अक्षय तृतीया के दिन करे यें काम होगा शुभ

अक्षय तृतीया के दिन करे यें काम होगा शुभ

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का एक खास अलग महत्व होता हैं कहते हैं कि इस दिन कुछ विशेष कम करने से क्षय तृतीया का महत्व और ज्यादा बढ़ जाता हैं। इसे आखा तीज के नाम से भी जाना जाता हैं।। आखा तीज या अक्षय तृतीया हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को ही कहते हैं। इस बार यें अक्षय तृतीया 18 अप्रैल को पढ़ रही हैं। अगर आपको भी कोई शुभ कार्य करना हैं तो आप इस दिन कर सकते हैं क्योकि यें बहुत ही शुभ होता हैं इस दिन कोई भी कार्य आप करेगें तो वो बेहद ही शुभ होगा। इस बार सूर्योदय पूर्व से लेकर रात्रि में 3:03 बजे तक अक्षय तृतीया रहेगी. वैसे तो कहा जाता है कि हर महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीय शुभ होती है, लेकिन अक्षय तृतीया का खास महत्व है।

 

 

बता दे कि अक्षय का शाब्दिक अर्थ होता है कि जिसका कभी क्षय ना हो अर्थात हमेशा स्थाई बना रहे। स्थाई वहीं रह सकता जो सर्वदा सत्य है। यह बातें निश्चित रूप से कही जा सकती है कि सत्य केवल परमात्मा ही है जो अक्षय, अखंड और व्यापक है। यह अक्षय तृतीया तिथि ईश्वर तिथि है। यह अक्षय तिथि परशुराम जी का जन्मदिन होने के कारण परशुराम तिथि भी कही जाती है।

कहते हैं कि इस दिन जो ग्रह होते हैं उऩका शुभ संयोग बनता हैं।

इस दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशि में होते है। बता दे कि साल में सिर्फ एक दिन ये संयोग बनता है। सूर्य, मेष में होता है और चंद्रमा वृषभ में होता है। शास्त्रों में सूर्य को हमारा प्राण और चंद्रमा को हमारा मन माना गया है। सूर्य और चंद्रमा का संबंध बनने की वजह से ये तिथि बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए इस दिन जो भी काम किया जाए उसका फल दोगुना और कभी न खत्म होने वाला होगा।

करें ये शुभ कार्य :

अक्षय तृतीया को शादी, गृह-प्रवेश, कपड़े और जेवर की खरीददारी या घर, जमीन, गाड़ी की खरीददारी से जुड़े काम किए जा सकते हैं। इस दिन नया कपड़ा, जेवर पहनना और नई संस्था और काम का उद्घाटन शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन पितृ पक्ष को किया गया तर्पण और पिंडदान या किसी भी तरह का दान अक्षय फल देता है। इस दिन किया गया गंगा स्नान और पूजन सभी पापों को नष्ट करता है। सम्पन्नता की कामना हर इंसान को होती है. इसी वजह से इस दिन सोना खरीदने से वह अक्षय मतलब कभी न खत्म होने वाला होगा।
अक्षय तृतीया को किया गया जप, तप, हवन, पूजा, दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन हमें सद्गुणों के लिए प्रार्थना करनी चाहिए और जाने अनजाने में किए गए पापों की क्षमा याचना करनी चाहिए। तो अगर आपव किसी काम को करने का प्यान बना रहे थे लेकिन किसी शुभ समय का इंतेजार कर रहे थे तो यें समय आपके लिए बिल्कुल सही हैं। तो बिना सोचे समझे इस दिन उस काम को कर डालिए और देखिए उशका प्रभाव…।