहीं।