akhilesh yadav (3)

लखनऊ। लाल टोपी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पलटवार किया है। उन्होंने पूछा कि सीएम लाल टोपी से क्यों डरते हैं। उनकी तो खुद की लाल टोपी लगाए तमाम तस्वीरें हैं।

बुधवार की दोपहर पत्रकारों से मुखातिब अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी यूपी की सरकार दिल्ली सरकार की नकल करती है।  ऐसे ही कृषि बिल को लोक सभा में पारित होने के बाद यूपी में किया। बीजेपी यूपी सदन में बहुमत के खिलाफ़ जाकर बिल पास कराए।

आज सदन में यूपी सीएम का भाषण सुन रहा था तो लग रहा था कि पिछले चार साल में दायरे में रहकर काम किया है। मैं कहना चाहता हूं कि बीजेपी सरकार से जितना नुकसान भारतीय लोकतंत्र का किया है उतना किसी ने नहीं किया है।

जिस तरह से राज्यसभा में केंद्र में भाजपा सरकार ने बहुमत न होते हुए बिल पास करा लिए उसी तरह से उप्र की सरकार ने किया है। बहुमत को दबाकर उप्र में सरकार ने बिल पास किया है। यह सरकार उत्तर प्रदेश की सरकार का अपमान कर रही है।

जैसे दिल्ली की सरकार 5 ट्रिलियन अर्थव्यस्था की बात कर रही है वैसे ही नकल रहते हुए उप्र की सरकार ने 1 ट्रिलियन की बात की थी। इस बार किसी ने नाम नहीं लिया। न केंद्र सरकार ने 5 ट्रिलियन की बात की और उप्र की सरकार ने 1 ट्रिलियन की बात की।

ये लोग सतत विकास की बात करते हैं पर ये कर रहे हैं अर्थव्यवस्था के लिए, इंफ्रा के लिए क्या किया, विकास के लिए क्या किया।  कोई बड़ा विकास दिख रहा हो तो बताइए। जो लोग संकल्प पत्र को भूल गए उस सरकार से क्या उम्मीद करेगें आप।

अखिलेश सरकार ने कहा, यह पहली सरकार है जो शिलान्यास का शिलान्यास करती है, उद्घाटन का उद्घाटन करती है। सरकार ने इन्वेस्टर समिट की। उसे लोगों को बताना चाहिए कि यूपी में कितना निवेश आया। सरकार बताए कि उसकी समिट से जनता को क्या फायदा हुआ। कितने नए उद्योग लगे और कहां-कहां पर।

उन्होंने सीएम पर निशाना साधा। बोले, वो सदन में कह रहे हैं कि पटककर मारना चाहिए – ये सरकार के मुखिया की भाषा है। क्या एक मुखिया को ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।

यहां पर सबसे बड़ा प्रोजेक्ट हैं एक्सप्रस वे का, क्या उनके संकल्प पत्र में ये सब था। सीएम के मुंह में पटलकर मारना, ठोंकना आता है पर बिजली, थर्मल प्लांट जैसे शब्द नहीं आते हैं।

क्या covid19 में सरकार ने श्रमिकों की मदद की थी? क्या उनको खाना दिया था? क्या सरकार को याद है की covid lockdown की वजह से कितने लोगों की जान गई, क्या सरकार ने अपना दुख जताया कभी सदन में?  90 लोगों की जान गई यूपी में covid19 में, समाजवादी सरकार ने उन 90 परिवारों की मदद की और 1 लाख की आर्थिक सहायता दी।

आप अपने स्टेडियम की चिंता करिए, हमने लखनऊ के स्टेडियम का नाम भगवान विष्णु के नाम पर रखा था। भगवान से आगे किसी नेता का नाम नहीं हो सकता। हम तो कहते हैं की हट जाओ सरकार से। हम 9 महीने में एक और स्टेडियम बना देंगे।

यूपी GOVT का सबसे बड़ा अचीवमेंट है की इनकी दुबारा सरकार नहीं आएगी,डीज़ल पेट्रोल का मुआवजा कहां जा रहा है सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। माफिया के बयान पर उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री खुद ही बताएं कि आज तक ऐसे कुल कितने मुख्यमंत्री हुए हैं, जिन्होंने खुद पर लगे मुकदमे वापस लिए हैं।

तस्वीरें: महिला कमांडो के बीच सीएम त्रिवेंद्र रावत

Previous article

किसान सम्मान निधि योजना में यूपी का बोलबाला, केंद्र सरकार से मिला पत्र

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.